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Ghaziabad News: हसनपुर बैंक घोटाले में किसान देशराज की गवाही पूरी
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219 किसान ऋण खातों में गड़बड़ी से 3.96 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप, तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत तीन आरोपी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। अमरोहा के हसनपुर स्थित प्रथमा ग्रामीण बैंक की मंडी समिति शाखा में हुए कथित 3.96 करोड़ रुपये के घोटाले में सोमवार को किसान देशराज की गवाही पूरी हो गई। सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़ित किसान ने अपने बयान दर्ज कराए। गवाही पूरी होने के बाद पीठासीन अधिकारी भारत सिंह यादव ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख तय की है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2016 से 2017 के दौरान बैंक की मंडी समिति हसनपुर शाखा में किसान ऋण खातों में कथित तौर पर अनियमितताएं की गई थीं। शाखा में कुल 226 किसान ऋण खाताधारक थे। इनमें से 219 खातों में जमा धनराशि को निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना दूसरे व्यक्तियों के साथ साजिश कर खोले गए खातों में स्थानांतरित करने का आरोप है। इसके अलावा निर्धारित ऋण सीमा से अधिक रकम निकाले जाने की बात भी जांच में सामने आई थी।
मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक विपिन कुमार, तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक नवीन कुमार शर्मा और बैंक के अस्थायी कमीशन आधारित एजेंट जितेंद्र आर्य आरोपी हैं। आरोप है कि कुछ ऐसे खाताधारकों के खातों से भी रकम निकाली गई, जिनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। उनकी मृत्यु के बाद भी खातों का इस्तेमाल कर धनराशि निकाले जाने का आरोप है।
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सीबीआई के अभियोजन के मुताबिक, तत्कालीन बैंक अधिकारियों ने अपनी उपयोगकर्ता पहचान का इस्तेमाल करते हुए किसान ऋण खातों में लेनदेन किए। इसके बाद रकम दूसरे खातों में पहुंचाई गई। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में बैंक के निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे बैंक को करीब 3.96 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति हुई।
मामले की सुनवाई गाजियाबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में चल रही है। सोमवार को किसान देशराज के बयान पूरे होने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।
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माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। अमरोहा के हसनपुर स्थित प्रथमा ग्रामीण बैंक की मंडी समिति शाखा में हुए कथित 3.96 करोड़ रुपये के घोटाले में सोमवार को किसान देशराज की गवाही पूरी हो गई। सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान पीड़ित किसान ने अपने बयान दर्ज कराए। गवाही पूरी होने के बाद पीठासीन अधिकारी भारत सिंह यादव ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख तय की है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वर्ष 2016 से 2017 के दौरान बैंक की मंडी समिति हसनपुर शाखा में किसान ऋण खातों में कथित तौर पर अनियमितताएं की गई थीं। शाखा में कुल 226 किसान ऋण खाताधारक थे। इनमें से 219 खातों में जमा धनराशि को निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना दूसरे व्यक्तियों के साथ साजिश कर खोले गए खातों में स्थानांतरित करने का आरोप है। इसके अलावा निर्धारित ऋण सीमा से अधिक रकम निकाले जाने की बात भी जांच में सामने आई थी।
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मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक विपिन कुमार, तत्कालीन सहायक शाखा प्रबंधक नवीन कुमार शर्मा और बैंक के अस्थायी कमीशन आधारित एजेंट जितेंद्र आर्य आरोपी हैं। आरोप है कि कुछ ऐसे खाताधारकों के खातों से भी रकम निकाली गई, जिनकी पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। उनकी मृत्यु के बाद भी खातों का इस्तेमाल कर धनराशि निकाले जाने का आरोप है।
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सीबीआई के अभियोजन के मुताबिक, तत्कालीन बैंक अधिकारियों ने अपनी उपयोगकर्ता पहचान का इस्तेमाल करते हुए किसान ऋण खातों में लेनदेन किए। इसके बाद रकम दूसरे खातों में पहुंचाई गई। आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में बैंक के निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे बैंक को करीब 3.96 करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति हुई।
मामले की सुनवाई गाजियाबाद स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में चल रही है। सोमवार को किसान देशराज के बयान पूरे होने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 25 सितंबर की तारीख निर्धारित की है।