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Ghaziabad News: एंटी रेबीज इंजेक्शन लगने के बाद भी छह वर्ष के बच्चे की मौत

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jul 2025 12:53 AM IST
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A six year old child died even after getting anti rabies injection
गाजियाबाद। एंटी रेबीज इंजेक्शन लगने के बाद भी एक छह वर्षीय बच्चे शिवा त्यागी की रेबीज से मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का कहना है कि बच्चे को एंटी रेबीज के तीन डोज लगवाए गए थे उसके बावजूद भी तबीयत खराब होती चली गई। अंत में तीन दिन पहले उसकी मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच कराने की बात कही है।
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मुरादनगर के भनैड़ा गांव निवासी रोहित के इकलौते बेटा आशु दोस्तों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान कुत्ते ने उसके पैर में काट लिया। रोता हुआ घर आया तो सबसे पहले उनलोगों ने घाव को साबुन से धोया और तुरंत सीएचसी मुरादनगर पर जाकर एंटी रेबीज की पहली डोज लगवाई। पिता रोहित त्यागी ने बताया कि चिकित्सक के कहने पर दूसरी डोज 27 मई को और तीसरी डोज तीन जून को लगवाई गई। उसके बाद चिकित्सकों ने कहा कि अब रेबीज का खतरा नहीं है डोज पूरी हो चुकी है। इसके बाद भी शिवा दो तीन दिन तक सामान्य स्थिति में रहा लेकिन उसके बाद उसको बुखार की शिकायत हुई। पहले उन्होंने गांव के चिकित्सक से बुखार की दवा दिलवाई। आराम न होने पर 10 जून से शिवा अचेत होने लगा तब उसको मोदीनगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो दिन में जब आराम नहीं हुआ तब उसको मेरठ के कैलाशी अस्पताल में ले जाया गया। वहां भी आराम न मिलने पर गाजियाबाद के यशोदा अस्पताल में इलाज के लिए लेकर आए। जहां उसको पांच-छह दिनों तक वेंटीलेटर पर रखा। अस्पताल ने नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंंट्रोल दिल्ली से उसके खून की जांच कराई गई, जिसमें चिकित्सकों ने बताया कि बच्चे को रेबीज हो गया है। रिपोर्ट आने के बाद चिकित्सकों ने अपने हाथ खड़े कर दिए। मजबूर होकर वह बच्चे को मुरादनगर के निवोक अस्पताल में भर्ती कराया जहां एक दिन बाद ही उसकी मौत हो गई।
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डॉ.अंशुल वार्ष्णेय ने बताया कि कई बार रेबीज का संक्रमण इतना ज्यादा होता है कि एंटी रैबीज इंजेक्शन लगने के बाद भी शरीर में एंटीबॉडी उतनी मात्रा में नहीं बन पाती है। इसके अलावा अगर घाव गहरा हो तो सीरम भी लगाना जरूरी होती है। उन्होंने जानकारी दी कि कुत्ते के काटने पर किन बातों का ध्यान रखें:
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- घाव की तुरंत साबुन से सफाई करें
- अगर घाव गहरा है तो एंटी रैबीज इंजेक्शन सहित सीरम भी लगना जरूरी होती है
- रैबीज संक्रमित कुत्ते के काटने से ही रेबीज का संक्रमण होता है
- कुत्ते में रैबीज होने के बाद आठ से 10 दिन में उसकी मौत हो जाती है
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कोट्स
अस्पताल में पांच-छह दिनों तक बच्चे का इलाज चला था। बच्चे के रीढ़ की हड्डी से सीरम लेकर उसकी भी जांच कराई गई थी। ब्रेन की एमआरआई में भी काफी बदलाव दिखे थे। न्यूरो सर्जन सहित सर गंगा राम के चिकित्सकों से भी कंसल्ट किया गया गया था। परिजनों से बातचीत में यह जानकारी मिली थी कि बच्चे को सीरम नहीं लगवाया गया था। हालांकि ब्रेन की बयोप्सी कराने के बाद रेबीज की पुष्टि की जा सकती है।

डॉ. करण रजेहा , यशोदा बाल रोग विशेषज्ञ
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मामले की जांच कराई जाएगी। टीम को गांव में भेजकर परिजनों सहित आसपास के लोगों से भी बात की जाएगी। परिजनों से बच्चे के लक्षण की जानकारी भी ली जाएगी कि उसमें रेबीज के लक्षण थे या नहीं।
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन
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