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Ghaziabad News: गाजियाबाद में सुधरी हवा की गुणवत्ता, प्रदेश में दूसरा तो देश में चौथा स्थान
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गाजियाबाद। गाजियाबाद में हवा की गुणवत्ता में तेजी से सुधार हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी किए गए एयर क्वालिटी सुधार रैंक में गाजियाबाद प्रदेश में दूसरे और देश में चौथे स्थान पर आया है। एक जनवरी से 31 मार्च 2024 के बीच किए गए सर्वे के बाद सीपीसीबी ने यह रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर दी है। देश में कानपुर पहले और गाजियाबाद चौथे नंबर पर है।
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87 स्कोर के साथ कानपुर देश में पहले स्थान पर दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र का ठाणे और दिल्ली, तीसरे स्थान पर कोलकाता और चौथे पर नंबर पर गाजियाबाद, हिमाचल का बद्दी और मध्यप्रदेश का इंदौर है। इन शहरों का स्कोर 81 है। पांचवें स्थान पर हिमाचल का पोंटा साहिब और नालागढ़ है।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का कहना है कि हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों में सुधार के लिए करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए। एयर क्वालिटी में सुधार के लिए करीब आठ से 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सड़कों को धूलमुक्त बनाने के लिए सुबह-शाम स्वीपिंग कराई जा रही है। प्रतिदिन वायु गुणवत्ता सुधार के लिए आठ से 10 एंटी स्मोक गन और लगभग 20 वॉटर स्प्रिंकलर मार्गों पर चलवाए जा रहे हैं। प्रतिदिन 50 किलोमीटर तक का एरिया कवर किया जा रहा है। मॉनिटरिंग के साथ ही जीपीएस के आधार पर उपकरणों को चलवाया जा रहा है। वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।
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मियावाकी पद्धति से लगाए गए दो लाख पौधे
नगर आयुक्त ने बताया कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए औद्योगिक क्षेत्र समेत अन्य स्थानों पर वायु प्रदूषण को कम करने के लिए करीब दो लाख पौधे मियावाकी पद्धति से लगाए गए। पौधरोपण के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित कराया जाएगा। इसकी अनुमति शासन से मिल चुकी है। पांच अमृत सरोवर का जीर्णोद्धार जलकल विभाग की ओर से कराया जा रहा है।
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87 स्कोर के साथ कानपुर देश में पहले स्थान पर दूसरे नंबर पर महाराष्ट्र का ठाणे और दिल्ली, तीसरे स्थान पर कोलकाता और चौथे पर नंबर पर गाजियाबाद, हिमाचल का बद्दी और मध्यप्रदेश का इंदौर है। इन शहरों का स्कोर 81 है। पांचवें स्थान पर हिमाचल का पोंटा साहिब और नालागढ़ है।
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नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक का कहना है कि हवा की गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों में सुधार के लिए करीब 20 करोड़ रुपये खर्च किए गए। एयर क्वालिटी में सुधार के लिए करीब आठ से 10 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सड़कों को धूलमुक्त बनाने के लिए सुबह-शाम स्वीपिंग कराई जा रही है। प्रतिदिन वायु गुणवत्ता सुधार के लिए आठ से 10 एंटी स्मोक गन और लगभग 20 वॉटर स्प्रिंकलर मार्गों पर चलवाए जा रहे हैं। प्रतिदिन 50 किलोमीटर तक का एरिया कवर किया जा रहा है। मॉनिटरिंग के साथ ही जीपीएस के आधार पर उपकरणों को चलवाया जा रहा है। वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।
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मियावाकी पद्धति से लगाए गए दो लाख पौधे
नगर आयुक्त ने बताया कि वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए औद्योगिक क्षेत्र समेत अन्य स्थानों पर वायु प्रदूषण को कम करने के लिए करीब दो लाख पौधे मियावाकी पद्धति से लगाए गए। पौधरोपण के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके अलावा बायोडायवर्सिटी पार्क विकसित कराया जाएगा। इसकी अनुमति शासन से मिल चुकी है। पांच अमृत सरोवर का जीर्णोद्धार जलकल विभाग की ओर से कराया जा रहा है।