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Ghaziabad News: कांवड़ियों का उमड़ा सैलाब, केसरिया हुआ दिल्ली-मेरठ और गंगनहर पटरी मार्ग
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मोदीनगर।
दिल्ली-मेरठ और गंगनहर पटरी मार्ग पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ रहा है। दोनों मार्ग पर केसरिया रंग में रंगे हैं। कांवड़िये भक्ति तरानों और बोल बम के जयकारों के साथ शिवालयों की तरफ बढ़ रहे हैं। इस बार कांवड़ यात्रा में भारी भरकम गंगाजल वाली कांवड़ों की संख्या अधिक दिख रही है।
पिछले करीब 15 दिन से चल रही कांवड़ यात्रा में शुक्रवार रात से कांवड़ियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई। दिल्ली-मेरठ और गंगनहर पटरी मार्ग कांवड़ियों से पट गए हैं। कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ पुलिस ने कांवड़ियों के लिए आरक्षित लाइन पर सुरक्षा और कड़ी कर दी। इस बार कांवड़ यात्रा में भारी भरकम गंगाजल वाली कांवड़ और झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी हैं। कांवड़ यात्रा में शिवभक्ति के साथ-साथ देशभक्ति का भी संगम देखने को मिल रहा है। महाकाल, सूर्य, हनुमान, नंदी और राम मंदिर के अलावा पहलगाम हमले के जवाब में किए ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित झांकियां सभी को आकर्षित कर रही हैं।
मुरादनगर निवासी शिवभक्त सागर हरिद्वार से 181 लीटर गंगाजल वाली कांवड़ ला रहे हैं। शुक्रवार देर रात वह मोदीनगर पहुंचे। उनकी पूरी कांवड़ यात्रा 70 दिन की है। वह 65 दिन में 150 किमी सफर तय कर शुक्रवार को मोदीनगर पहुंचे शिवभक्त सागर को मुरादनगर पहुंचने में अभी लगभग 5 दिन का समय और लगेगा। सागर का कहना है कि अगर भगवान में सच्ची आस्था हो तो वजन और दूरी कोई मायने नहीं रखती है। वह भगवान शंकर में अटूट आस्था रखते है इसलिए उन्हें 181 लीटर वजन जरा भी बोझिल नहीं लग रहा है। इसके अलावा दिल्ली के पालम निवासी शिवभक्तों का जत्था ऑपरेशन सिंदूर के लिए देश के सैनिकों का हौंसला बढ़ाने के लिए ब्रह्मोस मिसाइल की झांकी वाली कांवड़ ला रहे हैं। राम मंदिर की झांकी वाली कांवड़ की संख्या इस बार ज्यादा देखने को मिल रही है। कांवड़ यात्रा देखने के लिए सड़क के दोनों तरफ शहर और ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
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दिल्ली-मेरठ और गंगनहर पटरी मार्ग पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ रहा है। दोनों मार्ग पर केसरिया रंग में रंगे हैं। कांवड़िये भक्ति तरानों और बोल बम के जयकारों के साथ शिवालयों की तरफ बढ़ रहे हैं। इस बार कांवड़ यात्रा में भारी भरकम गंगाजल वाली कांवड़ों की संख्या अधिक दिख रही है।
पिछले करीब 15 दिन से चल रही कांवड़ यात्रा में शुक्रवार रात से कांवड़ियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई। दिल्ली-मेरठ और गंगनहर पटरी मार्ग कांवड़ियों से पट गए हैं। कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के साथ पुलिस ने कांवड़ियों के लिए आरक्षित लाइन पर सुरक्षा और कड़ी कर दी। इस बार कांवड़ यात्रा में भारी भरकम गंगाजल वाली कांवड़ और झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी हैं। कांवड़ यात्रा में शिवभक्ति के साथ-साथ देशभक्ति का भी संगम देखने को मिल रहा है। महाकाल, सूर्य, हनुमान, नंदी और राम मंदिर के अलावा पहलगाम हमले के जवाब में किए ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित झांकियां सभी को आकर्षित कर रही हैं।
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मुरादनगर निवासी शिवभक्त सागर हरिद्वार से 181 लीटर गंगाजल वाली कांवड़ ला रहे हैं। शुक्रवार देर रात वह मोदीनगर पहुंचे। उनकी पूरी कांवड़ यात्रा 70 दिन की है। वह 65 दिन में 150 किमी सफर तय कर शुक्रवार को मोदीनगर पहुंचे शिवभक्त सागर को मुरादनगर पहुंचने में अभी लगभग 5 दिन का समय और लगेगा। सागर का कहना है कि अगर भगवान में सच्ची आस्था हो तो वजन और दूरी कोई मायने नहीं रखती है। वह भगवान शंकर में अटूट आस्था रखते है इसलिए उन्हें 181 लीटर वजन जरा भी बोझिल नहीं लग रहा है। इसके अलावा दिल्ली के पालम निवासी शिवभक्तों का जत्था ऑपरेशन सिंदूर के लिए देश के सैनिकों का हौंसला बढ़ाने के लिए ब्रह्मोस मिसाइल की झांकी वाली कांवड़ ला रहे हैं। राम मंदिर की झांकी वाली कांवड़ की संख्या इस बार ज्यादा देखने को मिल रही है। कांवड़ यात्रा देखने के लिए सड़क के दोनों तरफ शहर और ग्रामीण क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
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