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हिंडन किनारे के सात तालाब होंगे बंद
Updated Thu, 26 Apr 2018 05:44 PM IST
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हिंडन एयरबेस किनारे के सात तालाब होंगे बंद
गाजियाबाद। हिंडन एयरफोर्स स्टेशन क्षेत्र से सटे सात तालाबों को जल्द ही बंद कर दिया जाएगा। मत्स्य विभाग की रिपोर्ट पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। आगामी दो दिनों के अंदर इन तालाबों में पाली जा रही मांगुर मछलियों को नष्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद तालाबों को जेसीबी की मदद से बंद करा दिया जाएगा। उधर, तालाबों में मछली पालन करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की तैयारी है, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
कार्रवाई एयरफोर्स स्टेशन की तरफ से लिखे गए उस पत्र के बाद हो रही है, जिसमें कहा गया है कि स्टेशन के समीप तालाबों में मछली पालन हो रहा है जिनका शिकार करने के लिए दिन भर पक्षी उड़ते रहते हैं, जिसे विमानों के उड़ान प्रभावित होने का खतरा है। एसडीएम प्रशांत तिवारी ने बताया कि मत्स्य पालन विभाग ने सात तालाबों की जानकारी है, जिसमें तीन एक तरफ से है और चार दूसरी तरफ है। इन सभी तालाबों में मांगुर मछली का पालन किया जा रहा है, जो प्रतिबंधित है। इसके साथ ही तालाब भी प्रतिबंधित हैं, जिनकी कोई स्वीकृति विभाग की तरफ से नहीं ली गई है। मत्स्य पालन ने दो दिन में सभी मछलियों को नष्ट करने का समय मांगा है, उसके बाद सभी तालाबों को मिट्टी डालकर भर दिया जाएगा। ध्यान देने वाली बात है कि मांगुर मछली शहर के लिए भी खासी हानिकारक मानी जाती है। इसके खाने से कैंसर, शुगर व बीपी की बीमारी होने तक का खतरा है। मांगुर मछली को वर्ष 2000 से प्रतिबंधित किया गया है। यह मछली तेजी से बढ़ती है।
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गाजियाबाद। हिंडन एयरफोर्स स्टेशन क्षेत्र से सटे सात तालाबों को जल्द ही बंद कर दिया जाएगा। मत्स्य विभाग की रिपोर्ट पर जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। आगामी दो दिनों के अंदर इन तालाबों में पाली जा रही मांगुर मछलियों को नष्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद तालाबों को जेसीबी की मदद से बंद करा दिया जाएगा। उधर, तालाबों में मछली पालन करने वाले लोगों पर भी कार्रवाई की तैयारी है, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
कार्रवाई एयरफोर्स स्टेशन की तरफ से लिखे गए उस पत्र के बाद हो रही है, जिसमें कहा गया है कि स्टेशन के समीप तालाबों में मछली पालन हो रहा है जिनका शिकार करने के लिए दिन भर पक्षी उड़ते रहते हैं, जिसे विमानों के उड़ान प्रभावित होने का खतरा है। एसडीएम प्रशांत तिवारी ने बताया कि मत्स्य पालन विभाग ने सात तालाबों की जानकारी है, जिसमें तीन एक तरफ से है और चार दूसरी तरफ है। इन सभी तालाबों में मांगुर मछली का पालन किया जा रहा है, जो प्रतिबंधित है। इसके साथ ही तालाब भी प्रतिबंधित हैं, जिनकी कोई स्वीकृति विभाग की तरफ से नहीं ली गई है। मत्स्य पालन ने दो दिन में सभी मछलियों को नष्ट करने का समय मांगा है, उसके बाद सभी तालाबों को मिट्टी डालकर भर दिया जाएगा। ध्यान देने वाली बात है कि मांगुर मछली शहर के लिए भी खासी हानिकारक मानी जाती है। इसके खाने से कैंसर, शुगर व बीपी की बीमारी होने तक का खतरा है। मांगुर मछली को वर्ष 2000 से प्रतिबंधित किया गया है। यह मछली तेजी से बढ़ती है।
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