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Ghaziabad News: बोगस कंपनी से 91.83 करोड़ जीएसटी का फर्जीवाड़ा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 23 Jan 2026 01:53 AM IST
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91.83 crore GST fraud from bogus company
गाजियाबाद। राज्य कर विभाग में फर्म रजिस्टर कर आरोपी संचालक ने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेकर विभाग को 91 करोड़ 83 लाख रुपये का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। राज्यकर अधिकारी खंड-18 राम दयाल रावत ने नगर कोतवाली में फर्म और उसके संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी के प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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राज्य कर अधिकारी खंड-18 राम दयाल रावत के मुताबिक आंबेडकर रोड स्थित सुचेता कांप्लेक्स के पते पर प्रमोद कुमार ने रिलायंस एंटरप्राइजेज के नाम से फर्म का पंजीकरण कराया था। फर्म के मालिक प्रमोद कुमार ने खुद को कैला देहात प्रथम दर्शाया। यह फर्म कई क्षेत्रों में काम करने के लिए पंजीकृत कराई गई। समय-समय पर फर्म ने बोगस फर्मों से खरीद और बिक्री दिखाकर फर्जी आईटीसी का लाभ भी विभाग से ले लिया। विशेष जांच शाखा (एसआईबी) ने जब फर्म के घोषित व्यापार स्थल पर पहुंची तो वहां किसी प्रकार की वास्तविक व्यावसायिक गतिविधि संचालित नहीं पाई गई और भी चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि जिस व्यक्ति के नाम और पते पर जीएसटी पंजीकरण लिया गया, फर्म संचालक की खोजबीन की गई तो वह भी नहीं मिला।
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क्राइम ब्रांच करेगी जांच

डीसीपी सिटी धवल जायसवाल ने बताया कि विभाग की शिकायत पर फर्म संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। ऐसे मामलों की क्राइम ब्रांच जांच करेगी। इसमें सभी पहलुओं को देखकर कार्रवाई की जाएगी।
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आधार व पेन कार्ड का दुरुपयोग कर जीएसटी नंबर लेने का आरोप
गाजियाबाद। वेव सिटी थाना क्षेत्र की श्री राम एन्क्लेव में रहने वाले सुरेश कुमार ने कोर्ट के आदेश पर वेव सिटी में धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कराई है। सुरेश कुमार के मुताबिक मयूर विहार दिल्ली स्थित मेसर्स सिंह इंजीनियरिंग फर्म के संचालक ने फर्जी तरीके से उसके आधार कार्ड व पैन कार्ड का प्रयोग कर अपनी फर्म के लिए जीएसटी नंबर ले लिया और उक्त जीएसटी नंबर के आधार पर कारोबार करते हुए लाखों रुपये की ट्रांजेक्शन की गई। आयकर विभाग रिटर्न दाखिल करने वाले पीड़ित के अधिवक्ता ने उन्हें इस बारे में जानकारी दी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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