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Ghaziabad News: रिमोट सेंसिंग से ढूंढ निकाले 73 कुएं और तालाब
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गाजियाबाद। जल संरक्षण के लिए किए जा रहे उपायों की श्रृंखला में रिमोट सेंसिंग की मदद से उन तालाबों और कुओं का भी पता लगाया जा रहा है, जिन पर कब्जा कर लिया गया। कब्जे की वजह इनका अस्तित्व नजर ही नहीं आ गया। भोजपुर ब्लाॅक में सर्वे कराया गया है। इसमें 73 कुएं और तालाब नजर आए हैं। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर हर जगह टीम भेजी जा रही है। अभियान चलाकर सभी जगह से कब्जा हटाया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने बताया कि तालाब और कुओं को कब्जामुक्त कराने के बाद फिर से पुराने स्वरूप में लाया जाएगा। इनका संरक्षण भी किया जाएगा। इससे भूगर्भ जल रिचार्ज होने में मदद मिलेगी। योजना तालाबों को हरा-भरा बनाए जाने की भी है। इसके लिए सभी तालाबों का सुंदरीकरण किया जाएगा। इनके किनारों पर पौधे लगाए जाएंगे।
भोजपुर ब्लाॅक में अभी तक भोजपुर गांव और तिबड़ा में ही तालाब मिले हैं। दोनों जगह तालाबों की खोदाई कराई गई है। सुंदरीकरण भी कराया जा रहा है। भोजपुर के बाद सभी ब्लाॅक में रिमोट सेंसिंग के तालाबों और कुओं की तलाश की जाएगी। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इन तालाब और कुओं को सरंक्षित रखा जाए। इनमें पानी की कमी न होने पाए। इसके लिए समय समय पर सफाई कराई जाएगी।
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ऐसे काम करती है तकनीक।। सुदूर संवेदन ( रिमोट सेंसिंग) एक तकनीक है जिससे किसी वस्तु को छुए बिना उसके बारे में जानकारी हासिल की जाती है। यह तकनीक पृथ्वी के बारे में जानकारी पाने के लिए खास तौर पर इस्तेमाल की जाती है।
जलस्तर पर भी रहेगी नजर
रिमोट सेंसिंग की मदद से ढूंढे जा रहे तालाबों और कुओं में पीजोमीटर भी लगाए जा रहे हैं। ये जल के स्तर की जानकारी देते रहेंगे। इससे पता चल सकेगा कि जल का स्तर नीचे जा रहा है, स्थिर बना हुआ है या फिर ऊपर आ रहा है। यह रीडिंग तालाबों और कुओं की स्थिति को ठीक करने में मददगार साबित होगी।
तालाब के अंदर मिला कुआं
मुरादनगर के मोहम्मदपुर कदीम गांव में तालाब की खोदाई के दौरान कुआं मिला है। इस तालाब के सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है। जलस्तर बढ़ाने के उपाय किए गए हैं। आसपास पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैं। सीडीओ ने बताया कि मार्च के मध्य तक इसका कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने बताया कि तालाब और कुओं को कब्जामुक्त कराने के बाद फिर से पुराने स्वरूप में लाया जाएगा। इनका संरक्षण भी किया जाएगा। इससे भूगर्भ जल रिचार्ज होने में मदद मिलेगी। योजना तालाबों को हरा-भरा बनाए जाने की भी है। इसके लिए सभी तालाबों का सुंदरीकरण किया जाएगा। इनके किनारों पर पौधे लगाए जाएंगे।
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भोजपुर ब्लाॅक में अभी तक भोजपुर गांव और तिबड़ा में ही तालाब मिले हैं। दोनों जगह तालाबों की खोदाई कराई गई है। सुंदरीकरण भी कराया जा रहा है। भोजपुर के बाद सभी ब्लाॅक में रिमोट सेंसिंग के तालाबों और कुओं की तलाश की जाएगी। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इन तालाब और कुओं को सरंक्षित रखा जाए। इनमें पानी की कमी न होने पाए। इसके लिए समय समय पर सफाई कराई जाएगी।
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ऐसे काम करती है तकनीक।। सुदूर संवेदन ( रिमोट सेंसिंग) एक तकनीक है जिससे किसी वस्तु को छुए बिना उसके बारे में जानकारी हासिल की जाती है। यह तकनीक पृथ्वी के बारे में जानकारी पाने के लिए खास तौर पर इस्तेमाल की जाती है।
जलस्तर पर भी रहेगी नजर
रिमोट सेंसिंग की मदद से ढूंढे जा रहे तालाबों और कुओं में पीजोमीटर भी लगाए जा रहे हैं। ये जल के स्तर की जानकारी देते रहेंगे। इससे पता चल सकेगा कि जल का स्तर नीचे जा रहा है, स्थिर बना हुआ है या फिर ऊपर आ रहा है। यह रीडिंग तालाबों और कुओं की स्थिति को ठीक करने में मददगार साबित होगी।
तालाब के अंदर मिला कुआं
मुरादनगर के मोहम्मदपुर कदीम गांव में तालाब की खोदाई के दौरान कुआं मिला है। इस तालाब के सुंदरीकरण का कार्य चल रहा है। जलस्तर बढ़ाने के उपाय किए गए हैं। आसपास पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैं। सीडीओ ने बताया कि मार्च के मध्य तक इसका कार्य पूरा कर लिया जाएगा।