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यूपी में भाजपा बनाम भाजपा: यहां हुईं दो महापंचायतें, विधायक के पक्ष व विपक्ष में जुटीं कई गांवों की बिरादरियां
Mon, 14 Sep 2026 10:07 AM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Mon, 14 Sep 2026 10:07 AM IST
सार
गाजियाबाद के लोनी में भाजपा बनाम भाजपा देखने को मिल रही है। लोनी विधायक के पक्ष और विपक्ष में दो महापंचायतें हुईं। महापंचायतों में क0ई गांवों की बिरादरियां जुटीं। इस दौरान आरोप-प्रत्यारोप लगे। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस अलर्ट है। 1000 लोग पाबंद हैं। पांच सितंबर को लोनी के दो नंबर स्थित एक रेस्टोरेंट में भाजपा नेता अनिल कसाना ने हाजी सलमान द्वारा हिंदू युवक से मारपीट के बाद बिगड़े माहौल को लेकर प्रेसवार्ता रखी थी। इसके बाद ही भाजपा नेताओं में विवाद बढ़ गया।
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BJP vs BJP in Ghaziabad
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
गाजियाबाद जिले के लोनी में एक प्रेसवार्ता से शुरू हुआ विवाद अब भाजपा बनाम भाजपा की जंग बन गया है। रविवार को भी दोनों पक्षों ने अलग-अलग महापंचायत कर शक्ति प्रदर्शन किया। दोनों जगह आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए। इसके बाद लोनी में सियासी माहौल पूरी तरह से गरमा गया है।
क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस अलर्ट पर है। करीब 1000 लोगों को शांति व्यवस्था के लिए पाबंद किया गया है। वहीं, संगठन ने इसे दोनों पक्षों का आपसी मामला बताया है।
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क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस अलर्ट पर है। करीब 1000 लोगों को शांति व्यवस्था के लिए पाबंद किया गया है। वहीं, संगठन ने इसे दोनों पक्षों का आपसी मामला बताया है।
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नंदकिशोर के समर्थन में 36 बिरादरियों के जुटने का दावा
सिरौली गांव स्थित एक स्कूल में रविवार को लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के समर्थन में महापंचायत बुलाई गई। इसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आयोजकों ने दावा किया कि यह 36 बिरादरियों की हिंदू महापंचायत है। इसमें हाल की आपराधिक घटनाओं, सामाजिक विवाद और कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। महापंचायत में तीन अहम प्रस्ताव पास किए गए।
सिरौली गांव स्थित एक स्कूल में रविवार को लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के समर्थन में महापंचायत बुलाई गई। इसमें आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। आयोजकों ने दावा किया कि यह 36 बिरादरियों की हिंदू महापंचायत है। इसमें हाल की आपराधिक घटनाओं, सामाजिक विवाद और कानून-व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। महापंचायत में तीन अहम प्रस्ताव पास किए गए।
पहला प्रस्ताव था कि 36 बिरादरियां पूरी तरह से विधायक नंदकिशोर गुर्जर के साथ है। दूसरा प्रस्ताव विधायक का विरोध करने वाले भाजपा नेताओं की जांच को लेकर था, जिसमें कहा गया कि जो लोग पार्टी में रहकर विधायक का विरोध कर रहे हैं, उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए।
तीसरे प्रस्ताव में सामाजिक विवादों के समाधान के लिए 51 सदस्यीय समिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो क्षेत्र में होने वाले सामाजिक विवादों को आपस में बैठकर सुलझाएगी। लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि वह हिंदुत्व और गौरक्षा के मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि लोनी की शांति खराब करने वालों का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महापंचायत में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हाजी सलमान के मामले में कुछ नेताओं ने लखनऊ में विपक्ष के मुखिया से वार्ता कर लोनी विधायक की हत्या की योजना बनाई थी।
कसाना के पक्ष में 12 गांवों की पंचायत
लोनी विधायक के विरोध व भाजपा नेता अनिल कसाना के पक्ष में रिस्तल गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें कोतवालपुर, राजपुर, भूपखेड़ी, धारीपुर, सिरोरा, रेवड़ी, गढ़ी कलजरी, जावली, रिस्तल, महमूदपुर, शकलपुर और सीती समेत 12 गांवों के लोग शामिल हुए।
लोनी विधायक के विरोध व भाजपा नेता अनिल कसाना के पक्ष में रिस्तल गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें कोतवालपुर, राजपुर, भूपखेड़ी, धारीपुर, सिरोरा, रेवड़ी, गढ़ी कलजरी, जावली, रिस्तल, महमूदपुर, शकलपुर और सीती समेत 12 गांवों के लोग शामिल हुए।
वक्ताओं ने कहा कि विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने समाज के लोगों के साथ अभद्रता की है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोनी की पहचान सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे के लिए रही है, लेकिन विधायक के आचरण से इस भाईचारे को नुकसान पहुंच रहा है।
लोनी विधायक के कथित आचरण के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पेश किया गया और भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से कार्रवाई की मांग की गई। सभा में लोगों ने सामाजिक सौहार्द, शांति और भाईचारा कायम रखने का संकल्प लिया। अनिल कसाना ने कहा कि यह मामला चुनाव या राजनीति का नहीं है। यह समाज के सम्मान का मामला है। आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।
लोगों की भी हो रही निगरानी
डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि करीब 1000 लोगों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जो क्षेत्र का माहौल खराब कर सकते हैं। वहीं, पंचायतों और अन्य कार्यक्रमों में शामिल लोगों की भी निगरानी की जा रही है। लोनी में हुई पंचायतों को लेकर कोई अलग से फोर्स तैनात नहीं की गई थी, स्थानीय पुलिस निगरानी रख रही थी।
डीसीपी देहात सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि करीब 1000 लोगों को शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पाबंद किया गया है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जो क्षेत्र का माहौल खराब कर सकते हैं। वहीं, पंचायतों और अन्य कार्यक्रमों में शामिल लोगों की भी निगरानी की जा रही है। लोनी में हुई पंचायतों को लेकर कोई अलग से फोर्स तैनात नहीं की गई थी, स्थानीय पुलिस निगरानी रख रही थी।
दोनों पक्षों का आपसी मामला है। पार्टी से जुड़ा कोई विवाद नहीं है। इस संबंध में हाईकमान को जानकारी दी गई है। चैनपाल सिंह, जिला अध्यक्ष, भाजपा
यह है पूरा मामला
पांच सितंबर को लोनी के दो नंबर स्थित एक रेस्टोरेंट में भाजपा नेता अनिल कसाना ने हाजी सलमान द्वारा हिंदू युवक से मारपीट के बाद बिगड़े माहौल को लेकर प्रेसवार्ता रखी थी। इस प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक और सपा नेता जाकिर अली समेत अन्य लोग शामिल हुए थे। प्रेसवार्ता के बाद वहां लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर पहुंच गए, जहां अनिल कसाना और उनके बीच तीखी बहस और विवाद हो गया।
पांच सितंबर को लोनी के दो नंबर स्थित एक रेस्टोरेंट में भाजपा नेता अनिल कसाना ने हाजी सलमान द्वारा हिंदू युवक से मारपीट के बाद बिगड़े माहौल को लेकर प्रेसवार्ता रखी थी। इस प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक और सपा नेता जाकिर अली समेत अन्य लोग शामिल हुए थे। प्रेसवार्ता के बाद वहां लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर पहुंच गए, जहां अनिल कसाना और उनके बीच तीखी बहस और विवाद हो गया।
इस मामले में विधायक का अनिल कसाना समेत प्रेसवार्ता में मौजूद नेताओं को गाली देने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद विधायक ने गाली देने से इनकार किया था। इस घटनाक्रम के बाद से विवाद और बढ़ गया और क्षेत्र में भाजपा के ही विधायक और नेताओं के बीच पंचायतों का दौर शुरू हो गया।