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उधार नहीं देने पर हत्या करने वाले भाइयों को आजीवन कारावास
Updated Tue, 10 Jul 2018 05:44 PM IST
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उधार नहीं देने पर हत्या करने वाले भाइयों को आजीवन कारावास
गाजियाबाद। एडीजे-2 की अदालत ने सोमवार को उधार सामान नहीं मिलने पर व्यापारी की हत्या करने वाले दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायाधीश महफूज अली की अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोनों भाइयों ने लोनी क्षेत्र में व्यापारी की चाकू मारकर हत्या की थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि लोनी क्षेत्र के टोली मोहल्ले का रहने वाले फिरोज एक परचून की दुकान चलाता था। उसकी दुकान से पड़ोस में रहने वाले पप्पी उर्फ वाहब और कल्ली उर्फ फरहान उससे लगातार उधार सामान लेते थे। जब उधारी बढ़ गई तो फिरोज ने दोनों भाइयों को सामान देने से मना कर दिया। 22 जून 2003 को दोनों उधार सामान लेने के लिए आए थे, जिसका फिरोज ने विरोध किया तो उन्होंने उससे मारपीट की। बाद में दोनों भाइयों ने उस पर चाकुओं से हमला किया। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। पड़ोसियों ने जीटीबी अस्पताल में रेफर किया। उपचार के दौरान फिरोज की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने पप्पी और कल्ली के खिलाफ नामजद हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। शनिवार को मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था।
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गाजियाबाद। एडीजे-2 की अदालत ने सोमवार को उधार सामान नहीं मिलने पर व्यापारी की हत्या करने वाले दो भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायाधीश महफूज अली की अदालत ने दोनों अभियुक्तों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोनों भाइयों ने लोनी क्षेत्र में व्यापारी की चाकू मारकर हत्या की थी।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि लोनी क्षेत्र के टोली मोहल्ले का रहने वाले फिरोज एक परचून की दुकान चलाता था। उसकी दुकान से पड़ोस में रहने वाले पप्पी उर्फ वाहब और कल्ली उर्फ फरहान उससे लगातार उधार सामान लेते थे। जब उधारी बढ़ गई तो फिरोज ने दोनों भाइयों को सामान देने से मना कर दिया। 22 जून 2003 को दोनों उधार सामान लेने के लिए आए थे, जिसका फिरोज ने विरोध किया तो उन्होंने उससे मारपीट की। बाद में दोनों भाइयों ने उस पर चाकुओं से हमला किया। शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। इसके बाद हमलावर फरार हो गए। पड़ोसियों ने जीटीबी अस्पताल में रेफर किया। उपचार के दौरान फिरोज की मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने पप्पी और कल्ली के खिलाफ नामजद हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। शनिवार को मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया था।
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