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Ghaziabad News: मकान मालिक की जगह दूरी महिला को खड़ा कर ले लिया 60 लाख रुपये ऋण
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गाजियाबाद। संपत्ति के असली मालिक के स्थान पर किसी और को खड़ाकर फर्जी साैदे के आधार पर एक फाइनेंस कंपनी को ऋण के नाम पर 60 लाख रुपये का चूना लगा दिया गया। इस मामले में 6 साल तक किश्त जमा नहीं होने पर कंपनी के लोग दिए पते पर पहुंचे तो उन्हें इस फर्जीवाड़े का पता चला। एसीपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि दिल्ली के लाजपत नगर स्थित मैसर्स टाटा केपिटल हाउसिंग फाइनेंस लि. ब्रांच के सहायक प्रबंधक अमन गौतम की शिकायत पर गुरुग्राम के रहने वाले सुरजीत हजारिका व उसकी पत्नी डोली बोरहा, आशा बहल निवासी सेक्टर 12 प्रताप विहार विजयनगर और राकेश गुप्ता के खिलाफ विजयनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
एसीपी नगर कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि सुरजीत हजारिका और उनकी पत्नी डोली बोरहा ने विजय नगर क्षेत्र के प्रताप विहार स्थित एक मकान खरीदने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 60 लाख रुपये का ऋण ले लिया। मकान की मालिक आशा बहल को बताया गया। दंपती व उनके साथी राकेश गुप्ता ने बैंक में आशा के बजाए अन्य महिला को मकान मालिक दर्शाकर उनके खाते में ऋण की धनराशि में से 44.50 लाख रुपये भी ट्रांसफर कराए। इसके साथ ही बची हुई धनराशि अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली। वर्ष 2018 में स्वीकृत ऋण की जब किस्त नहीं आई तो संपत्ति पर जांच पड़ताल की गई। मकान मालिकों ने संपत्ति पर किसी भी प्रकार का ऋण न होने की बात कही। उन्होंने बताया कि मकान बेचा ही नहीं है।
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एसीपी नगर कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि सुरजीत हजारिका और उनकी पत्नी डोली बोरहा ने विजय नगर क्षेत्र के प्रताप विहार स्थित एक मकान खरीदने के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 60 लाख रुपये का ऋण ले लिया। मकान की मालिक आशा बहल को बताया गया। दंपती व उनके साथी राकेश गुप्ता ने बैंक में आशा के बजाए अन्य महिला को मकान मालिक दर्शाकर उनके खाते में ऋण की धनराशि में से 44.50 लाख रुपये भी ट्रांसफर कराए। इसके साथ ही बची हुई धनराशि अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली। वर्ष 2018 में स्वीकृत ऋण की जब किस्त नहीं आई तो संपत्ति पर जांच पड़ताल की गई। मकान मालिकों ने संपत्ति पर किसी भी प्रकार का ऋण न होने की बात कही। उन्होंने बताया कि मकान बेचा ही नहीं है।
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