{"_id":"5d1bae0d8ebc3e3cd43e7643","slug":"156209509413-ghaziabad-news40","type":"story","status":"publish","title_hn":"संविदा पर तैनाती का शासन को भेजेंगे प्रस्ताव, निगम की हड़ताल खत्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संविदा पर तैनाती का शासन को भेजेंगे प्रस्ताव, निगम की हड़ताल खत्म
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संविदा पर तैनाती का शासन को भेजेंगे प्रस्ताव, निगम की हड़ताल खत्म
गाजियाबाद। ठेका कर्मचारियों को संविदा पर नियुक्ति देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर नगर निगम में चल रही हड़ताल दूसरे दिन वार्ता के बाद खत्म हो गई। महापौर आशा शर्मा, नगरायुक्त दिनेश चंद्र सिंह और हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के बीच मंगलवार को कई घंटे वार्ता चली। ठेका कर्मचारियों को संविदा पर नियुक्ति के लिए नगर निगम शासन को पत्र भेजेगा। इसके अलावा बोर्ड प्रस्ताव, कांशीराम आवासीय योजना व मृतक आश्रित कर्मचारियों को शहरी आजीविका मिशन में शामिल करने पर भी सहमति बन गई है।
नगर निगम सफाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले नगर निगम के करीब ढाई हजार ठेका कर्मचारी उन्हेें संविदा पर तैनाती दिए जाने, सीएलसी से बाहर रखे जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर थे। पहले दिन हड़ताली कर्मचारियों ने नगर निगम मुख्यालय पर धरना देकर कामकाज ठप कर दिया। निगम अधिकारियों ने उनसे वार्ता की, लेकिन सहमति नहीं बनी थी। दूसरे दिन नगर निगम ने कर्मचारियों को निगम मुख्यालय पर धरने पर नहीं बैठने दिया गया। निगम में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। इसके बाद कर्मचारी अंबेडकर पार्क में धरने पर बैठ गए।
मंगलवार दोपहर महापौर आशा शर्मा, नगरायुक्त दिनेश चंद्र, एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह, अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार ने हड़ताली कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। महापौर कार्यालय में करीब दो घंटे तक चली वार्ता में नगर निगम अफसरों ने संविदा पर नियुक्ति की मांग से हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना है कि वह इस मांग को शासन को भेज देंगे, शासन इस पर निर्णय लेगा। सफाई कर्मचारी नेता प्रदीप चौहान ने बताया कि निगम अधिकारियों ने संयुक्त मोर्चा की बोर्ड प्रस्तावित, कांशीराम योजना और मृतक आश्रितों को शहरी आजीविका मिशन योजना में न लेने की मांग को मान लिया। इसके अलावा हड़ताल में शामिल कर्मचारियों पर कार्रवाई न करने और वेतन कटौती न करने, 11 निलंबित सुपरवाइजरों की जांच जल्द से जल्द पूरी करने समेत अन्य मांगों पर सहमति दे दी है। इस दौरान सतीश पार्चा, सतीश गेहरा, अशोक गहलौत, सुधीर वाल्मीकि, अनुज वाल्मीकि, राजू वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
--
कर्मचारियों से वार्ता सफल रही। जो मांग स्थानीय स्तर पर पूरी हो सकती हैं, उन पर सहमति बन गई है। संविदा पर नियुक्ति की मांग को शासन को भेज दिया जाएगा। हड़ताल समाप्त हो गई है। - आशा शर्मा, महापौर
विज्ञापन
गाजियाबाद। ठेका कर्मचारियों को संविदा पर नियुक्ति देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर नगर निगम में चल रही हड़ताल दूसरे दिन वार्ता के बाद खत्म हो गई। महापौर आशा शर्मा, नगरायुक्त दिनेश चंद्र सिंह और हड़ताल कर रहे कर्मचारियों के बीच मंगलवार को कई घंटे वार्ता चली। ठेका कर्मचारियों को संविदा पर नियुक्ति के लिए नगर निगम शासन को पत्र भेजेगा। इसके अलावा बोर्ड प्रस्ताव, कांशीराम आवासीय योजना व मृतक आश्रित कर्मचारियों को शहरी आजीविका मिशन में शामिल करने पर भी सहमति बन गई है।
नगर निगम सफाई कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले नगर निगम के करीब ढाई हजार ठेका कर्मचारी उन्हेें संविदा पर तैनाती दिए जाने, सीएलसी से बाहर रखे जाने की मांग को लेकर हड़ताल पर थे। पहले दिन हड़ताली कर्मचारियों ने नगर निगम मुख्यालय पर धरना देकर कामकाज ठप कर दिया। निगम अधिकारियों ने उनसे वार्ता की, लेकिन सहमति नहीं बनी थी। दूसरे दिन नगर निगम ने कर्मचारियों को निगम मुख्यालय पर धरने पर नहीं बैठने दिया गया। निगम में भारी संख्या में पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई। इसके बाद कर्मचारी अंबेडकर पार्क में धरने पर बैठ गए।
विज्ञापन
मंगलवार दोपहर महापौर आशा शर्मा, नगरायुक्त दिनेश चंद्र, एसडीएम सत्येंद्र कुमार सिंह, अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार ने हड़ताली कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता की। महापौर कार्यालय में करीब दो घंटे तक चली वार्ता में नगर निगम अफसरों ने संविदा पर नियुक्ति की मांग से हाथ खड़े कर दिए। उनका कहना है कि वह इस मांग को शासन को भेज देंगे, शासन इस पर निर्णय लेगा। सफाई कर्मचारी नेता प्रदीप चौहान ने बताया कि निगम अधिकारियों ने संयुक्त मोर्चा की बोर्ड प्रस्तावित, कांशीराम योजना और मृतक आश्रितों को शहरी आजीविका मिशन योजना में न लेने की मांग को मान लिया। इसके अलावा हड़ताल में शामिल कर्मचारियों पर कार्रवाई न करने और वेतन कटौती न करने, 11 निलंबित सुपरवाइजरों की जांच जल्द से जल्द पूरी करने समेत अन्य मांगों पर सहमति दे दी है। इस दौरान सतीश पार्चा, सतीश गेहरा, अशोक गहलौत, सुधीर वाल्मीकि, अनुज वाल्मीकि, राजू वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
--
कर्मचारियों से वार्ता सफल रही। जो मांग स्थानीय स्तर पर पूरी हो सकती हैं, उन पर सहमति बन गई है। संविदा पर नियुक्ति की मांग को शासन को भेज दिया जाएगा। हड़ताल समाप्त हो गई है। - आशा शर्मा, महापौर