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शिक्षा के साथ ही बच्चों में संस्कृति और सभ्यता का ज्ञान जरूरी : आनंदीबेन
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गाजियाबाद। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को रजापुर ब्लॉक के मोरटी गांव में देश के पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित आंगनबाड़ी केंद्र के शुभारंभ किया। इस दाैरान उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कृति और सभ्यता का ज्ञान भी जरूरी है। पाठ्यक्रम पढ़ाने के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, जिससे बच्चों में संस्कृति और सभ्यता का ज्ञान हो सके।
राज्यपाल ने कहा कि जनपद में आंगनबाड़ी केंद्रों में कराए जा रहे सुधारों और डिजिटलीकरण के क्षेत्र में देश के पहले एआई आंगनबाड़ी केंद्र की शुरुआत हुई है। इससे बच्चों को और बेहतर शिक्षा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बच्चों के साथ-साथ महिलाएं भी कुपोषित हैं। जब माताएं सशक्त बनेंगी तभी हमारे बच्चे भी सशक्त बनेंगे। इससे देश भी सशक्त होगा। हमें आंगनबाड़ी सहित अन्य स्रोत के माध्यम से गर्भवती महिलाओं तक यह संदेश पहुंचाना है कि पोषण आहार जरूरी है। जिससे वह स्वयं सक्षम व मजबूत हो सकें और स्वस्थ बच्चे का जन्म दे सकें।
गर्भधारण के बाद गर्भवती महिला सहित उनके परिजनों को चाहिए कि वे घर में स्वस्थ वातावरण रखें, कोई भी लड़ाई-झगड़ा न हो। स्वस्थ बच्चे आने वाले समय में एक सशक्त भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों की डिजाइन करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि बच्चों के लिए पेयजल, शौचालय सहित अन्य सुविधाएं उनकी लंबाई के अनुसार बनाई जाएं। जिससे बच्चे दूसरों पर निर्भर ना होकर बचपन से ही आत्मनिर्भर बन सकें।
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दहेज मुक्त समाज का निर्माण जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि जेलों में बंद महिला संबंधी अपराधों में 80 प्रतिशत कैदी दहेज मामलों के हैं। हम ऐसे समाज का निर्माण करें जहां अपराध के लिए कोई जगह नहीं हो, इसके लिए दहेज मुक्त शादी को बढ़ावा देना होगा।
1371 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 41,318 बच्चे पंजीकृत
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जनपद में कुल 1371 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें 866 शहरी व 505 ग्रामीण क्षेत्र में तीन से छह वर्ष के कुल 41,318 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 20,795 बालक व 20,523 बालिकाएं हैं। कई कंपनियों और संस्थाओं द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण व पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा हैं। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि आंगनबाड़ी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनाने से बच्चों के मस्तिष्क का तेजी से विकास होगा। उन्होंने राज्यपाल को मंडल आर्ट की 100 पुस्तकें भेंट की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, विधायक अजीतपाल त्यागी, डॉ. मंजू सिवाच, पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, रोटरी इंटरनेशल डिस्ट्रिक्ट 3012 के गर्वनर प्रशांत राज मौजूद रहे।
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राज्यपाल ने कहा कि जनपद में आंगनबाड़ी केंद्रों में कराए जा रहे सुधारों और डिजिटलीकरण के क्षेत्र में देश के पहले एआई आंगनबाड़ी केंद्र की शुरुआत हुई है। इससे बच्चों को और बेहतर शिक्षा प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बच्चों के साथ-साथ महिलाएं भी कुपोषित हैं। जब माताएं सशक्त बनेंगी तभी हमारे बच्चे भी सशक्त बनेंगे। इससे देश भी सशक्त होगा। हमें आंगनबाड़ी सहित अन्य स्रोत के माध्यम से गर्भवती महिलाओं तक यह संदेश पहुंचाना है कि पोषण आहार जरूरी है। जिससे वह स्वयं सक्षम व मजबूत हो सकें और स्वस्थ बच्चे का जन्म दे सकें।
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गर्भधारण के बाद गर्भवती महिला सहित उनके परिजनों को चाहिए कि वे घर में स्वस्थ वातावरण रखें, कोई भी लड़ाई-झगड़ा न हो। स्वस्थ बच्चे आने वाले समय में एक सशक्त भारत के निर्माण में अहम भूमिका निभाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्रों की डिजाइन करते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि बच्चों के लिए पेयजल, शौचालय सहित अन्य सुविधाएं उनकी लंबाई के अनुसार बनाई जाएं। जिससे बच्चे दूसरों पर निर्भर ना होकर बचपन से ही आत्मनिर्भर बन सकें।
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दहेज मुक्त समाज का निर्माण जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि जेलों में बंद महिला संबंधी अपराधों में 80 प्रतिशत कैदी दहेज मामलों के हैं। हम ऐसे समाज का निर्माण करें जहां अपराध के लिए कोई जगह नहीं हो, इसके लिए दहेज मुक्त शादी को बढ़ावा देना होगा।
1371 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 41,318 बच्चे पंजीकृत
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि जनपद में कुल 1371 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें 866 शहरी व 505 ग्रामीण क्षेत्र में तीन से छह वर्ष के कुल 41,318 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें 20,795 बालक व 20,523 बालिकाएं हैं। कई कंपनियों और संस्थाओं द्वारा आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण व पुनर्निर्माण का कार्य किया जा रहा हैं। महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि आंगनबाड़ी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बनाने से बच्चों के मस्तिष्क का तेजी से विकास होगा। उन्होंने राज्यपाल को मंडल आर्ट की 100 पुस्तकें भेंट की। इस दौरान कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा, विधायक अजीतपाल त्यागी, डॉ. मंजू सिवाच, पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल, रोटरी इंटरनेशल डिस्ट्रिक्ट 3012 के गर्वनर प्रशांत राज मौजूद रहे।