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अदालत में पेश होकर नोएडा पहुंचा था मोती गोयल, मौत कर रही थी इंतजार
Updated Tue, 17 Apr 2018 05:40 PM IST
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अदालत में पेश होकर नोएडा पहुंचा था मोती गोयल, मौत कर रही थी इंतजार
गाजियाबाद। सरकारी रिकार्ड में फर्जीवाड़ा कर जमीन कब्जाने वाले भूमाफिया मोती गोयल के खिलाफ गाजियाबाद की सीबीआई की अलग-अलग विशेष अदालतों में तीन केस विचाराधीन है। एक मामले में सोमवार को भी सुनवाई होनी थी। मोती गोयल और एक अन्य आरोपी सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए थे, इसके बाद मोती गोयल नोएडा पहुंचा था। यहां उसकी हत्या कर दी गई। सीबीआई की विशेष अदालत में सोमवार को सुनवाई नहीं हो पाई थी। इस मामले मे मंगलवार को सुनवाई होनी है।
मोती गोयल के खिलाफ गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में 27 एफआईआर दर्ज की गई थी। 2005 में गाजियाबाद के तत्कालीन डीएम ने जांच के बाद मोती गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। वहीं गौतमबुद्धनगर के दादरी और कासना थाने में भी कई केस दर्ज हैं। हाईकोर्ट ने 2006 में मोती गोयल के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद तीन मामलों में सीबीआई ने चार्जशीट पेश की थी। गाजियाबाद में मोती गोयल के खिलाफ कुल 17 मामले चल रहे थे। इनमें से कई फाइलें स्पेशल एंटी करप्शन कोर्ट मेरठ में ट्रांसफर हो गई थीं। वह अब मेरठ में विचाराधीन है। सीबीआई ने जिन मामलों में चार्जशीट पेश की थी वह गाजियाबाद में विचाराधीन हैं। इनमें से एक नोएडा में जमीन कब्जाने से संबंधित एक मामला सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की अदालत में, साहिबाबाद स्थित अर्थला गांव की 52 हेक्टेयर जमीन कब्जाने का मामला सीबीआई के विशेष न्यायाधीश राजेश चौधरी की अदालत में और तीसरा मामला सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में विचाराधीन है।
सीबीआई के लोक अभियोजक कुलदीप पुष्कर के मुताबिक अर्थला की जमीन कब्जाने के मामले में विशेष न्यायाधीश राजेश चौधरी की अदालत में प्रतिदिन सुनवाई चल रही थी। सोमवार को भी मामले में सुनवाई थी। सुनवाई के लिए मोती गोयल व इस मामले का दूसरा आरोपित संजीव तिवारी दोपहर करीब सवा दो बजे अदालत में पेश हुए थे, लेकिन कचहरी में शोक की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी थी। मोती गोयल समेत दोनों आरोपी अदालत में हाजिरी लगाकर चले गए थे। अब मंगलवार को सुनवाई होनी है। विशेष अदालत में बहस अंतिम चरण में चल रही थी।
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गाजियाबाद। सरकारी रिकार्ड में फर्जीवाड़ा कर जमीन कब्जाने वाले भूमाफिया मोती गोयल के खिलाफ गाजियाबाद की सीबीआई की अलग-अलग विशेष अदालतों में तीन केस विचाराधीन है। एक मामले में सोमवार को भी सुनवाई होनी थी। मोती गोयल और एक अन्य आरोपी सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश हुए थे, इसके बाद मोती गोयल नोएडा पहुंचा था। यहां उसकी हत्या कर दी गई। सीबीआई की विशेष अदालत में सोमवार को सुनवाई नहीं हो पाई थी। इस मामले मे मंगलवार को सुनवाई होनी है।
मोती गोयल के खिलाफ गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में 27 एफआईआर दर्ज की गई थी। 2005 में गाजियाबाद के तत्कालीन डीएम ने जांच के बाद मोती गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर सिहानी गेट थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। वहीं गौतमबुद्धनगर के दादरी और कासना थाने में भी कई केस दर्ज हैं। हाईकोर्ट ने 2006 में मोती गोयल के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद तीन मामलों में सीबीआई ने चार्जशीट पेश की थी। गाजियाबाद में मोती गोयल के खिलाफ कुल 17 मामले चल रहे थे। इनमें से कई फाइलें स्पेशल एंटी करप्शन कोर्ट मेरठ में ट्रांसफर हो गई थीं। वह अब मेरठ में विचाराधीन है। सीबीआई ने जिन मामलों में चार्जशीट पेश की थी वह गाजियाबाद में विचाराधीन हैं। इनमें से एक नोएडा में जमीन कब्जाने से संबंधित एक मामला सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की अदालत में, साहिबाबाद स्थित अर्थला गांव की 52 हेक्टेयर जमीन कब्जाने का मामला सीबीआई के विशेष न्यायाधीश राजेश चौधरी की अदालत में और तीसरा मामला सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में विचाराधीन है।
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सीबीआई के लोक अभियोजक कुलदीप पुष्कर के मुताबिक अर्थला की जमीन कब्जाने के मामले में विशेष न्यायाधीश राजेश चौधरी की अदालत में प्रतिदिन सुनवाई चल रही थी। सोमवार को भी मामले में सुनवाई थी। सुनवाई के लिए मोती गोयल व इस मामले का दूसरा आरोपित संजीव तिवारी दोपहर करीब सवा दो बजे अदालत में पेश हुए थे, लेकिन कचहरी में शोक की वजह से सुनवाई नहीं हो सकी थी। मोती गोयल समेत दोनों आरोपी अदालत में हाजिरी लगाकर चले गए थे। अब मंगलवार को सुनवाई होनी है। विशेष अदालत में बहस अंतिम चरण में चल रही थी।
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