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पांच इंजीनियरों के खिलाफ वीसी ने शासन को लिखा
Updated Sun, 08 Apr 2018 01:28 AM IST
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पांच इंजीनियरों के खिलाफ वीसी ने शासन को लिखा
गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम आवासीय योजना के बहुमंजिला भवनों में ढाई साल पहले हुई अप्रत्याशित वृद्धि के मामले कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। मामले में अपने दायित्वों को सही से नहीं निभाने की बात सामने आने पर जीडीए उपाध्यक्ष रितु माहेश्वरी ने पांच इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिख दिया है।
साथ ही दो साल पहले जांच पूरी होने के बाद भी फाइलें आगे नहीं भेजने के मामले में तत्कालीन सचिव से कारण बताओ नोटिस मांगने के लिए शासन को लिखा है। मधुबन बापूधाम योजना में मेसर्स मनीषा और मेसर्स कसाना बिल्डर की ओर से 660-660 बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया जा रहा है। शुरुआती आंकलन में फ्लैट्स की कीमत करीब 35 लाख के करीब थी। लेकिन ढाई साल पहले फ्लैट्स की कीमत में बेतहाशा इजाफा करते हुए 60 लाख के करीब कर दी गई। फिर तीन सदस्यीय जांच समिति ने मनीषा बिल्डर द्वारा बनाए गए 660 बहुमंजिला भवनों की प्रारंभिक कीमतों के आंकलन में अपने दायित्वों का सही प्रकार से निर्वाहन नहीं करने का पीके मित्तल अवर अभियंता, सर्वेश कुमार अवर अभियंता, डीसी तोमर सहायक अभियंता और आरएल सरोज अधिशासी अभियंता (सेवानिवृत्त) को दोषी पाया गया। वहीं, कसाना बिल्डर द्वारा बनाए गए 660 बहुमंजिला भवनों की प्रारंभिक कीमत के आंकलन करने में अवर अभियंता राकेश कुमार तोमर को दोषी पाया गया है। इन सभी के खिलाफ जीडीए उपाध्यक्ष ने अपर मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
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गाजियाबाद। मधुबन बापूधाम आवासीय योजना के बहुमंजिला भवनों में ढाई साल पहले हुई अप्रत्याशित वृद्धि के मामले कार्रवाई का दायरा बढ़ता जा रहा है। मामले में अपने दायित्वों को सही से नहीं निभाने की बात सामने आने पर जीडीए उपाध्यक्ष रितु माहेश्वरी ने पांच इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिख दिया है।
साथ ही दो साल पहले जांच पूरी होने के बाद भी फाइलें आगे नहीं भेजने के मामले में तत्कालीन सचिव से कारण बताओ नोटिस मांगने के लिए शासन को लिखा है। मधुबन बापूधाम योजना में मेसर्स मनीषा और मेसर्स कसाना बिल्डर की ओर से 660-660 बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया जा रहा है। शुरुआती आंकलन में फ्लैट्स की कीमत करीब 35 लाख के करीब थी। लेकिन ढाई साल पहले फ्लैट्स की कीमत में बेतहाशा इजाफा करते हुए 60 लाख के करीब कर दी गई। फिर तीन सदस्यीय जांच समिति ने मनीषा बिल्डर द्वारा बनाए गए 660 बहुमंजिला भवनों की प्रारंभिक कीमतों के आंकलन में अपने दायित्वों का सही प्रकार से निर्वाहन नहीं करने का पीके मित्तल अवर अभियंता, सर्वेश कुमार अवर अभियंता, डीसी तोमर सहायक अभियंता और आरएल सरोज अधिशासी अभियंता (सेवानिवृत्त) को दोषी पाया गया। वहीं, कसाना बिल्डर द्वारा बनाए गए 660 बहुमंजिला भवनों की प्रारंभिक कीमत के आंकलन करने में अवर अभियंता राकेश कुमार तोमर को दोषी पाया गया है। इन सभी के खिलाफ जीडीए उपाध्यक्ष ने अपर मुख्य सचिव को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
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