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अमीरों और मकान वालों को भी दे दिया था आसरा
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‘अमीरों’ और मकान वालों को भी दे दिया था ‘आसरा’
गाजियाबाद। लोनी की ‘आसरा’ आवासीय योजना में ‘अमीरों’ और मकान मालिकों को भी सरकारी मकान आवंटित कर दिए गए थे। शिकायत होने पर डीएम ने एसडीएम से जांच कराई तो मामला खुल गया। कई लोगों ने इस सरकारी योजना में गलत पते बताकर आवेदन जमा करा दिए थे। जांच की गई तो वह उस पते पर मिले ही नहीं। अब डूडा और जिला प्रशासन ने 19 लोगों का आवंटन निरस्त कर दिया है, लेकिन अपात्रों को मकानों का बांट दिए जाने से दोनों विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
आसरा आवासीय योजना के तहत लोनी में डूडा की ओर से 336 मकान बनाए गए हैं। इन मकानों के लिए हजारों लोगों ने आवेदन किए थे। आवेदन पत्रों की जांच के बाद करीब 400 लोगों को पात्रता की अंतिम सूची में शामिल किया गया था। पिछले 19 दिसंबर को डूडा ने इन मकानों का लकी ड्रा के जरिए आवंटन किया। अगले ही दिन इस योजना के मकानों के आवंटन पर सवाल उठ गए और अपात्रों को मकान दिए जाने की शिकायत डीएम के पास पहुंच गई। डीएम ने जांच के आदेश दिए तो एसडीएम लोनी ने शिकायती पत्र के आधार पर 22 लोगों की जांच कराई। इसमें पाया गया कि दो ऐसे लोगों को भी मकान का आवंटन किया गया था, जिनके पास पहले से अपना मकान था। एक महिला के भाई के नाम पर भी पहले मकान ड्रा में निकल चुका है। फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाकर भी कई लोगों ने आसरा योजना के मकानों का आवंटन करा लिया था। डूडा के परियोजना अधिकारी के मुताबिक ,आवंटियों की दोबारा जांच कराई गई तो मामला उजागर हुआ। उनका आवंटन निरस्त कर दिया गया था।
इस वजह से निरस्त हुआ ‘आसरा’ का आवंटन
कुंती देवी, सुनीता वर्मा, रजनी देवी : पहले से अपना मकान है।
प्रीति : सगे भाई को सरकारी योजना में पूर्व में मकान मिल चुका है।
कादर खान : आमदनी 72 हजार सालाना से ज्यादा पाई गई।
आशीष पाल : आमदनी 84 हजार, प्रमाण पत्र बनवाया 72 हजार का।
संजना, आलोक कुमार भारती, संजय सिंह : आमदनी ज्यादा पाई गई।
गौरव कुमार : 1.44 लाख रुपये मिली सालाना आमदनी।
शकीला, रणवीर सिंह, सत्यप्रकाश, शबाना, अफसाना, पूजा, गीता देवी, ललिता, अनवरी : आवेदन पत्र में दिए गए पते पर नहीं मिले।
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गाजियाबाद। लोनी की ‘आसरा’ आवासीय योजना में ‘अमीरों’ और मकान मालिकों को भी सरकारी मकान आवंटित कर दिए गए थे। शिकायत होने पर डीएम ने एसडीएम से जांच कराई तो मामला खुल गया। कई लोगों ने इस सरकारी योजना में गलत पते बताकर आवेदन जमा करा दिए थे। जांच की गई तो वह उस पते पर मिले ही नहीं। अब डूडा और जिला प्रशासन ने 19 लोगों का आवंटन निरस्त कर दिया है, लेकिन अपात्रों को मकानों का बांट दिए जाने से दोनों विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
आसरा आवासीय योजना के तहत लोनी में डूडा की ओर से 336 मकान बनाए गए हैं। इन मकानों के लिए हजारों लोगों ने आवेदन किए थे। आवेदन पत्रों की जांच के बाद करीब 400 लोगों को पात्रता की अंतिम सूची में शामिल किया गया था। पिछले 19 दिसंबर को डूडा ने इन मकानों का लकी ड्रा के जरिए आवंटन किया। अगले ही दिन इस योजना के मकानों के आवंटन पर सवाल उठ गए और अपात्रों को मकान दिए जाने की शिकायत डीएम के पास पहुंच गई। डीएम ने जांच के आदेश दिए तो एसडीएम लोनी ने शिकायती पत्र के आधार पर 22 लोगों की जांच कराई। इसमें पाया गया कि दो ऐसे लोगों को भी मकान का आवंटन किया गया था, जिनके पास पहले से अपना मकान था। एक महिला के भाई के नाम पर भी पहले मकान ड्रा में निकल चुका है। फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाकर भी कई लोगों ने आसरा योजना के मकानों का आवंटन करा लिया था। डूडा के परियोजना अधिकारी के मुताबिक ,आवंटियों की दोबारा जांच कराई गई तो मामला उजागर हुआ। उनका आवंटन निरस्त कर दिया गया था।
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इस वजह से निरस्त हुआ ‘आसरा’ का आवंटन
कुंती देवी, सुनीता वर्मा, रजनी देवी : पहले से अपना मकान है।
प्रीति : सगे भाई को सरकारी योजना में पूर्व में मकान मिल चुका है।
कादर खान : आमदनी 72 हजार सालाना से ज्यादा पाई गई।
आशीष पाल : आमदनी 84 हजार, प्रमाण पत्र बनवाया 72 हजार का।
संजना, आलोक कुमार भारती, संजय सिंह : आमदनी ज्यादा पाई गई।
गौरव कुमार : 1.44 लाख रुपये मिली सालाना आमदनी।
शकीला, रणवीर सिंह, सत्यप्रकाश, शबाना, अफसाना, पूजा, गीता देवी, ललिता, अनवरी : आवेदन पत्र में दिए गए पते पर नहीं मिले।