{"_id":"5a60fab04f1c1b7f268b5372","slug":"31516305072-ghaziabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध निर्माण हटाने गई जीडीए टीम का विरोध, छात्रा ने काटी नस-Cordination","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध निर्माण हटाने गई जीडीए टीम का विरोध, छात्रा ने काटी नस-Cordination
Updated Fri, 19 Jan 2018 01:21 AM IST
विज्ञापन
अवैध निर्माण हटाने गई जीडीए टीम का विरोध, छात्रा ने काटी नस
गाजियाबाद। लोहिया नगर के लाल क्वार्टर के पास अवैध निर्माण ढहाने गए जीडीए प्रवर्तन दस्ते को लोगों के साथ महिलाओं का विरोध झेलना पड़ा। प्रवर्तन दस्ते की ओर से चार अवैध दुकानों के बाद गऊ शाला ढहाने पर मंदिर के पुजारी की बेटी ने विरोध करते हुए अपने हाथ की नस काट ली। खून बहने की वजह से वह बेहोश हो गई। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। लड़की बीसीए की छात्रा है। महिलाओं ने जबरदस्त हंगामा किया। विरोध बढ़ने के बाद दस्ता एक दिन में अवैध निर्माण को खाली कराने की मोहलत देकर वापस लौट गया।
लोहियानगर में लाल क्वार्टर के पास 2250 वर्गमीटर क्षेत्र में शिव चंडी मंदिर के साथ गौशाला और दुकानें हैं। जीडीए की ओर से अवैध निर्माण बताते हुए पिछले साल मई 2017 और फिर जनवरी के पहले सप्ताह में जगह खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे अवैध निर्माण ढहाने गए जीडीए के प्रवर्तन दल को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। मौके पर मंदिर के पुजारी व शिव आराधना समिति के सचिव महंत कृष्ण गोपाल की बेटी छाया शर्मा पहले तो विरोध जताते हुए गौशाला के छज्जे पर चढ़ गई। फिर उसने अपने हाथ की नस काट ली। छाया को पहले नागर अस्पताल और फिर एमएमजी में भर्ती कराया गया। इसके बाद महिलाआें के जबरदस्त विरोध के बाद प्रवर्तन दल का दस्ता वापस लौट गया। मौके पर अपर नगर मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, जीडीए अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा।
सुबह मिले डीएम से, दोपहर में चला बुलडोजर
हाथ की नस काटने वाली महंत की बेटी की बहन निधि शर्मा ने बताया कि वर्तमान जगह पर पिछले 70 सालों से मंदिर है। परिवार के पास जमीन के सभी दस्तावेज हैं। उनकी पैतृक संपत्ति को जीडीए अवैध बता रहा है। जीडीए की ओर से 16 जनवरी को मिले नोटिस के बाबत बृहस्पतिवार को डीएम रितु माहेश्वरी से मिलने गए थे। डीएम ने अनावश्यक कार्रवाई नहीं होने का आश्वासन दिया था। लेकिन मामला कोर्ट में होने के बावजूद जीडीए ने बुलडोजर चला दिया। जीडीए की कार्रवाई के चलते गौशाला में मौजूद 100 गायों को चोट लगी है। उनकी बहन ने जीडीए की कार्रवाई से घबराकर हाथ की नस काटी। वह शुक्रवार को होने वाला पेपर भी नहीं दे सकेगी।
विज्ञापन
करोड़ों की जमीन पर है कब्जा, मंदिर नहीं ढहाया जाएगा
जीडीए के सहायक अभियंता प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि जीडीए की करीब 2240 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध निर्माण हुआ है। जमीन का अधिग्रहण 1969 में धारा चार के तहत हुआ था। अवैध कब्जे को हटाने के लिए पहले मई 2017 में नोटिस दिया गया था। फिर से जमीन खाली करने के बाद जनवरी में नोटिस जारी किया गया। जीडीए की जमीन पर अवैध 11 दुकानें व गौशाला है। जगह खाली कराने पहुंचीं प्रवर्तन दल की टीम को गाय बंधी मिली। उन्हें हटाने के बाद करीब चार दुकानें को तोड़ा गया। इस बीच एक लड़की ने अपनी नस काटने की कोशिश की। अवैध निर्माण हटाने का महिलाओं ने भी विरोध करना शुरू किया। कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जमीन खाली करने का एक दिन का मौका दिया गया है। सहायक अभियंता का कहना है कि जीडीए वीसी ने मंदिर नहीं ढहाने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। लोहिया नगर के लाल क्वार्टर के पास अवैध निर्माण ढहाने गए जीडीए प्रवर्तन दस्ते को लोगों के साथ महिलाओं का विरोध झेलना पड़ा। प्रवर्तन दस्ते की ओर से चार अवैध दुकानों के बाद गऊ शाला ढहाने पर मंदिर के पुजारी की बेटी ने विरोध करते हुए अपने हाथ की नस काट ली। खून बहने की वजह से वह बेहोश हो गई। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया। लड़की बीसीए की छात्रा है। महिलाओं ने जबरदस्त हंगामा किया। विरोध बढ़ने के बाद दस्ता एक दिन में अवैध निर्माण को खाली कराने की मोहलत देकर वापस लौट गया।
लोहियानगर में लाल क्वार्टर के पास 2250 वर्गमीटर क्षेत्र में शिव चंडी मंदिर के साथ गौशाला और दुकानें हैं। जीडीए की ओर से अवैध निर्माण बताते हुए पिछले साल मई 2017 और फिर जनवरी के पहले सप्ताह में जगह खाली करने का नोटिस जारी किया गया था। बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे अवैध निर्माण ढहाने गए जीडीए के प्रवर्तन दल को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। मौके पर मंदिर के पुजारी व शिव आराधना समिति के सचिव महंत कृष्ण गोपाल की बेटी छाया शर्मा पहले तो विरोध जताते हुए गौशाला के छज्जे पर चढ़ गई। फिर उसने अपने हाथ की नस काट ली। छाया को पहले नागर अस्पताल और फिर एमएमजी में भर्ती कराया गया। इसके बाद महिलाआें के जबरदस्त विरोध के बाद प्रवर्तन दल का दस्ता वापस लौट गया। मौके पर अपर नगर मजिस्ट्रेट अतुल कुमार, जीडीए अधिकारियों के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन
सुबह मिले डीएम से, दोपहर में चला बुलडोजर
हाथ की नस काटने वाली महंत की बेटी की बहन निधि शर्मा ने बताया कि वर्तमान जगह पर पिछले 70 सालों से मंदिर है। परिवार के पास जमीन के सभी दस्तावेज हैं। उनकी पैतृक संपत्ति को जीडीए अवैध बता रहा है। जीडीए की ओर से 16 जनवरी को मिले नोटिस के बाबत बृहस्पतिवार को डीएम रितु माहेश्वरी से मिलने गए थे। डीएम ने अनावश्यक कार्रवाई नहीं होने का आश्वासन दिया था। लेकिन मामला कोर्ट में होने के बावजूद जीडीए ने बुलडोजर चला दिया। जीडीए की कार्रवाई के चलते गौशाला में मौजूद 100 गायों को चोट लगी है। उनकी बहन ने जीडीए की कार्रवाई से घबराकर हाथ की नस काटी। वह शुक्रवार को होने वाला पेपर भी नहीं दे सकेगी।
विज्ञापन
करोड़ों की जमीन पर है कब्जा, मंदिर नहीं ढहाया जाएगा
जीडीए के सहायक अभियंता प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि जीडीए की करीब 2240 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध निर्माण हुआ है। जमीन का अधिग्रहण 1969 में धारा चार के तहत हुआ था। अवैध कब्जे को हटाने के लिए पहले मई 2017 में नोटिस दिया गया था। फिर से जमीन खाली करने के बाद जनवरी में नोटिस जारी किया गया। जीडीए की जमीन पर अवैध 11 दुकानें व गौशाला है। जगह खाली कराने पहुंचीं प्रवर्तन दल की टीम को गाय बंधी मिली। उन्हें हटाने के बाद करीब चार दुकानें को तोड़ा गया। इस बीच एक लड़की ने अपनी नस काटने की कोशिश की। अवैध निर्माण हटाने का महिलाओं ने भी विरोध करना शुरू किया। कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जमीन खाली करने का एक दिन का मौका दिया गया है। सहायक अभियंता का कहना है कि जीडीए वीसी ने मंदिर नहीं ढहाने का निर्देश दिया है।