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दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम का होगा थर्ड पार्टी ऑडिट
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दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम का होगा थर्ड पार्टी ऑडिट
गाजियाबाद। विवादों में आ चुके नेहरू नगर सेकेंड में निर्माणाधीन दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम का अब थर्ड पार्टी ऑडिट होगा। रुड़की या दिल्ली आईआईटी के इंजीनियर ऑडिटोरियम की जांच करेंगे। वह देखेंगे कि जितना बजट खर्च किया गया है, उसके अनुसार निर्माण किया गया है या नहीं। थर्ड पार्टी ऑडिट की रिपोर्ट से मंडलायुक्त संतुष्ट हुईं तो ऑडिटोरियम के बकाया कार्यों के लिए नए सिरे से बजट पास किया जाएगा।
नगर निगम ने अवस्थापना निधि से नेहरू नगर सेकेंड में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर ऑडिटोरियम निर्माण का प्रस्ताव 2012 में पास किया था। शुरूआत में प्रोजेक्ट की लागत 22.93 करोड़ थी। दिसंबर 2012 में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया। पीएमएस नाम की एक फर्म को प्रोजेक्ट के निर्माण का ठेका दिया गया। शहर की जनता के लिए बनाए जाने वाले इस ऑडिटोरियम के निर्माण में नगर निगम के तत्कालीन इंजीनियरों और कांट्रेक्टर फर्म की मिलीभगत से खूब धांधली हुई और फिर इसका निर्माण बीच में छोड़कर चली गई। इसके बाद दोबारा टेंडर किया गया तो इसका बजट धीरे-धीरे बढ़कर 40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
अब तक 30 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है निगम
नगर निगम ऑडिटोरियम के निर्माण पर करीब 30 करोड़ रुपये इस पर खर्च कर चुका है, लेकिन अभी भी 20 से 25 फीसदी काम बाकी है। ऐसे में इसके निर्माण पर अब सवाल उठ रहे हैं। अब निगम अधिकारी इसका निर्माण पूरा करने के लिए नए सिरे से बजट पास कराने की प्रक्रिया पूरी करा रहे हैं, लेकिन मंडलायुक्त ने पहले इसका थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
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मंडलायुक्त के निर्देश पर ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाना है। इसके लिए राइट्स एजेंसी से संपर्क किया गया था। उनके ऑडिट के लिए इंकार करने पर अब आईआईटी रुड़की और दिल्ली से संपर्क किया गया है। जल्द ही इनमें से एक संस्था को ऑडिट के लिए अधिकृत किया जाएगा और थर्ड पार्टी ऑडिट कराकर रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजी जाएगी। - मोइनुद्दीन, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
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गाजियाबाद। विवादों में आ चुके नेहरू नगर सेकेंड में निर्माणाधीन दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम का अब थर्ड पार्टी ऑडिट होगा। रुड़की या दिल्ली आईआईटी के इंजीनियर ऑडिटोरियम की जांच करेंगे। वह देखेंगे कि जितना बजट खर्च किया गया है, उसके अनुसार निर्माण किया गया है या नहीं। थर्ड पार्टी ऑडिट की रिपोर्ट से मंडलायुक्त संतुष्ट हुईं तो ऑडिटोरियम के बकाया कार्यों के लिए नए सिरे से बजट पास किया जाएगा।
नगर निगम ने अवस्थापना निधि से नेहरू नगर सेकेंड में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर ऑडिटोरियम निर्माण का प्रस्ताव 2012 में पास किया था। शुरूआत में प्रोजेक्ट की लागत 22.93 करोड़ थी। दिसंबर 2012 में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया गया। पीएमएस नाम की एक फर्म को प्रोजेक्ट के निर्माण का ठेका दिया गया। शहर की जनता के लिए बनाए जाने वाले इस ऑडिटोरियम के निर्माण में नगर निगम के तत्कालीन इंजीनियरों और कांट्रेक्टर फर्म की मिलीभगत से खूब धांधली हुई और फिर इसका निर्माण बीच में छोड़कर चली गई। इसके बाद दोबारा टेंडर किया गया तो इसका बजट धीरे-धीरे बढ़कर 40 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
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अब तक 30 करोड़ रुपये खर्च कर चुका है निगम
नगर निगम ऑडिटोरियम के निर्माण पर करीब 30 करोड़ रुपये इस पर खर्च कर चुका है, लेकिन अभी भी 20 से 25 फीसदी काम बाकी है। ऐसे में इसके निर्माण पर अब सवाल उठ रहे हैं। अब निगम अधिकारी इसका निर्माण पूरा करने के लिए नए सिरे से बजट पास कराने की प्रक्रिया पूरी करा रहे हैं, लेकिन मंडलायुक्त ने पहले इसका थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
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मंडलायुक्त के निर्देश पर ऑडिटोरियम के निर्माण कार्य का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाना है। इसके लिए राइट्स एजेंसी से संपर्क किया गया था। उनके ऑडिट के लिए इंकार करने पर अब आईआईटी रुड़की और दिल्ली से संपर्क किया गया है। जल्द ही इनमें से एक संस्था को ऑडिट के लिए अधिकृत किया जाएगा और थर्ड पार्टी ऑडिट कराकर रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजी जाएगी। - मोइनुद्दीन, चीफ इंजीनियर, नगर निगम