{"_id":"6a2c6c71885d9fb12100500b","slug":"accused-yash-khatiks-fraud-exposed-two-aadhaar-cards-found-ghaziabad-news-c-30-gbd1036-907563-2026-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: आरोपी यश खटीक का खुला फर्जीवाड़ा, मिले दो आधार कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: आरोपी यश खटीक का खुला फर्जीवाड़ा, मिले दो आधार कार्ड
विज्ञापन
हत्यारोपी यश के दो अलग अलग आधार कार्ड।
गाजियाबाद। पैरा एथलीट चिराग त्यागी हत्याकांड की जांच के दौरान मुख्य आरोपी यश खटीक के फर्जीवाड़े की परतें भी खुल रही हैं। पुलिस जांच में यश के दो आधार कार्ड मिले हैं। दोनों में उसकी जन्मतिथि अलग है। आशंका है कि पैरा एथलीट बनने के लिए उसने यह फर्जीवाड़ा किया। यह भी पता चला है कि जनवरी 2026 में ओलंपिक संघ की ओर से कराई गई जांच में उसमें किसी प्रकार की दिव्यांगता की पुष्टि नहीं हुई थी।
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, जांच में सामने आया है कि यश खटीक शारीरिक रूप से स्वस्थ है। नई दिल्ली स्थित महाजन इमेजिंग एंड लैब की रिपोर्ट में उसकी आंखों का रेटिना और मस्तिष्क सामान्य पाए गए थे। इसी के चलते उसका चयन पैरा एथलीट प्रतियोगिताओं के लिए नहीं हो सका था। आरोप है कि वह आंखों की दिव्यांगता बताकर ही पैरा एथलीट बना था।
डीसीपी ने बताया कि जांच में यश के दो आधार कार्ड भी मिले हैं। एक में उसकी जन्मतिथि पांच नवंबर 2008 और दूसरे में छह जुलाई 2005 दर्ज है। पुलिस ने दोनों दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
यह भी सामने आया है कि चिराग त्यागी की चेकबुक, यूपीआई कोड और पासवर्ड की जानकारी यश को थी। उसने इसी वर्ष आठ मई को चिराग के खाते से 50 हजार रुपये, 27 मई को 25 हजार रुपये और 29 मई को एक लाख रुपये निकाले थे। चिराग की हत्या के बाद भी आरोपी ने बसंतपुर सैंथली स्थित बैंक जाकर उसके खाते से तीन लाख रुपये निकाले थे।
हालांकि, इस धनराशि का अधिकांश हिस्सा अभी बरामद नहीं हो सका है। आरोपी ने पूछताछ में रकम अपने चाचा और एक मित्र को देने की बात कही है। घटना के 14 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस दोनों आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है।
-- -- -
महापंचायत की तैयारी पर पुलिस की नजर
चिराग त्यागी संघर्ष समिति के आह्वान पर 14 जून को बसंतपुर सैंथली स्थित जेवीएस फार्म में महापंचायत होगी। इसमें चिराग के माता-पिता को न्याय दिलाने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, आजीविका के लिए दुकान आवंटित करने, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और चिराग की स्मृति में स्टेडियम निर्माण जैसी मांगें उठाई जाएंगी। परिजनों का आरोप है कि घटना को दो सप्ताह बीतने के बाद भी न तो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही प्रशासन ने उनकी सुध ली है। मांगें पूरी नहीं होने पर महापंचायत में आमरण अनशन की घोषणा भी की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, महापंचायत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों, खिलाड़ी संगठनों और समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं समेत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और एलआईयू के माध्यम से इनपुट जुटा रहे हैं।
-- --
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि बसंतपुर सैंथली में प्रस्तावित महापंचायत की जानकारी है। मृतक आश्रितों की मांगों से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। महापंचायत में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।
विज्ञापन
डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, जांच में सामने आया है कि यश खटीक शारीरिक रूप से स्वस्थ है। नई दिल्ली स्थित महाजन इमेजिंग एंड लैब की रिपोर्ट में उसकी आंखों का रेटिना और मस्तिष्क सामान्य पाए गए थे। इसी के चलते उसका चयन पैरा एथलीट प्रतियोगिताओं के लिए नहीं हो सका था। आरोप है कि वह आंखों की दिव्यांगता बताकर ही पैरा एथलीट बना था।
विज्ञापन
डीसीपी ने बताया कि जांच में यश के दो आधार कार्ड भी मिले हैं। एक में उसकी जन्मतिथि पांच नवंबर 2008 और दूसरे में छह जुलाई 2005 दर्ज है। पुलिस ने दोनों दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
यह भी सामने आया है कि चिराग त्यागी की चेकबुक, यूपीआई कोड और पासवर्ड की जानकारी यश को थी। उसने इसी वर्ष आठ मई को चिराग के खाते से 50 हजार रुपये, 27 मई को 25 हजार रुपये और 29 मई को एक लाख रुपये निकाले थे। चिराग की हत्या के बाद भी आरोपी ने बसंतपुर सैंथली स्थित बैंक जाकर उसके खाते से तीन लाख रुपये निकाले थे।
हालांकि, इस धनराशि का अधिकांश हिस्सा अभी बरामद नहीं हो सका है। आरोपी ने पूछताछ में रकम अपने चाचा और एक मित्र को देने की बात कही है। घटना के 14 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस दोनों आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है।
महापंचायत की तैयारी पर पुलिस की नजर
चिराग त्यागी संघर्ष समिति के आह्वान पर 14 जून को बसंतपुर सैंथली स्थित जेवीएस फार्म में महापंचायत होगी। इसमें चिराग के माता-पिता को न्याय दिलाने, आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, आजीविका के लिए दुकान आवंटित करने, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और चिराग की स्मृति में स्टेडियम निर्माण जैसी मांगें उठाई जाएंगी। परिजनों का आरोप है कि घटना को दो सप्ताह बीतने के बाद भी न तो फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है और न ही प्रशासन ने उनकी सुध ली है। मांगें पूरी नहीं होने पर महापंचायत में आमरण अनशन की घोषणा भी की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक, महापंचायत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न सामाजिक संगठनों, खिलाड़ी संगठनों और समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं समेत राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और एलआईयू के माध्यम से इनपुट जुटा रहे हैं।
डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्र नाथ तिवारी ने बताया कि बसंतपुर सैंथली में प्रस्तावित महापंचायत की जानकारी है। मृतक आश्रितों की मांगों से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है। महापंचायत में शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।

हत्यारोपी यश के दो अलग अलग आधार कार्ड।