फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Bank accounts of West Bengal students used in cyber fraud cases

Ghaziabad News: साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल हुए पश्चिम बंगाल के छात्रों के बैंक खाता

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 21 Nov 2025 02:19 AM IST
विज्ञापन
Bank accounts of West Bengal students used in cyber fraud cases
इंदिरापुरम। इंदिरापुरम के लोगों से दो साल के अंदर हुई साइबर ठगी के मामलों में अधिकतर बैंक खाते पश्चिम बंगाल के छात्रों व श्रमिकों के इस्तेमाल किए गए। यह बात साइबर सेल की जांच में सामने आई है। पुलिस ने ऐसे करीब एक हजार बैंक खाते सीज किए हैं। इनमें से 700 से ज्यादा बैंक खाते छात्रों के मिले और बाकी श्रमिकों के। छात्रों को एजुकेशन लोन का झांसा दिया गया और श्रमिकों को रुपयों का।
विज्ञापन



साइबर ठगी गिरोह छात्रों को एजुकेशन लोन व स्कॉलरशिप दिलाने और श्रमिकों को कुछ प्रतिशत कमीशन कमाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते किराये पर लिए थे। साइबर सेल ने जब इन बैंक खातों को सीज करवाने की कार्रवाई की और खाता धारकों तक पुलिस पहुंची तब पता चला कि कई छात्र आर्थिक तंगी और पढ़ाई के खर्च को पूरा करने लिए खातों का इस्तेमाल ठगों को करने दे रहे थे। उन्होंने अपना खाता, डेबिट कार्ड और पासबुक ठगों को सौंप रखे थे। पुलिस जांच में सामने आया कि बिहार, झारखंड और मुंबई में बैठकर इंदिरापुरम व गाजियाबाद के लोगों को ठगों ने निशाना बनाया था। ठगी की रकम सीधे उन छात्रों के खातों में भेजी जाती थी। पुलिस ने बैंक खातों की जांच के दौरान सभी छात्रों को नोटिस भी जारी किए।
विज्ञापन



दिहाड़ी से ज्यादा कमाई का लालच श्रमिकों को
पुलिस की जांच में सामने आया कि ठगों ने केवल छात्रों को ही नहीं श्रमिकों को भी झांसा देकर उनके बैंक खातों का इस्तेमाल किया। फर्जी खाते बैंक में खुलवाकर उन्हें प्रतिदिन की दिहाड़ी से ज्यादा रकम दिलाने का लालच दिया गया। जांच में सामने आया कि खाता धारकों के पास जब नोटिस पहुंचे तब उन्हें जानकारी हुई। बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हीं के किसी परिचित ने ही प्रतिदिन कमाई का झांसा देकर खाते खुलवाए और सारे दस्तावेज खुद अपने पास रख लिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस एक
पश्चिम बंगाल के एक छात्र ने पुलिस को बताया कि वह परिवार में इकलौता है। पढ़ाई कर अच्छी नौकरी करके आर्थिक तंगी से परिवार को निकालना उसका सपना था। स्नातक की पढ़ाई के लिए लोन की जरूरत पढ़ने पर बैंक कर्मचारी बनकर एक व्यक्ति ने उनसे मुलाकात की थी। इसके बाद उसका खाता खुलवाया और सभी दस्तावेज अपने पास रख लिए। पुलिस का नोटिस पहुंचने पर उन्हें पता चला।
----------------
केस दो
82 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में जब पुलिस ने एक अन्य छात्र को नोटिस भेजा तब अलग मामला सामने आया। छात्र ने पुलिस को बताया कि कॉलेज के बाहर एक व्यक्ति सामाजिक संस्था का परिचय देकर उनसे मिला था। पढ़ाई में अच्छा होने की बात कहकर छात्रवृत्ति दिलाने की बात कही। इसके बाद बैंक में खाता खुलवाकर डेबिट कार्ड व अन्य दस्तावेज अपने पास रख लिए।


--वर्जन--
दो साल में करीब एक हजार बैंक खाते सामने आए जो छात्रों व श्रमिकों के थे। उन सभी छात्रों को सीज कर उनमें रकम होल्ड भी करवाई गई थी। सभी के खातों का इस्तेमाल धोखे से किया गया था। छात्रों को नोटिस भी जारी किए गए थे। साइबर टीम के हाथ कुछ अन्य सुराग भी लगे हैं। उनके आधार पर काम करते हुए जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक श्रीवास्तव, एसीपी इंदिरापुरम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed