{"_id":"5d3c9e9e8ebc3e6cbc33a125","slug":"actiion-abou-orthala-ghaziabad-city-news-gbd1811885150","type":"story","status":"publish","title_hn":"अर्थला झील कराएंगे खाली, सोमवार को एक्शन प्लान देगा प्रशासन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अर्थला झील कराएंगे खाली, सोमवार को एक्शन प्लान देगा प्रशासन
विज्ञापन
अर्थला झील कराएंगे खाली, सोमवार को एक्शन प्लान देगा प्रशासन
गाजियाबाद। अर्थला झील को खाली कराने के मामले में अब जिला प्रशासन को सोमवार को एनजीटी के समक्ष एक्शन प्लान पेश करना होगा। 29 जुलाई को एनजीटी में इस मामले में सुनवाई होनी है। इससे पूर्व तत्कालीन डीएम रितु माहेश्वरी ने एनजीटी में पेश होकर अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश की थी। एनजीटी ने झील के अन्य खसरा नंबरों से भी अतिक्रमण हटाने के लिए एक्शन प्लान मांगा था।
सुशील राघव की जनहित याचिका पर एनजीटी ने अर्थला झील के 8 खसरा नंबरों को खाली कराने के आदेश दिए थे। इसमें से 1445 खसरा नंबर पर ही करीब 550 मकान बने हुए हैं। इससे पहले 10 जुलाई को सुनवाई हुई थी। नगर निगम और जिला प्रशासन ने अदालत में आदेश की अनुपालन रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में बताया गया कि 74 पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया है। अन्य पर कार्रवाई की जाएगी। इस पर अदालत ने असंतुष्टि जताते हुए डीएम को एक्शन प्लान पेश करने के आदेश दिए। अब इस मामले में सोमवार को सुनवाई होनी है। नगर निगम के अपर नगरायुक्त आरएन पांडेय का कहना है कि निगम और जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त एक्शन प्लान बनाया गया है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। अर्थला झील को खाली कराने के मामले में अब जिला प्रशासन को सोमवार को एनजीटी के समक्ष एक्शन प्लान पेश करना होगा। 29 जुलाई को एनजीटी में इस मामले में सुनवाई होनी है। इससे पूर्व तत्कालीन डीएम रितु माहेश्वरी ने एनजीटी में पेश होकर अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश की थी। एनजीटी ने झील के अन्य खसरा नंबरों से भी अतिक्रमण हटाने के लिए एक्शन प्लान मांगा था।
सुशील राघव की जनहित याचिका पर एनजीटी ने अर्थला झील के 8 खसरा नंबरों को खाली कराने के आदेश दिए थे। इसमें से 1445 खसरा नंबर पर ही करीब 550 मकान बने हुए हैं। इससे पहले 10 जुलाई को सुनवाई हुई थी। नगर निगम और जिला प्रशासन ने अदालत में आदेश की अनुपालन रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में बताया गया कि 74 पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया है। अन्य पर कार्रवाई की जाएगी। इस पर अदालत ने असंतुष्टि जताते हुए डीएम को एक्शन प्लान पेश करने के आदेश दिए। अब इस मामले में सोमवार को सुनवाई होनी है। नगर निगम के अपर नगरायुक्त आरएन पांडेय का कहना है कि निगम और जिला प्रशासन की ओर से संयुक्त एक्शन प्लान बनाया गया है।
विज्ञापन