गाजियाबाद: हिंडन किनारे बनेगा बायो डायवर्सिटी पार्क, प्रवासी परिंदों को मिलेगा ठिकाना
गाजियाबाद के हिंडन में बायो डायवर्सिटी पार्क बनाया जाएगा। जीडीए विकसित करेगा जैव विविधता पार्क। पक्षियों के लिए पार्क में बनाई जाएगी विशेष झील
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शहर गाजियाबाद के बढ़ते प्रदूषण पर लगाम, विद्यार्थियों को वन्य जीव प्रणाली के बारे में शिक्षित करने के साथ प्रवासी परिंदों को ठिकाना उपलब्ध कराने के लिए हिंडन किनारे बायो डायवर्सिटी पार्क (जैव विविधता) विकसित होगा। पार्क सिटी फॉरेस्ट के पास हिंडन किनारे सिंचाई विभाग की जमीन पर विकसित होगा। पार्क की जमीन के लिए जीडीए ने सिंचाई विभाग को पत्र लिखा है। पार्क में हिंडन किनारे विलुप्त होने की कगार पर पहुंचे पौधों को खोजकर लगाया जाएगा। प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) पर मंथन शुरू हो गया है। जमीन मिलते ही विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर काम शुरू कर दिया जाएगा।
बायो डायवर्सिटी पार्क को संरक्षित रिजर्व वन की श्रेणी में रखा जाएगा। पार्क में प्रदूषण के तत्वों को सोखने की क्षमता रखने वाले पौधों की अधिकता होगी। पार्क में ऐसे पौधों को भी उगाया जाएगा, जो कि मिट्टी में मौजूद प्रदूषित तत्वों को भी अवशोषित कर सकें।
संरक्षित रिजर्व वन की श्रेणी में होगा, गाइड की मिलेगी सुविधा
पार्क में विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाने केलिए पॉकेट तैयार की जाएंगी। यहां आम लोगों को बगैर इजाजत जाने की सुविधा नहीं होगी। विभिन्न पौधों के जीवन चक्र को समझाने के लिए पार्क में गाइड की सुविधा छात्रों और पर्यावरण प्रेमियों को मिलेगी।
विशेष झील में जुटेंगे प्रवासी पक्षी
जैव विविधता पार्क में प्रवासी पक्षियों को ठिकाना उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष झील विकसित की जाएगी। इस झील के आसपास प्रवासी पक्षियों को आकर्षित करने वाले पौधे लगाए जाएंगे। पौधों में कंटीले और झुंड वाली प्रजातियों के पौधों को शामिल किया जाएगा। झील की सुंदरता बढ़ाने को पौधों के अलावा आकर्षक लैंड स्केपिंग भी की जाएगी।
50 प्रजाति की लगेंगी घास, कैंटीन-झूले नहीं होंगे
पार्क की विभिन्न पॉकेटों में 50 प्रजातियों की घास लगाई जाएगी। इनमें बड़े पक्षियों, छोटे पक्षियों और विभिन्न प्रजातियों के पौधों को बढ़ने में सहायक घास लगाया जाएगा। वन्य जीवों को नुकसान नहीं पहुंचे, इसके लिए पार्क में कोई कैंटीन और झूलों की व्यवस्था नहीं होगी। केवल आम लोगों को बैठने के लिए बैंच की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित होगा
जीडीए के उद्यान प्रभारी शशि कुमार भारती ने बताया कि जैव विविधता पार्क का उद्देश्य पर्यावरण वन्य जीव को संरक्षित करने, विलुप्त होते जा रहे पौधों को लगाने और विद्यार्थियों व पर्यावरण प्रेमियों को शिक्षा की दृष्टि से उनका पूरा जीवन चक्र की जानकारी देना है। छात्र-छात्राओं को जानकारी देने के उद्देश्य से पार्क में नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित किया जाएगा।