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Ghaziabad News: डिजिटल अरेस्ट कर हुई थी 7.80 लाख की ठगी, दो वर्ष बाद केस दर्ज
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गाजियाबाद। साइबर ठगों ने पुलिस की वर्दी में राजनगर के सेक्टर-13 में रहने वाले बुजुर्ग उमेश कुमार को 23 अगस्त 2023 को डिजिटल अरेस्ट किया। आरोपियों ने आधार और पेन कार्ड भी लिए। डरा धमकाकर 1.80 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए और बाद में खाते से छह लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने मधुबन बापूधाम थाने में तहरीर दी लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। ऐसे में पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है।
एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि पीड़ित उमेश कुमार (64) के अनुसार 23 अगस्त 2023 को साइबर ठगों ने पुलिसकर्मी बनकर फोन किया और बताया कि उनके नाम से कई फर्जी सिम गुजरात और महाराष्ट्र में चल रहे हैं। उनके खिलाफ ईडी और सीबीआई में केस दर्ज हैं। उनका खाता सत्यापित करना है। पीड़ित ने फोन काट दिया तो फिर से कॉल कर उन्हें एनकाउंटर में जान से मारने की धमकी दी गई। वीडियो कॉल कर आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और वह वर्दी भी पहने थे। डिजिटल अरेस्ट कर कैमरे के आगे आधार और पेन कार्ड दिखाने को कहा। इसके बाद खाते में 1.80 लाख रुपये जमा कराए।
पीड़ित का आरोप है कि दो दिन बाद उनके खाते से छह लाख रुपये निकाल लिए गए। आरोपियों में चार महिलाएं भी शामिल थीं। कुल 7.80 लाख रुपये की साइबर ठगी होने के बाद पीड़ित ने कॉल करने वाले जुगनेश, विजय सहित चार पांच अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मधुबन बापूधाम थाने में तहरीर दी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने मामला डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी का होने के चलते मुकदमा दर्ज नहीं किया। उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों से भी मामले की शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर मधुबन बापूधाम थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एसीपी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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एसीपी कविनगर सूर्यबली मौर्य ने बताया कि पीड़ित उमेश कुमार (64) के अनुसार 23 अगस्त 2023 को साइबर ठगों ने पुलिसकर्मी बनकर फोन किया और बताया कि उनके नाम से कई फर्जी सिम गुजरात और महाराष्ट्र में चल रहे हैं। उनके खिलाफ ईडी और सीबीआई में केस दर्ज हैं। उनका खाता सत्यापित करना है। पीड़ित ने फोन काट दिया तो फिर से कॉल कर उन्हें एनकाउंटर में जान से मारने की धमकी दी गई। वीडियो कॉल कर आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और वह वर्दी भी पहने थे। डिजिटल अरेस्ट कर कैमरे के आगे आधार और पेन कार्ड दिखाने को कहा। इसके बाद खाते में 1.80 लाख रुपये जमा कराए।
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पीड़ित का आरोप है कि दो दिन बाद उनके खाते से छह लाख रुपये निकाल लिए गए। आरोपियों में चार महिलाएं भी शामिल थीं। कुल 7.80 लाख रुपये की साइबर ठगी होने के बाद पीड़ित ने कॉल करने वाले जुगनेश, विजय सहित चार पांच अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मधुबन बापूधाम थाने में तहरीर दी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने मामला डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी का होने के चलते मुकदमा दर्ज नहीं किया। उन्होंने कई बार उच्चाधिकारियों से भी मामले की शिकायत की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार पीड़ित ने कोर्ट के आदेश पर मधुबन बापूधाम थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। एसीपी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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