UP: कभी पहली महिला एनकाउंटर टीम की शान रहीं...अब 45 हजार की रिश्वत में घिरीं; दागदार दरोगा की पूरी कहानी
यूपी में पहली महिला एनकाउंटर टीम का हिस्सा रहीं दरोगा भुवनेश्वरी सिंह एक बार फिर चर्चा में हैं। 2025 में नवरात्रि पर एनकाउंटर के बाद सम्मानित हुईं भुवनेश्वरी पर अब 45 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगा है, जिससे वर्दी दागदार हुई।
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45 हजार रुपये की रिश्वत लेने वाली दरोगा भुवनेश्वरी सिंह यूपी में पहली बार एनकाउंटर करने वाली महिला टीम का हिस्सा रहीं थीं। वर्ष 2025 के नवरात्रि के पहले दिन महिला थाने की पुलिस ने छिनैती के आरोपियों का एनकाउंटर किया था। इस टीम में घायल आरोपियों को कंधे पर डालकर गाड़ी तक ले जाने वाली महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह ही थीं।
सोशल मीडिया पर भी उनकी यह फोटो चर्चित रही। वहीं कमिश्नर जे रविंद्र गौड़ ने पूरी टीम को सम्मानित भी किया था। महिला दरोगा भुवनेश्वरी सिंह आज दोबारा चर्चा में हैं, लेकिन घूसखोरी के मामले में। जिन मजबूत कंधो पर अपराधी उठाया था। आज वही कंधे रिश्वत के तले दब गए। वर्दी को भी दागदार कर दिया।
बता दें कि मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार को साहिबाबाद थाने में बनी गाजियाबाद महिला थाने की रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी भुवनेश्वरी सिंह को गिरफ्तार किया। आरोप है कि वह दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपी पक्ष से नाम न बढ़ाने के लिए 45 हजार रुपये मांग रही थीं।
शिकायत मिलने पर एंटी करप्शन की टीम ने कार्रवाई की। एसीपी साहिबाबाद श्वेता यादव ने बताया कि चौकी महिला थाने की है और यहां नियुक्ति भी एसीपी महिला अपराध की अनुमति से होती है। एंटी करप्शन की टीम की तरफ से तहरीर दी जा रही है, जिसके आधार पर महिला दरोगा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
घूसखोरी के मामले में गिरफ्तार हुईं महिला चौकी प्रभारी भुवनेश्वरी सिंह पहली बार रिश्वत लेते हुए नहीं पकड़ी गई हैं। वर्ष 2022 में कानपुर पुलिस ने उन्हें देह व्यापार के मामले में रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। देह व्यापार चलाने वाले गिरोह की सूचना पर महिला दरोगा होटल में पहुंची थीं। दो भाइयों को युवतियों के साथ पकड़कर थाने लेकर गईं। दोनों को छोड़ने के बदले महिला दरोगा ने 15 लाख रुपये की मांग की थी।
इस पर दोनों भाइयों ने 50 हजार रुपये देने की बात कही। रुपये लेकर उनकी चेन, अंगूठी व अन्य सामान भी लेने का आरोप महिला दरोगा पर लगा था। इसके बाद दोनों पीड़ितों ने ज्वाइंट सीपी से मामले की शिकायत की। इसके बाद अधिकारी के आदेश पर विशेष टीम को छानबीन में लगाया और तब भुवनेश्वरी सिंह को पुलिस ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। उस समय महिला दरोगा कानपुर एडीसीपी पूर्वी के कार्यालय में तैनात थीं।