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Ghaziabad News: पिंकी चौधरी सहित पांच की जमानत याचिका खारिज
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गाजियाबाद। गुलधर स्टेशन के पास रहने वाले लोगों की झुग्गियां तोड़ने और उनकी पिटाई करने के आरोपी हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी उर्फ भूपेंद्र चौधरी, हरिओम उर्फ बादल और सनी की जमानत अर्जी व दो आरोपियों मोहित पाल और दीपक चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका अदालत ने खारिज कर दी है। जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि पिंकी चौधरी पर धार्मिक उन्माद फैलाने के कई केस दर्ज हैं। जमानत दिए जाने से पुलिस की जांच को प्रभावित कर सकता है, इसलिए अर्जी खारिज की जाती है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा ने अदालत को बताया कि 10 अगस्त को मधुबन बापूधाम थाने में उपनिरीक्षक संजीव कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि नौ अगस्त की शाम क्षेत्र में गश्त कर रहे थे, उसी दौरान गुलधर स्टेशन के पास फ्री होल्ड कालोनी में शोरगुल की आवाज आई। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी व उसके समर्थक 15 से 20 लोगों के साथ झुग्गी में रह रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों की पिटाई करने के साथ ही उनकी झुग्गियां तोड़ रहे थे। रोकने के बावजूद लगातार नारेबाजी करते हुए मारपीट करते रहे। पिंकी व उनके समर्थकों की पिटाई से कई लोगों को चोटें आई और उनकी झुग्गियां तोड़ दी।
अदालत में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि घटना के 18 घंटे के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने एक वीडियो वायरल होने का जिक्र किया है, लेकिन अभी तक पुलिस ने इसे केस डायरी में जिक्र नहीं किया है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ भारतीय मुस्लिमों को बांग्लादेशी बताकर पिटाई की। इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि यह सभी मजदूरी करने वाले गरीब मजदूर थे। आरोपी पिंकी चौधरी पर 18 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसलिए जमानत अर्जी निरस्त की जाए।
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जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा ने अदालत को बताया कि 10 अगस्त को मधुबन बापूधाम थाने में उपनिरीक्षक संजीव कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि नौ अगस्त की शाम क्षेत्र में गश्त कर रहे थे, उसी दौरान गुलधर स्टेशन के पास फ्री होल्ड कालोनी में शोरगुल की आवाज आई। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी व उसके समर्थक 15 से 20 लोगों के साथ झुग्गी में रह रहे मुस्लिम समुदाय के लोगों की पिटाई करने के साथ ही उनकी झुग्गियां तोड़ रहे थे। रोकने के बावजूद लगातार नारेबाजी करते हुए मारपीट करते रहे। पिंकी व उनके समर्थकों की पिटाई से कई लोगों को चोटें आई और उनकी झुग्गियां तोड़ दी।
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अदालत में बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि घटना के 18 घंटे के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने एक वीडियो वायरल होने का जिक्र किया है, लेकिन अभी तक पुलिस ने इसे केस डायरी में जिक्र नहीं किया है। वहीं, अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी ने अपने सहयोगियों के साथ भारतीय मुस्लिमों को बांग्लादेशी बताकर पिटाई की। इसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जबकि यह सभी मजदूरी करने वाले गरीब मजदूर थे। आरोपी पिंकी चौधरी पर 18 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसलिए जमानत अर्जी निरस्त की जाए।
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