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नेहरू स्टेडियम की बढ़ी फीस से कम हुए खिलाड़ी
Updated Mon, 28 May 2018 05:39 PM IST
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नेहरू स्टेडियम की बढ़ी फीस से खिलाड़ियों का पलायन
गाजियाबाद। जीडीए के नेहरू स्टेडियम में प्रैक्टिस और मैचों की फीस दोगुना होने से स्टेडियम में खिलाड़ियों की संख्या आधे से भी कम रहे गई है। बढ़ी प्रैक्टिस और मैच फीस का भार उठाने में असमर्थ खिलाड़ी अब गाजियाबाद से पलायन करने को मजबूर हैं। पहले स्टेडियम में रोजाना मैच होते थे, जनवरी में हुई फीस वृद्धि के बाद से स्टेडियम में गिने-चुने मैच हुए हैं। फीस बढ़ने के बावजूद स्टेडियम में सुविधाओं की हालत खस्ता है।
स्टेडियम में पहले आठ क्रिकेट एकेडमी की ओर से प्रैक्टिस कराई जाती थी, जिसकी संख्या घटकर पांच रह गई है। वहीं रोजाना क्रिकेट, बैडमिंटन सहित अन्य खेलों की प्रैक्टिस के लिए आने वाले 2000 खिलाड़ियों की संख्या भी 1000 से कम रह गई है। जीडीए के निर्णय से गरीब व मध्यम वर्ग के खिलाड़ियों का सर्वाधिक मनोबल गिरा है। आर्थिक स्थिति के चलते कई खिलाड़ियों ने स्टेडियम में प्रैक्टिस करने तक छोड़ दिया है। जीडीए ने स्टेडियम में पवेलियन के बगैर प्रति मैच की फीस 2500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये, पवेलियन के साथ मैच शुल्क पांच हजार से 10 हजार रुपये, पवेलियन के साथ कारपोरेट श्रेणी के लिए मैदान शुल्क 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया था। वहीं, प्रति माह नेट प्रैक्टिस की फीस चार हजार से बढ़ाकर आठ हजार रुपये करने का सबसे ज्यादा विरोध हुआ है। इसके अलावा रणजी मैच की फीस एक लाख से बढ़ाकर दा लाख और अंतर्राष्ट्रीय मैच की फीस दो लाख से बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दी थी। उस पर 18 फीसदी जीएसटी ने खिलाड़ियों के साथ एकेडमी संचालकों की परेशानी बढ़ा दी है।
खिलाड़ी हुए आधे, नोएडा में कराने पड़ रहे मैच
हरिसिंह क्रिकेट एकेडमी संचालक अमर सिंह का कहना है कि प्रैक्टिस व मैच फीस बढ़ाने का खेल पर नकारात्मक असर पड़ा है। फीस बढ़ने पर आधे से अधिक खिलाड़ियों ने स्टेडियम में प्रैक्टिस छोड़ दी है। वहीं, मैच फीस अब एकेडमी के बस के बाहर की बात हो गई है। ऐसे में एनएच-24 व एनएच-58 मननधाम के आसपास के साथ नोएडा के स्टेडियम में मजबूरी वश मैच कराने पड़ रहे हैं। खिलाड़ियों के हित को ध्यान में रख फीस कम की जानी चाहिए।
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फीस बढ़ी पर सुविधाओं की हालत खस्ता
मनोज गौड़ एकेडमी के संचालक मनोज गौड़ ने बताया कि बढ़ी प्रैक्टिस फीस के चलते आधे से ज्यादा गरीब व मध्यवर्गीय खिलाड़ियों ने किनारा कर दिया लिया। बढ़ी फीस पर 18 फीसदी जीएसटी से परेशानी बढ़ी है। इस फैसले के बाद मजबूरन उन्हें प्रैक्टिस फीस बढ़ानी पड़ी है। स्टेडियम में सुविधाओं का हाल खराब है। प्रैक्टिस के नेट फटे होने से कभी भी हादसा हो सकता है।
खिलाड़ियों का नहीं गिरने दिया जाएगा मनोबल: वीके सिंह
जीडीए की ओर से दोगुना की गई नेहरू स्टेडियम में मैच और प्रैक्टिस फीस पर राज्यमंत्री व सांसद वीके सिंह ने कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। एकाएक फीस में की गई दोगुना की वृद्धि जायज नहीं है। इसे कम कराने के प्रयास किए जाएंगे। गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों का मनोबल गिरने नहीं दिया जाएगा।
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गाजियाबाद। जीडीए के नेहरू स्टेडियम में प्रैक्टिस और मैचों की फीस दोगुना होने से स्टेडियम में खिलाड़ियों की संख्या आधे से भी कम रहे गई है। बढ़ी प्रैक्टिस और मैच फीस का भार उठाने में असमर्थ खिलाड़ी अब गाजियाबाद से पलायन करने को मजबूर हैं। पहले स्टेडियम में रोजाना मैच होते थे, जनवरी में हुई फीस वृद्धि के बाद से स्टेडियम में गिने-चुने मैच हुए हैं। फीस बढ़ने के बावजूद स्टेडियम में सुविधाओं की हालत खस्ता है।
स्टेडियम में पहले आठ क्रिकेट एकेडमी की ओर से प्रैक्टिस कराई जाती थी, जिसकी संख्या घटकर पांच रह गई है। वहीं रोजाना क्रिकेट, बैडमिंटन सहित अन्य खेलों की प्रैक्टिस के लिए आने वाले 2000 खिलाड़ियों की संख्या भी 1000 से कम रह गई है। जीडीए के निर्णय से गरीब व मध्यम वर्ग के खिलाड़ियों का सर्वाधिक मनोबल गिरा है। आर्थिक स्थिति के चलते कई खिलाड़ियों ने स्टेडियम में प्रैक्टिस करने तक छोड़ दिया है। जीडीए ने स्टेडियम में पवेलियन के बगैर प्रति मैच की फीस 2500 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये, पवेलियन के साथ मैच शुल्क पांच हजार से 10 हजार रुपये, पवेलियन के साथ कारपोरेट श्रेणी के लिए मैदान शुल्क 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया था। वहीं, प्रति माह नेट प्रैक्टिस की फीस चार हजार से बढ़ाकर आठ हजार रुपये करने का सबसे ज्यादा विरोध हुआ है। इसके अलावा रणजी मैच की फीस एक लाख से बढ़ाकर दा लाख और अंतर्राष्ट्रीय मैच की फीस दो लाख से बढ़ाकर चार लाख रुपये कर दी थी। उस पर 18 फीसदी जीएसटी ने खिलाड़ियों के साथ एकेडमी संचालकों की परेशानी बढ़ा दी है।
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खिलाड़ी हुए आधे, नोएडा में कराने पड़ रहे मैच
हरिसिंह क्रिकेट एकेडमी संचालक अमर सिंह का कहना है कि प्रैक्टिस व मैच फीस बढ़ाने का खेल पर नकारात्मक असर पड़ा है। फीस बढ़ने पर आधे से अधिक खिलाड़ियों ने स्टेडियम में प्रैक्टिस छोड़ दी है। वहीं, मैच फीस अब एकेडमी के बस के बाहर की बात हो गई है। ऐसे में एनएच-24 व एनएच-58 मननधाम के आसपास के साथ नोएडा के स्टेडियम में मजबूरी वश मैच कराने पड़ रहे हैं। खिलाड़ियों के हित को ध्यान में रख फीस कम की जानी चाहिए।
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फीस बढ़ी पर सुविधाओं की हालत खस्ता
मनोज गौड़ एकेडमी के संचालक मनोज गौड़ ने बताया कि बढ़ी प्रैक्टिस फीस के चलते आधे से ज्यादा गरीब व मध्यवर्गीय खिलाड़ियों ने किनारा कर दिया लिया। बढ़ी फीस पर 18 फीसदी जीएसटी से परेशानी बढ़ी है। इस फैसले के बाद मजबूरन उन्हें प्रैक्टिस फीस बढ़ानी पड़ी है। स्टेडियम में सुविधाओं का हाल खराब है। प्रैक्टिस के नेट फटे होने से कभी भी हादसा हो सकता है।
खिलाड़ियों का नहीं गिरने दिया जाएगा मनोबल: वीके सिंह
जीडीए की ओर से दोगुना की गई नेहरू स्टेडियम में मैच और प्रैक्टिस फीस पर राज्यमंत्री व सांसद वीके सिंह ने कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था। एकाएक फीस में की गई दोगुना की वृद्धि जायज नहीं है। इसे कम कराने के प्रयास किए जाएंगे। गरीब व आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों का मनोबल गिरने नहीं दिया जाएगा।