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Ghaziabad News: कैश लोडिंग में 77 लाख रुपये के गबन का आरोप
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गाजियाबाद। हिताची पेमेंट सर्विसेज ने एटीएम कैश लोडिंग के लिए दी गई 77 लाख 28 हजार 800 रुपये की रकम के गबन का आरोप लगाया है।
कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर घनश्याम की शिकायत पर नंदग्राम थाने में जीडी सर्विसेज के संचालक गौरव वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि यह धनराशि एटीएम में लोड नहीं की गई और हिसाब देने से इन्कार कर दिया गया।
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि हिताची पेमेंट सर्विसेज जिले में 31 एटीएम की कैश लोडिंग और रखरखाव का काम करती है। इसके लिए कंपनी ने गौरव वर्मा की फर्म जीडी सर्विसेज से समझौता किया था।
समझौते के तहत 23 सितंबर 2025 से 18 जनवरी 2026 के बीच जीडी सर्विसेज के आईसीआईसीआई बैंक खाते में कुल 57 करोड़ 60 लाख 80 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
आरोप है कि इस रकम में से 77 लाख 28 हजार 800 रुपये का हिसाब नहीं दिया गया। कंपनी का कहना है कि आरोपी ने यह पैसा एटीएम में नहीं डाला और गबन कर लिया। कई बार संपर्क करने पर भी गौरव वर्मा ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पैसे लौटाने से साफ इन्कार करते हुए कंपनी कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार किया गया।
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शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई, कोर्ट का दरवाजा खटखटाया : शिकायतकर्ता घनश्याम ने बताया कि उन्होंने पहले 8 जुलाई 2026 को नंदग्राम पुलिस चौकी में शिकायत दी, फिर 14 जुलाई को पुलिस उपायुक्त को प्रार्थना पत्र सौंपा।
पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। 13 अगस्त 2026 को अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। अदालत के आदेश के बाद 23 अक्तूबर को नंदग्राम थाने में गबन और धमकी देने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर घनश्याम की शिकायत पर नंदग्राम थाने में जीडी सर्विसेज के संचालक गौरव वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि यह धनराशि एटीएम में लोड नहीं की गई और हिसाब देने से इन्कार कर दिया गया।
एसीपी नंदग्राम जियाउद्दीन अहमद ने बताया कि हिताची पेमेंट सर्विसेज जिले में 31 एटीएम की कैश लोडिंग और रखरखाव का काम करती है। इसके लिए कंपनी ने गौरव वर्मा की फर्म जीडी सर्विसेज से समझौता किया था।
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समझौते के तहत 23 सितंबर 2025 से 18 जनवरी 2026 के बीच जीडी सर्विसेज के आईसीआईसीआई बैंक खाते में कुल 57 करोड़ 60 लाख 80 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए थे।
आरोप है कि इस रकम में से 77 लाख 28 हजार 800 रुपये का हिसाब नहीं दिया गया। कंपनी का कहना है कि आरोपी ने यह पैसा एटीएम में नहीं डाला और गबन कर लिया। कई बार संपर्क करने पर भी गौरव वर्मा ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया। पैसे लौटाने से साफ इन्कार करते हुए कंपनी कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार किया गया।
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शिकायत पर नहीं हुई कार्रवाई, कोर्ट का दरवाजा खटखटाया : शिकायतकर्ता घनश्याम ने बताया कि उन्होंने पहले 8 जुलाई 2026 को नंदग्राम पुलिस चौकी में शिकायत दी, फिर 14 जुलाई को पुलिस उपायुक्त को प्रार्थना पत्र सौंपा।
पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने अदालत का रुख किया। 13 अगस्त 2026 को अदालत में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। अदालत के आदेश के बाद 23 अक्तूबर को नंदग्राम थाने में गबन और धमकी देने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।