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Ghaziabad News: नौंवी के छात्र और उसके दोस्त के शवों को किया सुपुर्द-ए-खाक
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मसूरी। हापुड़ के धौलाना थाना क्षेत्र में बृहस्पतिवार की देर रात अज्ञात वाहन की टक्कर लगने से बाइक सवार दो दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों की पहचान मसूरी थाना क्षेत्र के असलम कालोनी मयूरविहार निवासी शाहबाज(18) और जैद(14) के रूप में हुई। दोनों पड़ोसी और अच्छे दोस्त थे। जैद कक्षा नौ का छात्र था और शाहबाज मोबाइल की दुकान पर काम करता था। मेडिकल परीक्षण के बाद शुक्रवार को दोनों के शवों को जिला कारागार के नजदीक कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किए गए।
मयूरविहार निवासी शाहबाज और जैद अपाची बाइक पर सवार होकर पिपलैड़ा गांव जा रहे थे। जब उनकी बाइक न्यू लाइफ हॉस्पिटल के नजदीक मोड़ पर पहुंची तो गुलावठी की ओर से आए ओवरलोड कैंटर ने दोनों को कुचल दिया। जिन्हें न्यू लाइफ हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे के बाद चालक कैंटर छोड़कर मौके से भाग गया। हादसे के बाद से मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। शाहबाज और जैद दोनों पड़ौसी थे और आपस में अच्छे दोस्त थे। शाहबाज डासना में मोबाइल शाप पर काम करता था जबकि जैद अभी 9वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। शाहबाज तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था और जैद दो भाइयों में छोटा था, जैद के पिता अनीस की भी सड़क दुर्घटना में 3 वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। शुक्रवार को दोनों के शव मेडिकल परीक्षण के बाद कॉलोनी में पहुंचे और हजारों लोगों ने उनको नम आंखों से जेल के पास कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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मयूरविहार निवासी शाहबाज और जैद अपाची बाइक पर सवार होकर पिपलैड़ा गांव जा रहे थे। जब उनकी बाइक न्यू लाइफ हॉस्पिटल के नजदीक मोड़ पर पहुंची तो गुलावठी की ओर से आए ओवरलोड कैंटर ने दोनों को कुचल दिया। जिन्हें न्यू लाइफ हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया। हादसे के बाद चालक कैंटर छोड़कर मौके से भाग गया। हादसे के बाद से मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। शाहबाज और जैद दोनों पड़ौसी थे और आपस में अच्छे दोस्त थे। शाहबाज डासना में मोबाइल शाप पर काम करता था जबकि जैद अभी 9वीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। शाहबाज तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था और जैद दो भाइयों में छोटा था, जैद के पिता अनीस की भी सड़क दुर्घटना में 3 वर्ष पहले मृत्यु हो गई थी। शुक्रवार को दोनों के शव मेडिकल परीक्षण के बाद कॉलोनी में पहुंचे और हजारों लोगों ने उनको नम आंखों से जेल के पास कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
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