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Ghaziabad News: पेट्रोल पंपों पर लगेंगे एएनपीआर कैमरे, परिवहन विभाग उठाएगा पूरा खर्च
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गाजियाबाद। जिले के पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) कैमरे लगाए जाने की प्रक्रिया ने एक बार फिर गति पकड़ ली है। शासन के ताजा आदेश के बाद यह स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है कि इन कैमरों को लगाने और उसका खर्च उठाने की जिम्मेदारी पूरी तरह परिवहन विभाग की होगी। इससे पहले कैमरों के खर्च और लगाए जाने को लेकर गाजियाबाद के पेट्रोल पंप स्वामियों में असमंजस और भारी गहमागहमी का माहौल था।
खाद्य एवं रसद विभाग उपलब्ध कराएगा सूची
शासन ने आपूर्ति विभाग को गाजियाबाद समेत एनसीआर के सभी 08 जनपदों में स्थित फ्यूल स्टेशनों की विस्तृत जानकारी परिवहन विभाग को तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है। गाजियाबाद में 125 पेट्रोल पंप हैं। इस सूची में सभी पेट्रोल पंप स्वामियों के नाम, मोबाइल फोन नंबर, पता और ईमेल आईडी का अद्यतन विवरण शामिल होगा, ताकि परिवहन विभाग आगे की कार्रवाई को सुचारु रूप से आगे बढ़ा सके।
हाईकोर्ट के स्टे और एप की तकनीकी खामियों से मिली थी राहत
इससे पहले सरकारी अधिकारियों की ओर से पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे खुद लगवाने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसके खिलाफ मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर पंप संचालकों को बड़ी राहत मिली थी और कोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया था। वहीं, 1 अक्तूबर से जिले में यह नियम प्रभावी किया गया था कि प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) की वैधता की जांच के बाद ही वाहनों में ईंधन (तेल और सीएनजी) दिया जाएगा। इसके लिए आपूर्ति विभाग ने एक विशेष एप भी बनवाया था और 1,300 से अधिक कर्मचारियों को उसे डाउनलोड कराया गया था। हालांकि, तकनीकी खामियों और सर्वर डाउन होने के कारण यह एप ठीक से काम नहीं कर पाया और धरातल पर बिना जांच के ही ईंधन आपूर्ति का दौर जारी रहा।
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रखरखाव को लेकर जल्द आएंगे दिशा-निर्देश
अब शासन स्तर से यह स्पष्ट होने के बाद कि गाजियाबाद में एएनपीआर कैमरे परिवहन विभाग ही लगाएगा और इसका वित्तीय भार भी वही वहन करेगा, पंप स्वामियों ने राहत की सांस ली है। यह व्यवस्था गाजियाबाद सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के सभी आठ जिलों के पेट्रोल पंपों पर लागू की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया में खाद्य एवं रसद विभाग केवल समन्वय और आवश्यक सहयोग की भूमिका निभाएगा। हालांकि, कैमरे स्थापित होने के बाद उनके रखरखाव और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी संबंधित पेट्रोल पंप स्वामी की होगी, जिसके संबंध में अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
पंप की सूची और अन्य जानकारी तेल कंपनियों से मांगी गई है। जल्द ही उसे परिवहन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा।
-अमित तिवारी, जिलापूर्ति अधिकारी, गाजियाबाद
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खाद्य एवं रसद विभाग उपलब्ध कराएगा सूची
शासन ने आपूर्ति विभाग को गाजियाबाद समेत एनसीआर के सभी 08 जनपदों में स्थित फ्यूल स्टेशनों की विस्तृत जानकारी परिवहन विभाग को तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है। गाजियाबाद में 125 पेट्रोल पंप हैं। इस सूची में सभी पेट्रोल पंप स्वामियों के नाम, मोबाइल फोन नंबर, पता और ईमेल आईडी का अद्यतन विवरण शामिल होगा, ताकि परिवहन विभाग आगे की कार्रवाई को सुचारु रूप से आगे बढ़ा सके।
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हाईकोर्ट के स्टे और एप की तकनीकी खामियों से मिली थी राहत
इससे पहले सरकारी अधिकारियों की ओर से पेट्रोल पंपों पर एएनपीआर कैमरे खुद लगवाने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसके खिलाफ मामला हाईकोर्ट पहुंचने पर पंप संचालकों को बड़ी राहत मिली थी और कोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया था। वहीं, 1 अक्तूबर से जिले में यह नियम प्रभावी किया गया था कि प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसीसी) की वैधता की जांच के बाद ही वाहनों में ईंधन (तेल और सीएनजी) दिया जाएगा। इसके लिए आपूर्ति विभाग ने एक विशेष एप भी बनवाया था और 1,300 से अधिक कर्मचारियों को उसे डाउनलोड कराया गया था। हालांकि, तकनीकी खामियों और सर्वर डाउन होने के कारण यह एप ठीक से काम नहीं कर पाया और धरातल पर बिना जांच के ही ईंधन आपूर्ति का दौर जारी रहा।
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रखरखाव को लेकर जल्द आएंगे दिशा-निर्देश
अब शासन स्तर से यह स्पष्ट होने के बाद कि गाजियाबाद में एएनपीआर कैमरे परिवहन विभाग ही लगाएगा और इसका वित्तीय भार भी वही वहन करेगा, पंप स्वामियों ने राहत की सांस ली है। यह व्यवस्था गाजियाबाद सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के सभी आठ जिलों के पेट्रोल पंपों पर लागू की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया में खाद्य एवं रसद विभाग केवल समन्वय और आवश्यक सहयोग की भूमिका निभाएगा। हालांकि, कैमरे स्थापित होने के बाद उनके रखरखाव और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी संबंधित पेट्रोल पंप स्वामी की होगी, जिसके संबंध में अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
पंप की सूची और अन्य जानकारी तेल कंपनियों से मांगी गई है। जल्द ही उसे परिवहन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा।
-अमित तिवारी, जिलापूर्ति अधिकारी, गाजियाबाद