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एलआर कॉलेज की जमीन पर बना आईएमटी, हो सकती है सीबीआई जांच

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 21 May 2019 01:04 AM IST
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एलआर कॉलेज की जमीन पर बना आईएमटी, हो सकती है सीबीआई जांच
एलआर कॉलेज की जमीन पर बने आईएमटी की हो सकती है सीबीआई जांच
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गाजियाबाद। लाजपत राय (एलआर) पीजी कॉलेज की जमीन पर बने देश के नामी मैनेजमेंट कॉलेज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी (आईएमटी) गाजियाबाद मामले की सीबीआई जांच हो सकती है। भाजपा के वरिष्ठ नेता व निगम पार्षद राजेंद्र त्यागी ने शिकायत कर राज्यपाल से मामले की कैग और सीबीआई से जांच की मांग की थी। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए राज्यपाल राम नाईक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कार्रवाई के लिए लिखा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ कॉलेज के चेयरमैन हैं।
राजनगर में जिस 15 एकड़ जमीन पर आईएमटी गाजियाबाद बना है, उसी पर एलआर पीजी एडेड कॉलेज को चौ. चरण सिंह यूनिवर्सिटी से स्थायी मान्यता मिली है। यह जमीन अब तक सीसीएसयू में बंधक है। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी की शिकायत का सीसीएसयू ने संज्ञान लेते हुए जांच को चार सदस्य कमेटी का गठन कर दिया है। विवि की कमेटी में क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजीव गुप्ता, विवि सहायक कुलसचिव डॉ. संजीव कुमार, डीएवी कॉलेज मुजफ्फरनगर के पूर्व प्राचार्य डॉ. बीके त्यागी और डीएन कॉलेज मेरठ के पूर्व प्राचार्य डॉ. वीके अग्रवाल को शामिल किया गया है। यूपीएसआईडीसी से आईएमटी के लिए अलग जमीन खरीदी थी। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने कहा कि आईएमटी कॉलेज प्रबंधन ने कॉलेज निर्माण के लिए यूपीएसआईडीसी से 1973 में जमीन खरीदी थी। राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर स्थित इस जमीन पर वर्तमान में मुख्य की जगह आईएमटी दूरस्थ शिक्षा केंद्र (सेंटर ऑफ डिस्टेंस लर्निंग) स्थापित है जबकि यहां ही आईएमटी का मुख्य कैंपस स्थापित होना था। लेकिन धांधली कर राजनगर स्थित एलआर कॉलेज की जमीन पर आईएमटी का कैंपस स्थापित कर लिया गया।
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डीएम सर्किल रेट से खुली बोली लगाकर हो वसूली
भाजपा नेता राजेंद्र त्यागी ने कहा कि आईएमटी प्रबंधन ने एलआर डिग्री कॉलेज की 54049.25 वर्ग गज जमीन पर तो आईएमटी का निर्माण किया है। इसके अलावा 10841 वर्ग मीटर जमीन पर कॉलेज प्रबंधन का 1968 से अवैध कब्जा है। इस भूखंड के दस्तावेज भी कॉलेज प्रबंधन जीडीए कमेटी के सामने प्रस्तुत नहीं कर सका था। ऐसे में उन्होंने जीडीए से अब तक के डीएम सर्किल रेट के अनुसार खुली बोली द्वारा 10841 वर्ग मीटर भूखंड की नीलामी की जानी चाहिए। साथ ही इस धांधली में लिप्त अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई होनी चाहिए।
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एलआर कॉलेज के नाम से विवि में बंधक है जमीन
वर्तमान में लाजपत एजुकेशनल सोसाइटी (पूर्व में लाजपतराय स्मारक महाविद्यालय सोसाइटी) ने एलआर कॉलेज की स्थायी मान्यता के लिए गाजियाबाद इंम्प्रूवमेंट ट्रस्ट से 1968 में 54049.25 वर्ग गज जमीन 90 वर्ष की लीज पर खरीदी थी। विवि की मान्यता के शर्तों के तहत राजनगर स्थित जमीन जिस पर आईएमटी बना है, वह सीसीएसयू में 15 एकड़ जमीन अभी तक बंधक है। एलआर कॉलेज के फंड से ही जमीन के विकास शुल्क का भुगतान किया गया। भाजपा पार्षद का आरोप है कि लीज डीड का 1971 में निष्पादन होने के बाद एलआर कॉलेज को स्थायी मान्यता मिलने के साथ यूजीसी व उत्तर प्रदेश शासन से सीसीएसयू की शर्तों के अनुसार ग्रांट मिल रही है। 1978 में राजनगर स्थित कॉलेज की जमीन पर यूजीसी की ग्रांट से छात्रावास का निर्माण किया गया। जिसे बाद में आईएमटी प्रबंधन ने तोड़ दिया। भाजपा पार्षद ने सोसाइटी के बायलॉज में सीसीएसयू की बगैर रजामंदी के परिवर्तन करने, विवि जांच कमेटी के आदेशोें की अवहेलना कर एलआर कॉलेज की जमीन हड़पने के मामले की जांच की मांग की है।
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