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गौशाला फाटक पर रेलवे ट्रैक जाम, बाइक फूंकी, पुलिस पर पथराव
Updated Tue, 03 Apr 2018 01:28 AM IST
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गौशाला फाटक पर रेलवे ट्रैक जाम, बाइक फूंकी, पुलिस पर पथराव
गाजियाबाद। सुप्रीमकोर्ट के एससी-एसटी एक्ट में जांच के बाद मुकदमा लिखे जाने और तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाने के आदेश पर दलित संगठन सड़कों पर उतर आए। आंदोलनकारियों ने शहर में कई जगहों पर जमकर बवाल मचाया। रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक जाम किया, तो कलक्ट्रेट पर नारेबाजी की। इस बीच पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल हो गया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, उपद्रव बढ़ता गया। उपद्रवियों ने गौशाला फाटक पर ट्रैक जाम करके डेढ़ घंटे तक रेल यातायात को प्रभावित रखा। उन्हें ट्रैक से हटाने की कोशिश की, तो पुलिस पर ही पथराव कर दिया। उपद्रवियों ने पुलिस की बाइक फूंक दी। पथराव में आरपीएफ इंस्पेक्टर समेत दो पुलिस कर्मी जख्मी हो गए। बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज करके उपद्रवियों को ट्रैक से हटाया।
उपद्रवी सोमवार सुबह करीब सवा नौ बजे जुलूस की शक्ल में गौशाला फाटक पर पहुंचे। यहां दर्जनों लोग नारेबाजी करते हुए करीब 9:50 बजे दिल्ली-लखनऊ रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। सूचना पर जीआरपी इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर मोहम्मद असलम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। विजय नगर थाने से भी फोर्स आ गया। पुलिस ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन उपद्रवी नहीं माने। जब सख्ती बरती तो भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्कामुक्की शुरू कर दी। इसके बाद अचानक पथराव शुरू हो गया। उपद्रवी इतने उग्र हो गए कि उन्होंने विजय नगर थाने की एक बाइक में आग लगा दी।
इस पथराव में आरपीएफ इंस्पेक्टर मोहम्मद असलम और जीआरपी दरोगा घनश्याम सिंह जख्मी हो गए। स्थिति काबू में न होती देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। उपद्रवी इधर-उधर भागने लगे। इसके बाद ट्रैक को खाली कराकर रेल यातायात को सुचारु कराया गया। गौशाला फाटक पर हंगामा 11.20 तक चला। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर शालीमार एक्सप्रेस खड़ी रही। वहीं दिल्ली से आने वाली और मेरठ, लखनऊ व अलीगढ़ रूट से आने वाली दर्जनों ट्रेनों को पीछे ही रोक दिया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह ने बताया कि मुकदमा लिखकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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उधर, कुछ दलित संगठनों ने जुलूस निकालकर जवाहर गेट के सामने जीटी रोड और घंटाघर पर जाम लगाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दलित संगठनों ने चौधरी मोड़ से पुराने सिहानी गेट की तरफ जाते समय जुलूस के दौरान जबरन दुकानें बंद कराने की भी कोशिश की।
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गाजियाबाद। सुप्रीमकोर्ट के एससी-एसटी एक्ट में जांच के बाद मुकदमा लिखे जाने और तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगाने के आदेश पर दलित संगठन सड़कों पर उतर आए। आंदोलनकारियों ने शहर में कई जगहों पर जमकर बवाल मचाया। रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक जाम किया, तो कलक्ट्रेट पर नारेबाजी की। इस बीच पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह फेल हो गया था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, उपद्रव बढ़ता गया। उपद्रवियों ने गौशाला फाटक पर ट्रैक जाम करके डेढ़ घंटे तक रेल यातायात को प्रभावित रखा। उन्हें ट्रैक से हटाने की कोशिश की, तो पुलिस पर ही पथराव कर दिया। उपद्रवियों ने पुलिस की बाइक फूंक दी। पथराव में आरपीएफ इंस्पेक्टर समेत दो पुलिस कर्मी जख्मी हो गए। बाद में पुलिस ने लाठीचार्ज करके उपद्रवियों को ट्रैक से हटाया।
उपद्रवी सोमवार सुबह करीब सवा नौ बजे जुलूस की शक्ल में गौशाला फाटक पर पहुंचे। यहां दर्जनों लोग नारेबाजी करते हुए करीब 9:50 बजे दिल्ली-लखनऊ रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। सूचना पर जीआरपी इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर मोहम्मद असलम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। विजय नगर थाने से भी फोर्स आ गया। पुलिस ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन उपद्रवी नहीं माने। जब सख्ती बरती तो भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ धक्कामुक्की शुरू कर दी। इसके बाद अचानक पथराव शुरू हो गया। उपद्रवी इतने उग्र हो गए कि उन्होंने विजय नगर थाने की एक बाइक में आग लगा दी।
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इस पथराव में आरपीएफ इंस्पेक्टर मोहम्मद असलम और जीआरपी दरोगा घनश्याम सिंह जख्मी हो गए। स्थिति काबू में न होती देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। उपद्रवी इधर-उधर भागने लगे। इसके बाद ट्रैक को खाली कराकर रेल यातायात को सुचारु कराया गया। गौशाला फाटक पर हंगामा 11.20 तक चला। इस दौरान रेलवे स्टेशन पर शालीमार एक्सप्रेस खड़ी रही। वहीं दिल्ली से आने वाली और मेरठ, लखनऊ व अलीगढ़ रूट से आने वाली दर्जनों ट्रेनों को पीछे ही रोक दिया गया। जीआरपी इंस्पेक्टर सोमवीर सिंह ने बताया कि मुकदमा लिखकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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उधर, कुछ दलित संगठनों ने जुलूस निकालकर जवाहर गेट के सामने जीटी रोड और घंटाघर पर जाम लगाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। दलित संगठनों ने चौधरी मोड़ से पुराने सिहानी गेट की तरफ जाते समय जुलूस के दौरान जबरन दुकानें बंद कराने की भी कोशिश की।