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घर की जिम्मेदारियों के साथ स्टेयरिंग संभालेंगी महिलाएं-Ghaziabad city

Fri, 25 May 2018 01:13 AM IST
Updated Fri, 25 May 2018 01:13 AM IST
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घर की जिम्मेदारियों के साथ स्टेयरिंग संभालेंगी महिलाएं-Ghaziabad city
स्टेयरिंग संभालकर महिलाएं चलाएंगी गृहस्थी की गाड़ी
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गाजियाबाद। हाथ में गाड़ी का स्टेयरिंग संभालकर महिलाएं अपने गृहस्थी की ‘गाड़ी’ चला सकेंगी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। योजना में दिलचस्पी दिखाते हुए 30 महिलाओं ने ड्राइविंग सीखने की इच्छा जताई है। इन्होंने आवेदन कर दिया है। जल्द ही 10-10 के ग्रुप में इनको ड्राइविंग सिखाई जाएगी।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अभी तक कुकिंग, मसाले, कपड़े, ब्यूटीशियन आदि की ट्रेनिंग दी जा रही थी। अब महिलाओं के रोजगार की संभावनाओं का दायरा बढ़ाते हुए ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। पहले दौर में रजापुर ब्लॉक से 30 महिलाओं ने ड्राइविंग सीखने के लिए आवेदन किया है। रुडसेट नाम की कंपनी महिलाओं को ड्राइविंग की ट्रेनिंग देगी। महिलाओं को कौशल विकास मिशन के तहत प्लेसमेंट भी दिलवाया जाएगा। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद प्रत्येक महिलाओं को सर्टिफिकेट दिया जाएगा और उसके बाद किसी भी सरकारी, गैर सरकारी, स्कूल बसों में ड्राइवरी की जॉब दिलाई जाएगी। इसके अलावा वह अपनी ट्रेवलिंग एजेंसी भी शुरू कर सकती हैं, जिसके लिए लोन दिलाने में मदद की जाएगी।
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क्या है स्वयं सहायता समूह
गाजियाबाद की पूर्व डीएम मिनिस्ती एस. ने महिलाओं का एक संगठन स्वयं सहायता समूह का गठन किया था। कौशल विकास मिशन के तहत इस संगठन को महिलाओं को सशक्त बनाने का जिम्मा सौंपा गया था। इस समूह से जुड़ी महिलाओं को अब ड्राइविंग सिखाई जाएगी। समूह में 598 महिलाएं हैं।
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क्यों पड़ी आवश्यकता
स्कूली बच्चों के साथ गलत हरकतें, कैब ड्राइवर द्वारा महिलाओं के साथ जबरदस्ती की घटनाएं सुनने में आई हैं। विभिन्न स्कूल एवं अन्य संस्थानों में जहां महिलाओं की संख्या अधिक होती है, वहां महिला चालकों की डिमांड कई बार हो चुकी है। ड्राइविंग के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या काफी कम है। ऐसे में अब महिलाओं को ड्राइविंग की ट्रेनिंग दिए जाने की योजना है। इस ट्रेनिंग के बाद महिलाएं न केवल स्कूल बस चला सकती हैं, बल्कि विभिन्न कंपनियों में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को उनके घर तक छोड़ने के लिए चार्टर्ड बसों का भी संचालन कर सकेंगी।


तीन टीमें बन गई हैं। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनकी ट्रेनिंग शुरू करा दी जाएगी। यह योजना सफल हो जाती है तो अन्य महिलाओं की टीम को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके तहत 21 से लेकर 35 वर्ष तक की उम्र की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं।
प्रियंवदा यादव, उपायुक्त, एनआरएलएम
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