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Ghaziabad News: शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराकर 1.71 लाख रुपये ठगे
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गाजियाबाद। क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में रहने वाले राधेश्याम गुप्ता से साइबर ठगों ने फर्जी शेयर ट्रेडिंग मोबाइल एप पर निवेश कराकर 1.71 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने साइबर ठगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि राधेश्याम गुप्ता के मुताबिक उन्हें 20 नवंबर को एक युवती निताशा शंकर ने कॉल कर खुद को यस सिक्योरिटीज से जुड़ा होना बताया। युवती ने बताया कि उनकी कंपनी शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराकर अच्छा रिटर्न दिलाती है। पीड़ित को झांसे में लेकर 20 अक्तूबर से तीन नवंबर के बीच शेयर ट्रेडिंग कराई गई। उनसे विभिन्न बैंक खातों में 1.71 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। तीन नवंबर को उनके खाते में कुल धनराशि मुनाफे के साथ 2.68 लाख रुपये दिखे। इसके बाद उन्हें ओर्कला इंडिया के नाम से आइपीओ 25 हजार शेयर के लिए 77 लाख रुपये ट्रांसफर करने का दबाव बनाया गया। संदेह होने पर उन्होंने यस सिक्योरिटीज की आधिकारिक हेल्पलाइन पर संपर्क किया। जहां उन्हें बताया गया कि उन्हें यस सिक्योरिटीज के नाम के जिस व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर ट्रेडिंग कराई जा रही है वह फर्जी है। पीड़ित ने इसके बाद जब विरोध जताया तो उन्हें ग्रुप से हटा दिया और उनका कथित ट्रेडिंग अकाउंट ब्लाक कर दिया गया। एसीपी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर साइबर ठगी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।
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एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि राधेश्याम गुप्ता के मुताबिक उन्हें 20 नवंबर को एक युवती निताशा शंकर ने कॉल कर खुद को यस सिक्योरिटीज से जुड़ा होना बताया। युवती ने बताया कि उनकी कंपनी शेयर ट्रेडिंग में निवेश कराकर अच्छा रिटर्न दिलाती है। पीड़ित को झांसे में लेकर 20 अक्तूबर से तीन नवंबर के बीच शेयर ट्रेडिंग कराई गई। उनसे विभिन्न बैंक खातों में 1.71 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। तीन नवंबर को उनके खाते में कुल धनराशि मुनाफे के साथ 2.68 लाख रुपये दिखे। इसके बाद उन्हें ओर्कला इंडिया के नाम से आइपीओ 25 हजार शेयर के लिए 77 लाख रुपये ट्रांसफर करने का दबाव बनाया गया। संदेह होने पर उन्होंने यस सिक्योरिटीज की आधिकारिक हेल्पलाइन पर संपर्क किया। जहां उन्हें बताया गया कि उन्हें यस सिक्योरिटीज के नाम के जिस व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर ट्रेडिंग कराई जा रही है वह फर्जी है। पीड़ित ने इसके बाद जब विरोध जताया तो उन्हें ग्रुप से हटा दिया और उनका कथित ट्रेडिंग अकाउंट ब्लाक कर दिया गया। एसीपी ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर साइबर ठगी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। मामले की जांच की जा रही है।
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