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590 करोड़ से होगा शहर का विकास
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Thu, 15 Sep 2016 11:55 PM IST
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विकास
- फोटो : अमर उजाला
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शहरवासियों के लिए अच्छी खबर है। 590 करोड़ रुपये से शहर में विकास कार्य कराए जाएंगे। इस राशि में से 400 करोड़ रुपये मेट्रो और एलिवेटेड सहित पुराने प्रोजेक्ट के लिए होंगे जबकि नए प्रोजेक्ट के मद में मंजूर 190 करोड़ आएंगे।
इस रकम से शहर को चमकाया जाएगा। मेरठ में बृहस्पतिवार को हुई अवस्थापना निधि की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई। खास बात यह है कि मेट्रो और एलिवेटेड रोड पर मंडरा रहे फंड की कमी के बादल अब छट जाएंगे। एनएच-24 को एनएच-58 से जोड़ने वाली नई लिंक रोड के लिए भी अब धन का अभाव नहीं होगा।
वहीं शहर में एक दर्जन से अधिक इलाकों में नई रोड बनेगी। आरडीसी में मल्टीलेवल पार्किंग बनने का रास्ता भी साफ हो गया है। साथ ही सूर्य नगर आरओबी की चौड़ाई डबल कर दी जाएगी।
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बृहस्पतिवार को मेरठ में कमिश्नर आलोक सिन्हा की अध्यक्षता में अवस्थापना निधि की बैठक हुई। बैठक में जीडीए वीसी विजय यादव समेत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में विकास के छोटे-बडे़ करीब 40 प्रस्ताव पेश किए गए थे, जिनके लिए 590 करोड़ की राशि को मंजूरी दी गई।
जीडीए के चीफ इंजीनियर एके गुप्ता ने मेरठ से लौटने के बाद बताया कि नए प्रोजेक्ट के मद में मंजूर 190 करोड़ से शहर में कई विकास कार्य होंगे। उन्होंने बताया कि राजेंद्र नगर, लाजपत नगर, शहीद नगर, कर्पूरीपुरम, गोविंदपुरम, नंदग्राम, स्वर्णजयंतीपुरम आदि इलाकों की जर्जर हो गई सड़कों को नए सिरे से बनाया जाएगा।
तीन करोड़ की लागत से आरडीसी में मल्टीलेवल पार्किंग बनेगी, जिसकी क्षमता पांच सौ वाहनों की होगी। एनएच-24 से एनएच-58 को जोड़ने वाली नई लिंक रोड के लिए 38 करोड़ की राशि मंजूर की गई है।
चीफ इंजीनियर ने बताया कि सूर्य नगर आरओबी पर लोग जाम से त्रस्त रहते हैं। अब तीन लेन के इस आरओबी को छह लेन का बनाया जाएगा। इसकी डीपीआर तैयार करने के लिए 50 लाख की राशि मिलेगी।
उन्होंने बताया कि सिटी फॉरेस्ट में सोलर प्लांट केलिए पांच करोड़ और एसटीपी केलिए पांच करोड़ की मंजूरी मिली है। मधुबन-बापूधाम में बुनकर मार्ट के लिए 75 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा जन सुविधा से जुड़ी कई कार्यों के प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं।
मेट्रो और एलिवेटेड रोड के लिए नहीं होगा धन का अभाव
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट मेट्रो और एलिवेटेड रोड के लिए धन को लेकर जीडीए की चिंता अब दूर हो गई। इस बैठक में मेट्रो के लिए 145 करोड़ और एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट के लिए 125 करोड़ की राशि को मंजूरी दी गई।
मेट्रो प्रोजेक्ट में जीडीए को अपने हिस्से की 695 करोड़ की राशि देनी है। इनमें से 545 करोड़ जून तक जीडीए को देना था लेकिन जीडीए अब तक 387 करोड़ ही डीएमआरसी को दे पाया है।
राजनगर एक्सटेंशन से यूपी गेट तक बनने वाली एलिवेटेड रोड 1140 करोड़ का प्रोजेक्ट है। इसके लिए जीडीए ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से 700 करोड़ का लोन मांगा था, जिसमें से 400 करोड़ ही मंजूर हो पाया है।
क्या है अवस्थापना निधि
अवस्थापना निधि यानी इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड में नक्शा पास कराने के मद में लिए जाने वाले विकास शुल्क, फ्री होल्ड का दो प्रतिशत और रजिस्ट्री के दो प्रतिशत के तीसरे हिस्से की राशि जमा होती है। इस राशि का उपयोग विकास कार्यों में किया जाता है।
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इस रकम से शहर को चमकाया जाएगा। मेरठ में बृहस्पतिवार को हुई अवस्थापना निधि की बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई। खास बात यह है कि मेट्रो और एलिवेटेड रोड पर मंडरा रहे फंड की कमी के बादल अब छट जाएंगे। एनएच-24 को एनएच-58 से जोड़ने वाली नई लिंक रोड के लिए भी अब धन का अभाव नहीं होगा।
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वहीं शहर में एक दर्जन से अधिक इलाकों में नई रोड बनेगी। आरडीसी में मल्टीलेवल पार्किंग बनने का रास्ता भी साफ हो गया है। साथ ही सूर्य नगर आरओबी की चौड़ाई डबल कर दी जाएगी।
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बृहस्पतिवार को मेरठ में कमिश्नर आलोक सिन्हा की अध्यक्षता में अवस्थापना निधि की बैठक हुई। बैठक में जीडीए वीसी विजय यादव समेत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में विकास के छोटे-बडे़ करीब 40 प्रस्ताव पेश किए गए थे, जिनके लिए 590 करोड़ की राशि को मंजूरी दी गई।
जीडीए के चीफ इंजीनियर एके गुप्ता ने मेरठ से लौटने के बाद बताया कि नए प्रोजेक्ट के मद में मंजूर 190 करोड़ से शहर में कई विकास कार्य होंगे। उन्होंने बताया कि राजेंद्र नगर, लाजपत नगर, शहीद नगर, कर्पूरीपुरम, गोविंदपुरम, नंदग्राम, स्वर्णजयंतीपुरम आदि इलाकों की जर्जर हो गई सड़कों को नए सिरे से बनाया जाएगा।
तीन करोड़ की लागत से आरडीसी में मल्टीलेवल पार्किंग बनेगी, जिसकी क्षमता पांच सौ वाहनों की होगी। एनएच-24 से एनएच-58 को जोड़ने वाली नई लिंक रोड के लिए 38 करोड़ की राशि मंजूर की गई है।
चीफ इंजीनियर ने बताया कि सूर्य नगर आरओबी पर लोग जाम से त्रस्त रहते हैं। अब तीन लेन के इस आरओबी को छह लेन का बनाया जाएगा। इसकी डीपीआर तैयार करने के लिए 50 लाख की राशि मिलेगी।
उन्होंने बताया कि सिटी फॉरेस्ट में सोलर प्लांट केलिए पांच करोड़ और एसटीपी केलिए पांच करोड़ की मंजूरी मिली है। मधुबन-बापूधाम में बुनकर मार्ट के लिए 75 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके अलावा जन सुविधा से जुड़ी कई कार्यों के प्रस्ताव मंजूर किए गए हैं।
मेट्रो और एलिवेटेड रोड के लिए नहीं होगा धन का अभाव
मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट मेट्रो और एलिवेटेड रोड के लिए धन को लेकर जीडीए की चिंता अब दूर हो गई। इस बैठक में मेट्रो के लिए 145 करोड़ और एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट के लिए 125 करोड़ की राशि को मंजूरी दी गई।
मेट्रो प्रोजेक्ट में जीडीए को अपने हिस्से की 695 करोड़ की राशि देनी है। इनमें से 545 करोड़ जून तक जीडीए को देना था लेकिन जीडीए अब तक 387 करोड़ ही डीएमआरसी को दे पाया है।
राजनगर एक्सटेंशन से यूपी गेट तक बनने वाली एलिवेटेड रोड 1140 करोड़ का प्रोजेक्ट है। इसके लिए जीडीए ने एनसीआर प्लानिंग बोर्ड से 700 करोड़ का लोन मांगा था, जिसमें से 400 करोड़ ही मंजूर हो पाया है।
क्या है अवस्थापना निधि
अवस्थापना निधि यानी इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड में नक्शा पास कराने के मद में लिए जाने वाले विकास शुल्क, फ्री होल्ड का दो प्रतिशत और रजिस्ट्री के दो प्रतिशत के तीसरे हिस्से की राशि जमा होती है। इस राशि का उपयोग विकास कार्यों में किया जाता है।