{"_id":"6a91d94dba7980386608e757","slug":"bail-pleas-of-two-accused-in-one-crore-fraud-case-rejected-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-964375-2026-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: 1.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: 1.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के दो आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश ललिता गुप्ता की अदालत ने राईट अर्थ इन्फ्रा कंपनी से जुड़े 1.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्रेम गिल और हनी गिल की जमानत याचिका खारिज कर दी है। दोनों आरोपियों पर संगठित गिरोह का हिस्सा होने और आम नागरिकों से करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। यह मामला नंदग्राम थाने में दर्ज किया गया था।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, अमित त्यागी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राईट अर्थ इन्फ्रा कंपनी के प्रबंध निदेशक वरुण मकड़ और बिक्री प्रमुख नितिन शर्मा उर्फ दीपक शर्मा ने दो आवासीय परियोजनाओं, एलीट होम्स और मकड़ प्रथम में फ्लैट बेचने का झांसा दिया। अमित ने 10 नवंबर 2025 से 30 मई 2026 तक कुल 1.15 करोड़ रुपये कंपनी के बताए गए खातों में जमा किए। इसके बदले में उन्हें तीन फ्लैट दिए जाने थे। 18 जून को अमित को पता चला कि कंपनी का मालिक और अन्य कर्मचारी लोगों के रुपये लेकर भाग गए हैं।
जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने फर्जी फर्म एएसआर रियलटेक बनाई। राईट अर्थ इन्फ्रा एलएलपी के बैंक खातों से फर्जी फर्म और निजी खातों में लाखों रुपये के ऑनलाइन व नकद लेनदेन किए गए। आरोपियों ने अपनी मां राजेंद्र कौर के नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर उनका दुरुपयोग किया। इन खातों का उपयोग आम नागरिकों से फ्लैट, स्टूडियो और दुकानें बेचने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के लिए किया गया। मामले की विवेचना विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश ललिता गुप्ता की अदालत ने राईट अर्थ इन्फ्रा कंपनी से जुड़े 1.15 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में प्रेम गिल और हनी गिल की जमानत याचिका खारिज कर दी है। दोनों आरोपियों पर संगठित गिरोह का हिस्सा होने और आम नागरिकों से करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है। यह मामला नंदग्राम थाने में दर्ज किया गया था।
अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, अमित त्यागी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि राईट अर्थ इन्फ्रा कंपनी के प्रबंध निदेशक वरुण मकड़ और बिक्री प्रमुख नितिन शर्मा उर्फ दीपक शर्मा ने दो आवासीय परियोजनाओं, एलीट होम्स और मकड़ प्रथम में फ्लैट बेचने का झांसा दिया। अमित ने 10 नवंबर 2025 से 30 मई 2026 तक कुल 1.15 करोड़ रुपये कंपनी के बताए गए खातों में जमा किए। इसके बदले में उन्हें तीन फ्लैट दिए जाने थे। 18 जून को अमित को पता चला कि कंपनी का मालिक और अन्य कर्मचारी लोगों के रुपये लेकर भाग गए हैं।
विज्ञापन
जांच में सामने आया कि अभियुक्तों ने फर्जी फर्म एएसआर रियलटेक बनाई। राईट अर्थ इन्फ्रा एलएलपी के बैंक खातों से फर्जी फर्म और निजी खातों में लाखों रुपये के ऑनलाइन व नकद लेनदेन किए गए। आरोपियों ने अपनी मां राजेंद्र कौर के नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर उनका दुरुपयोग किया। इन खातों का उपयोग आम नागरिकों से फ्लैट, स्टूडियो और दुकानें बेचने के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने के लिए किया गया। मामले की विवेचना विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है।
विज्ञापन