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Ghaziabad News: वसुंधरा के निजी अस्पताल में फर्जी डिग्री से इलाज का आरोप, जांच के लिए कमेटी गठित
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गाजियाबाद। वसुंधरा के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर की योग्यता और विशेषज्ञ डिग्रियों की शिकायत स्वास्थ्य विभाग से की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि महिला चिकित्सक के नाम के साथ ऐसी विशेषज्ञ डिग्रियां दर्ज हैं, जिनका रिकॉर्ड राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) में नहीं मिला और बिना विशेषज्ञ योग्यता के प्रसूति संबंधी ऑपरेशन और सिजेरियन डिलीवरी की जा रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमओ डॉ. सचिन वैश्य ने दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है।
मुरादाबाद निवासी प्रशांत कुमार तुरैहा ने सीएमओ को भेजी शिकायत में कहा कि अस्पताल की महिला डॉक्टर के लेटरहेड पर एमडी (स्त्री रोग), एफजीओ और डीएचए जैसी डिग्रियां दर्ज हैं। उनका आरोप है कि एनएमसी के रिकॉर्ड में चिकित्सक का पंजीकृत नाम अलग है और वहां वर्ष 1984 में पंजाब विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री होने का उल्लेख है। इसी आधार पर उन्होंने डॉक्टर की विशेषज्ञ योग्यता और मेडिकल प्रमाणपत्रों की जांच कराने तक अस्पताल में उसके ऑपरेशन आदि को रोकने और अस्पताल को सील करने की मांग की गई है। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. अमित विक्रम और पुलिस लाइन अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज राकेश की दो सदस्यीय कमेटी गठित की है। टीम को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के साथ संबंधित डॉक्टर की शैक्षिक योग्यता, मेडिकल रजिस्ट्रेशन और विशेषज्ञ डिग्रियों के दस्तावेजों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की बात सीएमओ ने कही है।
गंभीर ऑपरेशन करने का लगाया आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विशेषज्ञ योग्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बावजूद संबंधित चिकित्सक द्वारा प्रसूति के गंभीर मामलों का इलाज और सिजेरियन डिलीवरी जैसी सर्जरी की जा रही हैं। शिकायतकर्ता ने इलाज के दौरान कई मरीजों की हालत बिगड़ने और कुछ मामलों में मृत्यु होने का दावा भी किया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी
फिलहाल डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ लगाए गए आरोप शिकायत के स्तर पर हैं। स्वास्थ्य विभाग की कमेटी दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
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मुरादाबाद निवासी प्रशांत कुमार तुरैहा ने सीएमओ को भेजी शिकायत में कहा कि अस्पताल की महिला डॉक्टर के लेटरहेड पर एमडी (स्त्री रोग), एफजीओ और डीएचए जैसी डिग्रियां दर्ज हैं। उनका आरोप है कि एनएमसी के रिकॉर्ड में चिकित्सक का पंजीकृत नाम अलग है और वहां वर्ष 1984 में पंजाब विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की डिग्री होने का उल्लेख है। इसी आधार पर उन्होंने डॉक्टर की विशेषज्ञ योग्यता और मेडिकल प्रमाणपत्रों की जांच कराने तक अस्पताल में उसके ऑपरेशन आदि को रोकने और अस्पताल को सील करने की मांग की गई है। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. अमित विक्रम और पुलिस लाइन अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज राकेश की दो सदस्यीय कमेटी गठित की है। टीम को शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के साथ संबंधित डॉक्टर की शैक्षिक योग्यता, मेडिकल रजिस्ट्रेशन और विशेषज्ञ डिग्रियों के दस्तावेजों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की बात सीएमओ ने कही है।
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गंभीर ऑपरेशन करने का लगाया आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विशेषज्ञ योग्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बावजूद संबंधित चिकित्सक द्वारा प्रसूति के गंभीर मामलों का इलाज और सिजेरियन डिलीवरी जैसी सर्जरी की जा रही हैं। शिकायतकर्ता ने इलाज के दौरान कई मरीजों की हालत बिगड़ने और कुछ मामलों में मृत्यु होने का दावा भी किया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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आरोपों की पुष्टि जांच के बाद होगी
फिलहाल डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ लगाए गए आरोप शिकायत के स्तर पर हैं। स्वास्थ्य विभाग की कमेटी दस्तावेजों और अन्य तथ्यों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आरोपों की पुष्टि और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।