फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   खबर9ृ

खबर9ृ

Thu, 18 Jan 2018 11:45 PM IST
Updated Thu, 18 Jan 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबर9ृ
दूषित पानी पीने से कैंसर की चपेट में आए व्यक्ति की मौत
विज्ञापन


गढ़मुक्तेश्वर। दूषित पानी पीने से क्षेत्र में फैल रहे कैंसर ने एक और की जान ले ली। कैंसर से तीर्थ पुरोहित की मौत हो गई। टंकी न होने के कारण कई गांवों के लोग हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर है। इससे पहले भी दूषित पानी पीने से कैंसर से पीड़ित लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रदूषण नियंत्रण और सेहत महकमा पानी की जांच कराने को तैयार नहीं हैं।
गंगा नदी किनारे से जुड़े दर्जनों गांवों का भूजल लगातार दूषित होता जा रहा है। इससे हेपेटाइटिस बी और सी बीमारी से इसका वायरस लीवर में कैंसर बनकर लोगों की जिंदगी को निगलता आ रहा है। गढ़ के मोहल्ला तारगली निवासी तीर्थ पुरोहित पंडित श्रीभगवान (57) को करीब ढाई माह पहले लीवर में कैंसर की पुष्टि हुई थी। उनका इलाज इन दिनों दिल्ली के एम्स में चल रहा था जहां से चिकित्सकों ने दवा देकर उन्हें घर को भेज दिया था। बृहस्पतिवार की सुबह उनकी मौत हो गई। इसके अलावा महिलाओं समेत कई लोग इस बीमारी की गिरफ्त में फंसकर इलाज कराने को मजबूर हैं। पूर्व पालिका सदस्य विष्णु दत्त नागर ने बताया कि लीवर कैंसर की पुष्टि होने पर उनके बड़े भाई का मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा समेत कई स्थानों पर इलाज कराने के बाद इन दिनों एम्स का इलाज कराया जा रहा था, लेकिन कोई भी राहत नहीं मिल पाई।
विज्ञापन

ब्रजघाट गंगानगरी से सटे 9 हजार की आबादी वाले गांव अल्लाबख्शपुर में अप्रैल से मई तक महज एक माह के भीतर कैंसर ने महिलाओं समेत ढाई दर्जन लोगों को मौत की नींद सुला दिया था। इसके अलावा भी सेहल, भद्स्याना, आलमनगर, चांदनेर, जखैड़ा रहमतपुर, पलवाड़ा, पसवाड़ा, मुहम्मदपुर, रहरवा, क्रियावली, शकराटीला, भैना, सदरपुर, लहडरा, हशूपुर, वैट, फुलड़ी, दरियापुर, बलवापुर, पूठ, सलोनी, बक्सर, मानकचौक, हशूपुर समेत तीन दर्जन गांवों में कैंसर के कहर ने एक साल के भीतर सौ से अधिक को मौत की नींद सुला दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गांव में नहीं बनी टंकी
ग्रामीण पेयजल योजना समेत घरों में लगे निजी हैंडपंप दूषित उथला पानी उगल रहे हैं। टंकी न होने से ग्रामीण इसी पानी का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। कैंसर से ताबड़तोड़ मौत होने पर तत्कालीन एसडीएम ने गांव में टंकी बनवाने का भरोसा दिया था। उस पर अभी तक कोई अमल नहीं हो पाया है। ग्राम प्रधान रजिया बेगम का कहना है कि टंकी बनवाने की डिमांड करते हुए कई प्रस्ताव भिजवाया जा चुका है।
क्या कहते हैं पर्यावरणविद्---?
पर्यावरणविद प्रो.अब्बास अली ने बताया कि फैक्ट्रियों के दुष्प्रभाव से भूजल दूषित हो रहा है जो लीवर कैंसर की असल वजह बन रहा है। जमीन में तीन सौ फुट तक पानी दूषित होने की सच्चाई सामने आ चुकी है। इससे बचाव के लिए सभी गांवों में टंकी जरूरी है।

क्या कहते हैं अधिकारी--?
एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य का कहना है कि सभी गांवों के भूजल की जांच कराने के साथ ही उस क्षेत्र में रहने वाले लोगों को शुद्ध पानी मुहैया कराने को पहली प्राथमिकता पर टंकी का निर्माण भी करवाया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed