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Ghaziabad: बैंक में 1.92 करोड़ की जालसाजी, अधिकारियों ने फर्जी दस्तावेज लगा दो लोगों के खातों से निकाले पैसे

Sat, 10 Sep 2022 07:46 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: विजय पुंडीर Updated Sat, 10 Sep 2022 07:46 AM IST
सार

1.92 करोड़ की जालसाजी का पता तब चला जब खाताधारकों ने बैंक पहुंचकर खातों की जानकारी ली। ये खाते काफी समय से निष्क्रिय पड़े थे। यही देखकर अफसरों ने जालसाजी की। जांच में पता चला है कि बैंक के अफसरों और  पीएनबी मेट लाइफ  इंश्योरेंश कंपनी के एजेंट ने फर्जी दस्तावेज के जरिये दो लोगों के खातों से यह रकम निकाली है।

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Bank officials withdrew 1.92 crore from the accounts of two people by impersonating forged documents
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पंजाब नेशनल बैंक की नवयुग मार्केट शाखा में 1.92 करोड़ की जालसाजी सामने आई है। इसका खुलासा होने पर शाखा प्रबंधक पार्थ प्रतिम महाराणा ने नगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। जांच में पता चला है कि बैंक के अफसरों और  पीएनबी मेट लाइफ  इंश्योरेंश कंपनी के एजेंट ने फर्जी दस्तावेज के जरिये दो लोगों के खातों से यह रकम निकाली है। इसे जालसाजों ने परिचितों के खाते में ट्रांसफर किया। यह इस तरह का दूसरा मामला है। इससे पहले बीमा कंपनी के एजेंट ने पीएनबी की आंबेडकर रोड शाखा में लोगों के खाते से एक करोड़ की हेराफेरी की थी।

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1.92 करोड़ की जालसाजी का पता तब चला जब खाताधारकों ने बैंक पहुंचकर खातों की जानकारी ली। ये खाते काफी समय से निष्क्रिय पड़े थे। यही देखकर अफसरों ने जालसाजी की। जांच नवयुग मार्केट शाखा में 2017 से 2020 तक पीएनबी मेट लाइफ  इंश्योरेंश कंपनी की ओर से लव कुमार कार्यरत था। उसकी कई बैंक अफसरों के साथ मिलीभगत थी। शाखा प्रबंधक का कहना है कि लव कुमार को उसकी अनियमितताओं के कारण बैंक ने उसे सितंबर 2020 में निकाल दिया था। इसके बाद उसने जालसाजी की है।

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निष्क्रिय खाते को चालू कर निकाले 40.50 लाख
लव कुमार ने बैंक अफसरों के साथ मिलकर दिसंबर 2019 से सितंबर 2020 के बीच रवि शंकर माथुर के खाते से 40.50 लाख रुपये अपने परिचितों के खाते में ट्रांसफर कर लिए। जून 2022 में रवि शंकर बैंक में रुपये निकालने पहुंचे तो उन्हें खाते में रुपये नहीं मिले। उन्होंने बैंक प्रबंधक से शिकायत की तो जांच कराने पर पता चला कि दिसंबर 2019 में उनके निष्क्रिय खाते को चालू खाते में बदल दिया और बिना किसी हस्ताक्षर के बैंक अफसरों के पासवर्ड व आईडी का इस्तेमाल करके रुपये निकाल लिए।

एनआरआई के खाते से निकाले 1.52 करोड़
खाताधारक एनआरआई कमलेश्वर दयाल उपाध्याय के खाते से भी 1.52 करोड़ रुपये निकाले गए जो पीएनबी मेट लाइफ  के ड्राफ्ट के लिए व अन्य कई लोगों के खातों में ट्रांसफर करके निकाले गए। यह रकम लव कुमार, सरोज, बिनेश चौहान और सूर्यप्रताप कुमार यादव नाम के व्यक्तियों के खाते में लेन देन हुआ। एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल का कहना है कि मामले में तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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