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नगर निगम: कूड़े से 20 करोड़ कमाएगा, सफाई में लगाएगा
Updated Tue, 22 May 2018 01:32 AM IST
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नगर निगम: कूड़े से 20 करोड़ कमाएगा, सफाई में लगाएगा
गाजियाबाद। नगर निगम ने डोर टू डोर कूड़ा उठाने का शुल्क तय कर दिया है। कामर्शियल के लिए 70 और घरों के लिए 50 रुपये महीना शुल्क तय किया गया है। जनवरी 2018 से यह शुल्क लिया जाएगा। तब से ही 82 वार्डों में निगम की गाड़ियां डोर टू डोर कूड़ा उठाने का काम कर रही हैं। गलियों और मोहल्ले में रोजाना सुबह गाड़ियां जाती हैं। कूड़ा कलेक्शन से निगम को साल में करीब 20 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। निगम के अधिकारियों का कहना है इस रकम का इस्तेमाल स्वच्छता अभियान में किया जाएगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण मिशन में देश में 36 वीं रैंक हासिल करने के बाद नगर निगम स्वच्छता को प्राथमिकता पर लेकर चल रहा है। नगर निगम ने सीधा घर या दुकान व बाजारों से कूड़ा उठाने के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना शुरू कर रखी है। इसमें निगम के वाहन कालोनियों में जाते हैं और घरों से कूड़ा लेकर बनाए गए कूड़ा घरों तक पहुंचाते हैं। पहले शहर में जब यह व्यवस्था नहीं थी, तब लोग घर से निकलने वाले कूड़े को सड़कों के किनारे फेंक देते थे। प्राइवेट सफाई कर्मचारी इस कूड़े को उठाते और निगम के डस्टबिन या कूड़ा घरों में डालते थे। नई व्यवस्था से लोगों को राहत मिली है।
निगम के 82 वार्डों में चल रही योजना
नगर निगम में 100 वार्ड हैं। इसमें से 82 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम चल रहा है। 18 वार्डों में प्राइवेट कंपनी द्वारा यह कार्य किया जा रहा है। निगम ने पूर्व में कूड़ा उठाने के लिए 80 छोटे वाहन खरीदे हैं। जबकि अन्य वार्डों में निगम के सफाई कर्मचारी या प्राइवेट कर्मचारियों से सफाई कराई जा रही है।
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प्रतिदिन एक हजार टन निकलता है कूड़ा
नगर निगम सीमा में प्रतिदिन एक हजार टन कूड़ा निकलता है। 300 टन से ज्यादा कूड़ा प्रताप विहार डंपिंग ग्राउंड में जाता है। बाकी बचा हुआ पिलखुवा में बने कूड़ा प्लांट और अन्य खुली जगहों पर पड़ता है। निगम गालंद में भी डंपिंग ग्राउंड बनाने जा रहा है। यहां पर एकोर्ड कंपनी वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनाएगी और कूड़े से बिजली पैदा की जाएगी।
बढ़ेगी नगर निगम की आय
नगर निगम सीमा में 3.25 लाख लोग टैक्स देते हैं। निगम ने घरों से 50 और कामर्शियल जगहों से 70 रुपये यूजर चार्ज वसूलने का निर्णय लिया है। अगर 50 रुपये का ही हिसाब रखा जाए तो निगम को एक महीने में 1 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपये की आय होगी। जबकि एक वर्ष में 19 करोड़ 50 लाख रुपये अतिरिक्त टैक्स के रूप में मिलेंगे।
लोगों पर पड़ेगा आर्थिक बोझ
निगम द्वारा लगाए जा रहे यूजर चार्ज से शहरवासियों को एक वर्ष में 600 रुपये से 840 रुपये तक अतिरिक्त देने होंगे। जबकि निगम ने पहले से ही हाउस टैक्स में पांच प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। इस तरह से कूड़ा शुल्क लोगों की जेब पर भारी पड़ेगा।
अधिकारियों का कहना....
निगम कूड़ा कलेक्शन पर यूजर चार्ज वसूलने की कार्रवाई करने जा रहा है। जनवरी से यह वसूला जाएगा। अधिकारी यूजर चार्ज वसूलने की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं कि यह प्रत्येक माह ली जाए या प्रति वर्ष हाउस और सीवर टैक्स में अतिरिक्त टैक्स लगाकर लिया जाए। सीपी सिंह, नगर आयुक्त
सफाई कार्य के लिए अभी भी 120 छोटे वाहन की जरूरत है। 18 वार्ड में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो रहा है। इन वार्डों को भी जल्द ही कवर किया जाएगा। - डा. आरबी सुमन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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गाजियाबाद। नगर निगम ने डोर टू डोर कूड़ा उठाने का शुल्क तय कर दिया है। कामर्शियल के लिए 70 और घरों के लिए 50 रुपये महीना शुल्क तय किया गया है। जनवरी 2018 से यह शुल्क लिया जाएगा। तब से ही 82 वार्डों में निगम की गाड़ियां डोर टू डोर कूड़ा उठाने का काम कर रही हैं। गलियों और मोहल्ले में रोजाना सुबह गाड़ियां जाती हैं। कूड़ा कलेक्शन से निगम को साल में करीब 20 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है। निगम के अधिकारियों का कहना है इस रकम का इस्तेमाल स्वच्छता अभियान में किया जाएगा।
स्वच्छता सर्वेक्षण मिशन में देश में 36 वीं रैंक हासिल करने के बाद नगर निगम स्वच्छता को प्राथमिकता पर लेकर चल रहा है। नगर निगम ने सीधा घर या दुकान व बाजारों से कूड़ा उठाने के लिए डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन योजना शुरू कर रखी है। इसमें निगम के वाहन कालोनियों में जाते हैं और घरों से कूड़ा लेकर बनाए गए कूड़ा घरों तक पहुंचाते हैं। पहले शहर में जब यह व्यवस्था नहीं थी, तब लोग घर से निकलने वाले कूड़े को सड़कों के किनारे फेंक देते थे। प्राइवेट सफाई कर्मचारी इस कूड़े को उठाते और निगम के डस्टबिन या कूड़ा घरों में डालते थे। नई व्यवस्था से लोगों को राहत मिली है।
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निगम के 82 वार्डों में चल रही योजना
नगर निगम में 100 वार्ड हैं। इसमें से 82 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम चल रहा है। 18 वार्डों में प्राइवेट कंपनी द्वारा यह कार्य किया जा रहा है। निगम ने पूर्व में कूड़ा उठाने के लिए 80 छोटे वाहन खरीदे हैं। जबकि अन्य वार्डों में निगम के सफाई कर्मचारी या प्राइवेट कर्मचारियों से सफाई कराई जा रही है।
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प्रतिदिन एक हजार टन निकलता है कूड़ा
नगर निगम सीमा में प्रतिदिन एक हजार टन कूड़ा निकलता है। 300 टन से ज्यादा कूड़ा प्रताप विहार डंपिंग ग्राउंड में जाता है। बाकी बचा हुआ पिलखुवा में बने कूड़ा प्लांट और अन्य खुली जगहों पर पड़ता है। निगम गालंद में भी डंपिंग ग्राउंड बनाने जा रहा है। यहां पर एकोर्ड कंपनी वेस्ट टू एनर्जी प्लांट बनाएगी और कूड़े से बिजली पैदा की जाएगी।
बढ़ेगी नगर निगम की आय
नगर निगम सीमा में 3.25 लाख लोग टैक्स देते हैं। निगम ने घरों से 50 और कामर्शियल जगहों से 70 रुपये यूजर चार्ज वसूलने का निर्णय लिया है। अगर 50 रुपये का ही हिसाब रखा जाए तो निगम को एक महीने में 1 करोड़ 62 लाख 50 हजार रुपये की आय होगी। जबकि एक वर्ष में 19 करोड़ 50 लाख रुपये अतिरिक्त टैक्स के रूप में मिलेंगे।
लोगों पर पड़ेगा आर्थिक बोझ
निगम द्वारा लगाए जा रहे यूजर चार्ज से शहरवासियों को एक वर्ष में 600 रुपये से 840 रुपये तक अतिरिक्त देने होंगे। जबकि निगम ने पहले से ही हाउस टैक्स में पांच प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। इस तरह से कूड़ा शुल्क लोगों की जेब पर भारी पड़ेगा।
अधिकारियों का कहना....
निगम कूड़ा कलेक्शन पर यूजर चार्ज वसूलने की कार्रवाई करने जा रहा है। जनवरी से यह वसूला जाएगा। अधिकारी यूजर चार्ज वसूलने की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं कि यह प्रत्येक माह ली जाए या प्रति वर्ष हाउस और सीवर टैक्स में अतिरिक्त टैक्स लगाकर लिया जाए। सीपी सिंह, नगर आयुक्त
सफाई कार्य के लिए अभी भी 120 छोटे वाहन की जरूरत है। 18 वार्ड में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन नहीं हो रहा है। इन वार्डों को भी जल्द ही कवर किया जाएगा। - डा. आरबी सुमन, नगर स्वास्थ्य अधिकारी