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पॉश कालोनियों में पानी के नमूने फेल, बीमारी को न्यौता
Updated Wed, 14 Mar 2018 01:32 AM IST
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पॉश कॉलोनियों में पानी के नमूने फेल, बीमारी को न्यौता
गाजियाबाद। केंद्रीय कॉलोनियों का पानी पीने लायक नहीं है। यह पेट की बीमारी और लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है। रेलवे कॉलोनी, सीपीडब्ल्यूडी की कमला नेहरूनगर कॉलोनी, रेलवे की आर्य नगर और भूड़ भारत नगर कॉलोनी आदि में 31 जगहों के पाने के नमूने फेल हो गए हैं। कहीं पर भी पानी में क्लोरिनेशन नहीं हुआ था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नमूने भरे थे।
पानी की शुद्धता के लिए उसमें क्लोरीन मिलाई जाती है। पिछले हफ्ते स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीपीडब्ल्यूडी की कमला नेहरू नगर कॉलोनी में नौ स्थानों पर नमूने लिए। जो फेल पाए गए। इनमें क्लोरिनेशन की मात्र शून्य पाई गई। टीम ने पूनम यादव, सुरेश, संदीप, योगेंद्र, हेमंत, रमेश, बृजकिशोर, रविंद्र कुमार के घर से पानी के नमूने लिए। जिनमें क्लोरिनेशन नहीं पाया गया। टीम ने परिसर में बनी टंकी के पानी का भी नमूना लिया। पानी में क्लोरिनेशन नहीं मिला। इसके अलावा रेलवे विद्युत लोको शेड भूड़ भारत नगर व आर्य नगर रेलवे कॉलोनी में भी पानी में कहीं भी क्लोरिनेशन नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेलवे कॉलोनी में पानी सप्लाई करने वाले पंपों के पानी की जांच की। भूड़ भारत नगर के पंप नंबर 28, पंप नंबर डी1, डी 2 व आर्य नगर पंप नंबर 1 के पानी का नमूना फेल निकला। टीम ने जिले में 22 अन्य स्थानों से पानी के नमूने लिए। इनमें मोदीनगर, मुरादनगर, डासना, शास्त्रीनगर, कैला भट्टा, पलेट नगर, नंदग्राम, चंद्रपुरी से पानी के नमूने लिए। जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि सभी जगहों के पानी के नमूने फेल पाए गए हैं। इन सबकी रिपोर्ट बनाकर प्रशासन, सीएमओ कार्यालय और नगर निगम को भेज दी है।
पेट की बीमारी को न्यौता
पानी में क्लोरिनेशन नहीं होने की वजह से पेट की बीमारी को न्यौता है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि बिना क्लोरिनेशन पानी पीने पर पेट की समस्याओं सहित पीलिया, लीवर आदि की समस्या का खतरा रहता है।
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जेल का नमूना पास
डासना स्थित जिला कारागार में भी मलेरिया विभाग की टीम ने पानी की जांच की। जेल में पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है। हालांकि जेल प्रशासन ने मच्छरों की शिकायत की है और जेल में दवा के छिड़काव और फॉगिंग कराए जाने के लिए कहा है।
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गाजियाबाद। केंद्रीय कॉलोनियों का पानी पीने लायक नहीं है। यह पेट की बीमारी और लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है। रेलवे कॉलोनी, सीपीडब्ल्यूडी की कमला नेहरूनगर कॉलोनी, रेलवे की आर्य नगर और भूड़ भारत नगर कॉलोनी आदि में 31 जगहों के पाने के नमूने फेल हो गए हैं। कहीं पर भी पानी में क्लोरिनेशन नहीं हुआ था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नमूने भरे थे।
पानी की शुद्धता के लिए उसमें क्लोरीन मिलाई जाती है। पिछले हफ्ते स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सीपीडब्ल्यूडी की कमला नेहरू नगर कॉलोनी में नौ स्थानों पर नमूने लिए। जो फेल पाए गए। इनमें क्लोरिनेशन की मात्र शून्य पाई गई। टीम ने पूनम यादव, सुरेश, संदीप, योगेंद्र, हेमंत, रमेश, बृजकिशोर, रविंद्र कुमार के घर से पानी के नमूने लिए। जिनमें क्लोरिनेशन नहीं पाया गया। टीम ने परिसर में बनी टंकी के पानी का भी नमूना लिया। पानी में क्लोरिनेशन नहीं मिला। इसके अलावा रेलवे विद्युत लोको शेड भूड़ भारत नगर व आर्य नगर रेलवे कॉलोनी में भी पानी में कहीं भी क्लोरिनेशन नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेलवे कॉलोनी में पानी सप्लाई करने वाले पंपों के पानी की जांच की। भूड़ भारत नगर के पंप नंबर 28, पंप नंबर डी1, डी 2 व आर्य नगर पंप नंबर 1 के पानी का नमूना फेल निकला। टीम ने जिले में 22 अन्य स्थानों से पानी के नमूने लिए। इनमें मोदीनगर, मुरादनगर, डासना, शास्त्रीनगर, कैला भट्टा, पलेट नगर, नंदग्राम, चंद्रपुरी से पानी के नमूने लिए। जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने बताया कि सभी जगहों के पानी के नमूने फेल पाए गए हैं। इन सबकी रिपोर्ट बनाकर प्रशासन, सीएमओ कार्यालय और नगर निगम को भेज दी है।
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पेट की बीमारी को न्यौता
पानी में क्लोरिनेशन नहीं होने की वजह से पेट की बीमारी को न्यौता है। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरसी गुप्ता ने बताया कि बिना क्लोरिनेशन पानी पीने पर पेट की समस्याओं सहित पीलिया, लीवर आदि की समस्या का खतरा रहता है।
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जेल का नमूना पास
डासना स्थित जिला कारागार में भी मलेरिया विभाग की टीम ने पानी की जांच की। जेल में पानी की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है। हालांकि जेल प्रशासन ने मच्छरों की शिकायत की है और जेल में दवा के छिड़काव और फॉगिंग कराए जाने के लिए कहा है।