{"_id":"5bbdf59a867a55286117fde5","slug":"31539175834-ghaziabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल साइट्स बन रहीं हैं तनाव का कारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल साइट्स बन रहीं हैं तनाव का कारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 10 Oct 2018 06:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक युवती का रिलेशनशिप में तनाव इतना बढ़ गया था कि ब्रेकअप की नौबत आ गई थी। इसका मुख्य कारण था कि युवक उसके फेसबुक या अन्य सोशल साइट्स के पोस्ट पर कमेंट नहीं करता था। दूसरा केस एक किशोर का था, जिसके माता-पिता की शिकायत थी कि वह दिन रात विडियो देखता है।
विज्ञापन
मनोचिकित्सक द्वारा पूछताछ में पता चला कि वह सिर्फ मोटिवेशनल विडियो देखता है। यह मामले हैं जो अधिकतर मनोचिकित्सक और मनोविज्ञानियों के पास आ रहे हैं। हर किसी को सोशल साइट्स और मोबाइल की वजह से तनाव है, जिसकी वजह से लोगों को मनोचिकित्सक तक के पास जाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
संवेदना सोसाइटी फॉर मेंटल हेल्थ ने मंगलवार को मानसिक स्वास्थ्य दिवस की पूर्व संध्या पर एक सेमिनार का आयोजन किया। आरडीसी में आयोजित इस सेमिनार में मनोचिकित्सक डॉ. आर चंद्रा ने बताया कि डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ एंड मोरटेलिटी स्टडी के आंकड़ों के अनुसार एक से तीन करोड़ युवा मानसिक रोगों से ग्रस्त हैं।
विज्ञापन
डॉ. हेमिका अग्रवाल ने बताया कि सामाजिक बदलाव भी बच्चों में तनाव का सबसे बड़ा कारण बन रहा है। इसमें सामाजिक संरचना, पारिवारिक संचय में बदलाव मुख्य कारण हैं। मनोविशेषज्ञ डॉ. संजीव त्यागी ने बताया कि मोटिवेशनल विडियो अधिक देखने वाले युवक से जब पूछा गया कि इतने विडियोज देखते हुए कभी उसकी बातों पर अमल किया है, तब किशोर का जवाब था कि एक विडियो जैसे ही देखकर खत्म करता हूं दूसरा विडियो सामने आ जाता है फिर मैं वही देखने लगता हूं।
उन्होंने बताया कि सोशल साइट्स युवाओं से लेकर हर वर्ग के लोगों में तनाव का कारण बन रहा है। इसकी वजह से रिश्ते टूट रहे हैं, पढ़ाई में व्यवधान आ रहा है। इंटरनेट के गलत इस्तेमाल की वजह से ही दुष्कर्म के मामले भी अधिक बढ़ रहे हैं।
फिजीशियन डॉ. विनय भट्ट ने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेज केअधिकतर युवा पेट में दर्द की शिकायत, भूख ना लगना, सिर दर्द होने की शिकायत लेकर आते हैं, लेकिन इसका मुख्य कारण होता है तनाव और दबाव। अभिभावकों की अपेक्षाओं पर खरे ना उतरने का दबाव, असफल होने का दबाव उनपर हावी रहता है। मगर, लोग इन लक्षणों को पहचान नहीं पाते। सही फिजीशियन इन सभी लक्षणों के पीछे छुपे कारण को पहचान करके मनोचिकित्सक के पास भेज सकता है।