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सीआरआरआई ने सौंपी रिपोर्ट, आईटीएमएस पर तेज होगा काम
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सीआरआरआई ने सौंपी रिपोर्ट, आईटीएमएस पर तेज होगा काम
गाजियाबाद। शहर के यातायात प्रबंधन को लेकर सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) ने अपनी रिपोर्ट जीडीए को सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर महानगर के यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की तकनीकी खामियां को दूर कर काम शुरू किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख चौराहों, जंक्शनों व कटों का मिलान होने के बाद काम शुरू किया जाएगा। आईटीएमएस के काम को शुरू करने से पहले जीडीए ने सीआरआरआई को शहर में जाम और यातायात व्यवस्था में व्यवधान बनने वाले प्रमुख चौराहों व कटों की विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा था। सीआरआरआई की रिपोर्ट से मिलान करने के बाद ही करीब 55 करोड़ की इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा। यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए आईटीएमएस का पूरा खाका ट्रैफिक पुलिस के साथ सर्वे कर तैयार किया जा चुका है। वहीं प्रोजेक्ट के काम के लिए चुनी जाने वाली एजेंसी तय होने का काम आखिरी चरण में है। बीते दिनों आईटीएमएस के तीन कंपनियों ने जीडीए में प्रजेंटेशन दिया था। 55 करोड़ के प्रोजेक्ट में 45 करोड़ जीडीए और 10 करोड़ नगर निगम खर्च करेगा। काम को पूरा करने की नौ माह की समयसीमा तय की गई है।
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गाजियाबाद। शहर के यातायात प्रबंधन को लेकर सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) ने अपनी रिपोर्ट जीडीए को सौंप दी है। रिपोर्ट के आधार पर महानगर के यातायात व्यवस्था में सुधार के साथ इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) की तकनीकी खामियां को दूर कर काम शुरू किया जाएगा। रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख चौराहों, जंक्शनों व कटों का मिलान होने के बाद काम शुरू किया जाएगा। आईटीएमएस के काम को शुरू करने से पहले जीडीए ने सीआरआरआई को शहर में जाम और यातायात व्यवस्था में व्यवधान बनने वाले प्रमुख चौराहों व कटों की विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा था। सीआरआरआई की रिपोर्ट से मिलान करने के बाद ही करीब 55 करोड़ की इस परियोजना पर काम शुरू किया जाएगा। यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए आईटीएमएस का पूरा खाका ट्रैफिक पुलिस के साथ सर्वे कर तैयार किया जा चुका है। वहीं प्रोजेक्ट के काम के लिए चुनी जाने वाली एजेंसी तय होने का काम आखिरी चरण में है। बीते दिनों आईटीएमएस के तीन कंपनियों ने जीडीए में प्रजेंटेशन दिया था। 55 करोड़ के प्रोजेक्ट में 45 करोड़ जीडीए और 10 करोड़ नगर निगम खर्च करेगा। काम को पूरा करने की नौ माह की समयसीमा तय की गई है।