फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Banks continue to shortage of cash in

बैंकों में कैश की किल्लत बरकरार

Sat, 03 Dec 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद Updated Sat, 03 Dec 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन
Banks continue to shortage of cash in
बैंक के बाहर लगी भीड़ - फोटो : अमर उजाला
500 व 1000 के नोट बंद होने के बाद से बैंकों में कैश की कमी बरकरार है। शुक्रवार को नोट बंदी का 25 वां दिन रहा। इसके बाद भी लोगों की परेशानी कम नहीं हुई। बैंकों के बाहर बड़ी संख्या में भीड़ रही। कई बैंकों में कैश था नहीं और जहां कैश था, वहां जरूरत के मुताबिक रकम नहीं मिली।
विज्ञापन


बैंकों में शुक्रवार को भी पर्याप्त कैश नहीं था। इसके साथ ही शनिवार को कैश आने की संभावना कम है और  फिर रविवार की छुट्टी है। आरबीआई से शनिवार को कैश नहीं आया तो सोमवार को स्थिति विस्फोटक हो सकती है। उधर, पेंशन धारक शुक्रवार को भी कैश लेने के लिए लाइनों में खड़े नजर आए।
विज्ञापन


पीएनबी में लोगों को पांच हजार दिए गए। जबकि एसबीआई में 10 से 15 हजार तक वितरित किए गए। बुजुर्गों का कहना था कि बैंक प्रबंधन बुजुर्गों और दिव्यांगों की लाइनें अलग से नहीं लगवा रहा है, जिसकी वजह से उन्हें दिक्कत हो रही है। उधर,  एटीएम ने भी साथ नहीं दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


शहर में कुछ एटीएम से ही कैश निकल रहा है। एसबीआई की नवयुग मार्केट स्थित ब्रांच के साथ, कविनगर, कलेक्ट्रेट, संजय नगर ब्रांच के एटीएम से लोगों ने कैश लिया। सेंट्रल बैंक, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम भी कुछ घंटों के बाद बंद हो गए।

 पेट्रोल पंपों पर 500-100 के पुराने नोट बंद
सरकार के आदेश के बाद पेट्रोल पंपों पर 500-1000 के पुराने नोट शुक्रवार की आधी रात के बाद से स्वीकार किए जाने बंद हो गए। जिन लोगों के पास पुराने नोट थे, उन्हाेंने आधी रात के पहले ही लाइन में लग कर अपने वाहनों में पेट्रोल भरवाया।

पेट्रोल पंप ओनर जयवीर सिंह का कहना है कि शनिवार मुसीबत बढ़ जाएंगी। लोगों के पास नए नोट नहीं हैं और पुराने नोट लेकर आने पर ईंधन मिलेगा नहीं। 

 गाजियाबाद के लिए 250 करोड़ रुपये आने की अफवाह उड़ी
गाजियाबाद के बैंकाें के लिए आरबीआई से 250 करोड़ रुपये आने की अफवाह भी शुक्रवार को उड़ी। हालांकि इस बारे में एसबीआई के रीजनल मैनेजर एसके गोयल ने बताया कि अगर आरबीआई से धनराशि आती तो उसका बड़ा हिस्सा एसबीआई की करेंसी चेस्ट में रखा जाता जबकि ऐसा नहीं हुआ है। 

- नए वाहनों के पंजीकरण गिरा 
नोटबंदी के बाद से आरटीओ कार्यालय में नए वाहनों का पंजीकरण काफी कम हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक करीब 40 फीसदी तक पंजीकरण में गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में जब नए नोटों का फ्लो तेज होगा, तभी ही वाहनों का पंजीकरण बढ़ने की उम्मीद है। 

- बीएसएनएल अधिकारी, कर्मचारी बैंक से नहीं निकाल पा रहे वेतन
बीएसएनएल के अधिकारी व कर्मचारी अपने बैंक खाते से वेतन नहीं निकाल पा रहे हैं। वेतन निकालने केलिए वे पिछले तीन दिन से आरडीसी स्थित आईडीबीआई शाखा का चक्कर काट रहे हैं। मार्केटिंग हेड कर्मवीर नागर ने बताया कि आरडीसी स्थित आईडीबीआई की शाखा में बीएसएनएल के 243 कर्मचारियों और अधिकारियों का खाता है।

सभी का वेतन माह की अंतिम तारीख को ही खाते में आ गया है। वेतन का मैसेज मिलने के बाद सभी लोग तीन दिन से बैंक पहुंच रहे हैं लेकिन पैसा नहीं मिल रहा है। बीएसएनएल कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हीं के वेतन के पैसे से बैंक प्रबंधक अंदर खाने अपने लोगों को पैसे दे रहे हैं। 

गाजियाबाद की 20 प्रतिशत जनता निरक्षर कैसे करे पेटीएम
एक ओर इंटरनेट बैंकिंग और कैशलैस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने की बात की जा रही है लेकिन साक्षरता दर के आंकड़े इस मुहिम पर सवाल उठा रहे हैं। एनसीआर के करीब गाजियाबाद में अभी भी 20 प्रतिशत जनता निरक्षर है, ऐसे में, पेटीएम का इस्तेमाल कर पाने पर सवाल उठ रहे हैं।

वर्ष 2011 में साक्षरता दर निकालने के लिए प्रशासन की ओर से कराए गए सर्वे के मुताबिक सात वर्ष और इससे अधिक लोगों की कुल जनसंख्या 2839385 थी। इनमें से कुल 2312679 लोग साक्षर पाए गए जबकि 526706 लोग निरक्षर मिले। ऐसे में, जनपद को कैशलैस बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। 

बैंक में अंदर घुसने के लिए पुलिस से धक्का मुक्की
 कैश की किल्लत को लेकर बैंकों पर हंगामे की घटनाएं रुक नहीं रही। मुरादनगर में एक बैंक केअंदर घुसने को लेकर हंगामा हो गया। उधर, मोदीनगर में लोगों को अपनी बारी आने के लिए दो से तीन दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।

मुरादनगर स्थित ओबीसी बैंक में कैश लेने के लिए आए एक युवक ने अंदर जाने की कोशिश की। तभी लाइन में लगे दूसरे युवक ने इसका विरोध किया। इस बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। मामला मारपीट तक पहुंच गया।

मौके पर मौजूद पुलिस ने युवकों को छुड़ाने का प्रयास किया। लोगों ने पुलिस के साथ भी धक्का मुक्की की। एसएसआई आरके वशिष्ट ने लोगों को समझा कर शांत किया। वहीं मोदीनगर के कई बैंकों में कैश की किल्लत अभी भी बनी हुई है।

नाहली निवासी हसरत अली ने बताया कि वह पीडब्ल्यूडी का कर्मचारी है। सिंडीकेट बैंक में उसकी सैलरी आती है। दो दिन से बैंक के चक्कर काट रहा है मगर उसे रुपये नहीं मिले।


गदाना निवासी मनोज नेहरा ने बताया कि दो दिन पहले केनरा बैंक से टोकन मिला था। जिसका भुगतान उसे आज हुआ है। सिंडीकेट, इलाहाबाद तथा केनरा बैंक में भुगतान की स्थिति काफी दयनीय है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed