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Ghaziabad News: निवेश कराने के नाम पर युवती से 44.20 लाख की ठगी
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गाजियाबाद।
साहिबाबाद के लाजपत नगर निवासी गरिमा वाधवा को साइबर ठगों ने मोटी कमाई का लालच देकर 44.20 लाख की चपत लगा दी। इस मामले में गरिमा वाधवा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने खातों में भेजी गई रकम को फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गरिमा वाधवा ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसका लिंक उन्होंने खोला तो वह एक ग्रुप में जुड़ गईं। ग्रुप में जुड़े सभी लोग आपस में अपने-अपने निवेश और होने वाले लाभ के बारे में बात कर रहे थे। इसके बाद उनकी भी इसमें रुचि बढ़ गई। साइबर अपराधियों ने उनको एक एप भी डाउनलोड कराया। इसमें रकम के बारे में जानकारी देने के विकल्प थे। आरोपी उनसे वीडियाे कॉल पर भी बात कर रहे थे। जब उन्होंने शुरुआत में 10 हजार रुपये दिए गए खाते में भेजे तो उनको अगले ही दिन मुनाफा दिखने लगा। इसके बाद दूसरी बार में उन्होंने 20 हजार भेजे। फिर उन्होंने 25 से अधिक बार में 44.20 लाख रुपये दिए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने पैसा निकालने का प्रयास किया तो वह रकम नहीं निकाल पाईं। बात करने पर साइबर अपराधियों ने कहा कि उनको टैक्स के रूप में और धनराशि जमा करनी होगी लेकिन उनके पास और पैसा नहीं था। वह खुद के अलावा दूसरों से पैसा लेकर भी साइबर ठगों के खाते में पैसा ट्रांसफर कर चुकी थीं। जब साइबर ठगों को लगा कि उनको और पैसा मिलने वाला नहीं है तो उन्होंने उनसे संपर्क तोड़ दिया। उनको ग्रुप से भी निकाल दिया। इसके बाद उनको अपने साथ हुई ठगी का पता चला। इस मामले में उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस बारे में एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। खातों में जमा रकम को फ्रीज़ करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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साहिबाबाद के लाजपत नगर निवासी गरिमा वाधवा को साइबर ठगों ने मोटी कमाई का लालच देकर 44.20 लाख की चपत लगा दी। इस मामले में गरिमा वाधवा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने खातों में भेजी गई रकम को फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
गरिमा वाधवा ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया था। इसका लिंक उन्होंने खोला तो वह एक ग्रुप में जुड़ गईं। ग्रुप में जुड़े सभी लोग आपस में अपने-अपने निवेश और होने वाले लाभ के बारे में बात कर रहे थे। इसके बाद उनकी भी इसमें रुचि बढ़ गई। साइबर अपराधियों ने उनको एक एप भी डाउनलोड कराया। इसमें रकम के बारे में जानकारी देने के विकल्प थे। आरोपी उनसे वीडियाे कॉल पर भी बात कर रहे थे। जब उन्होंने शुरुआत में 10 हजार रुपये दिए गए खाते में भेजे तो उनको अगले ही दिन मुनाफा दिखने लगा। इसके बाद दूसरी बार में उन्होंने 20 हजार भेजे। फिर उन्होंने 25 से अधिक बार में 44.20 लाख रुपये दिए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने पैसा निकालने का प्रयास किया तो वह रकम नहीं निकाल पाईं। बात करने पर साइबर अपराधियों ने कहा कि उनको टैक्स के रूप में और धनराशि जमा करनी होगी लेकिन उनके पास और पैसा नहीं था। वह खुद के अलावा दूसरों से पैसा लेकर भी साइबर ठगों के खाते में पैसा ट्रांसफर कर चुकी थीं। जब साइबर ठगों को लगा कि उनको और पैसा मिलने वाला नहीं है तो उन्होंने उनसे संपर्क तोड़ दिया। उनको ग्रुप से भी निकाल दिया। इसके बाद उनको अपने साथ हुई ठगी का पता चला। इस मामले में उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इस बारे में एडीसीपी क्राइम पीयूष सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। खातों में जमा रकम को फ्रीज़ करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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