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Ghaziabad News: मनी लॉन्ड्रिंग केस में बिल्डर अनिल मिठास को भेजा जेल
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गाजियाबाद कोर्ट में पेशी के लिए आया अनिल मिठास। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक और बिल्डर अनिल मिठास को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज जेल दिया है। बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें अदालत में पेश किया था, जहां रिमांड अवधि पूरी होने पर अदालत ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।
ईडी ने अनिल मिठास को 17 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से 24 अप्रैल तक ईडी की रिमांड पर भेजा गया था। इस दौरान उनसे लखनऊ स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ की गई, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि अनिल मिठास जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।
अनिल मिठास पर नोएडा और मेरठ में फ्लैट देने के नाम पर निवेशकों से करीब 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने और कंपनी की संचालक उनकी पत्नी मधु मिठास ने निवेशकों की राशि को अन्य योजनाओं और अन्य जगहों पर निवेश किया।
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अरण्या प्रोजेक्ट के जरिए किया निवेश
कंपनी ने नोएडा में अरण्या नामक हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट के तहत फ्लैट बेचने के नाम पर विभिन्न स्कीमों से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया गया, लेकिन तय समय पर फ्लैट नहीं मिलने पर निवेशकों ने धोखाधड़ी के मामले दर्ज कराए।शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसआईटी को सौंपी थी। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की। ईडी अब न्यायिक हिरासत के दौरान अनिल मिठास से जुड़े वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की गहराई से पड़ताल करेगी।
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गाजियाबाद। उन्नति फॉर्च्यून होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक और बिल्डर अनिल मिठास को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज जेल दिया है। बृहस्पतिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें अदालत में पेश किया था, जहां रिमांड अवधि पूरी होने पर अदालत ने उन्हें जेल भेजने का आदेश दिया।
ईडी ने अनिल मिठास को 17 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से 24 अप्रैल तक ईडी की रिमांड पर भेजा गया था। इस दौरान उनसे लखनऊ स्थित ईडी कार्यालय में पूछताछ की गई, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि अनिल मिठास जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे।
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अनिल मिठास पर नोएडा और मेरठ में फ्लैट देने के नाम पर निवेशकों से करीब 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि उन्होंने और कंपनी की संचालक उनकी पत्नी मधु मिठास ने निवेशकों की राशि को अन्य योजनाओं और अन्य जगहों पर निवेश किया।
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अरण्या प्रोजेक्ट के जरिए किया निवेश
कंपनी ने नोएडा में अरण्या नामक हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू किया था। इस प्रोजेक्ट के तहत फ्लैट बेचने के नाम पर विभिन्न स्कीमों से लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया गया, लेकिन तय समय पर फ्लैट नहीं मिलने पर निवेशकों ने धोखाधड़ी के मामले दर्ज कराए।शासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसआईटी को सौंपी थी। एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की। ईडी अब न्यायिक हिरासत के दौरान अनिल मिठास से जुड़े वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की गहराई से पड़ताल करेगी।