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गाजियाबाद बिल्डिंग हादसा: तीन बच्चों को बचाने में गई मां की जान, डॉग स्कॉयड ने खोजा शव
Fri, 01 Feb 2019 01:51 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 01 Feb 2019 01:51 AM IST
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लोनी में हादसा
- फोटो : अमर उजाला
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इकराम नगर कॉलोनी में दो मंजिला मकान में देर रात लगी आग में मां ने जान की परवाह किए बगैर बच्चों को पहली मंजिल के छज्जे से नीचे फेंक कर उनकी जान बचाई। इसके बाद वह नीचे उतरने की कोशिश करने लगी, धुएं के कारण बेहोश हो गए। इसी बीच सिलेंडर फट गया और मकान ढह गया। जिसमें दबकर फातिमा की मौत हो गई। चंद मिनट पहले मां की गोद से नीचे आए बच्चे अपनी मां को आवाज लगाते रहे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी मां अब लौट कर नहीं आएगी।
मूलरूप से बिजनौर के रहने वाले नबील सात साल पहले लोनी के इकराम नगर में रहने आए थे। इसके साथ इनके दो अन्य भाई भी रहते थे। उन्होंने अपने ही मकान में नीचे बेकरी का काम शुरू किया था। बुधवार देर रात को घर के ग्राउंड फ्लोर पर बने बेकरी में आग लग गई। आग लगने के कारण ऊपरी मंजिल तक धुआं भर गया। धुआं और आग की लपटें देखकर कर फातिमा के साथ रहे तीन बच्चे अलीशा, आयशा और आशना जोर-जोर से चीखने चिल्लाने लगे।
आनन-फानन में फातिमा तीनों को लेकर बालकनी की ओर भागी। इस दौरान बाहर लोगों की भी एकत्रित थे। फातिमा ने सबसे पहले अपने गोद में ली हुई आशना को बालकनी से नीचे फेंका। इसके बाद आयशा और फिर अलीशा को नीचे फेंका। नीचे खड़े लोगों ने तीनों बच्चों को पकड़ लिया। लेेकिन आग की लपटें और धुआं इस कदर था कि फातिमा बेहोश गईं और वह वहीं गिर गईं। तभी सिलिंडर फट गया।
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मूलरूप से बिजनौर के रहने वाले नबील सात साल पहले लोनी के इकराम नगर में रहने आए थे। इसके साथ इनके दो अन्य भाई भी रहते थे। उन्होंने अपने ही मकान में नीचे बेकरी का काम शुरू किया था। बुधवार देर रात को घर के ग्राउंड फ्लोर पर बने बेकरी में आग लग गई। आग लगने के कारण ऊपरी मंजिल तक धुआं भर गया। धुआं और आग की लपटें देखकर कर फातिमा के साथ रहे तीन बच्चे अलीशा, आयशा और आशना जोर-जोर से चीखने चिल्लाने लगे।
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आनन-फानन में फातिमा तीनों को लेकर बालकनी की ओर भागी। इस दौरान बाहर लोगों की भी एकत्रित थे। फातिमा ने सबसे पहले अपने गोद में ली हुई आशना को बालकनी से नीचे फेंका। इसके बाद आयशा और फिर अलीशा को नीचे फेंका। नीचे खड़े लोगों ने तीनों बच्चों को पकड़ लिया। लेेकिन आग की लपटें और धुआं इस कदर था कि फातिमा बेहोश गईं और वह वहीं गिर गईं। तभी सिलिंडर फट गया।
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एनडीआरएफ के डॉग ने मलबे में महिला को ढूंढा
सूचना पाकर रात करीब तीन बजे एनडीआरएफ की टीम पहुंची। टीम ने अपने महिला की तलाश की, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका। इसके बाद टीम ने महिला की तलाश के लिए डॉग स्कॉयड की मदद से तलाश शुरू की। डॉग ने करीब 10 मिनट में महिला के शव को तलाश लिया। इसके बाद टीम ने मलबा हटाकर शव को बाहर निकाला। जहां पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
एक घंटे नहीं मिला फोन, पहुंचे थाने
लोगों का आरोप है कि आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने कंट्रोल रूम और दमकल विभाग को कॉल किया था, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद लोग कोतवाली पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी। अगर समय रहते कर्मचारी फोन उठा लेते और समय पर सहायता पहुंच जाती तो महिला की भी जान बचाई जा सकती थी। एसएचओ संजय वर्मा ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इस दौरान पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
एक घंटे नहीं मिला फोन, पहुंचे थाने
लोगों का आरोप है कि आग लगने के बाद स्थानीय लोगों ने कंट्रोल रूम और दमकल विभाग को कॉल किया था, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद लोग कोतवाली पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी। अगर समय रहते कर्मचारी फोन उठा लेते और समय पर सहायता पहुंच जाती तो महिला की भी जान बचाई जा सकती थी। एसएचओ संजय वर्मा ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। इस दौरान पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
परिवार के छह सदस्य समेत 16 लोग हुए घायल
आग लगने के दौरान हुए धमाके के बाद परिवार के शाकिर(8), अलीशा (6), आयशा(4), आशना (1) वसीम, नदीम घायल हो गए। जबकि पड़ोस में रहने वाले इकरार, जावेद, मोहम्मद नईम, सेरियज खान, फइमुद्दीन, इश्तियाक, गुलजार, शाहिद अली, शहजाद, मुमतियाज, गोलू घायल हो गए। जबकि करीब 25 लोग मामूली चोटिल हुए हैं।
जन प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे
आग लगने की सूचना पर रात करीब तीन लोनी एसडीएम सतेंद्र कुमार, तहसीलदार समेत अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं बृहस्पतिवार सुबह लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर, नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा मौके पर पहुंचीं। लोनी विधायक ने घायलों और मृतका के परिजनों के आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। रंजीता धामा ने परिवार को 31 हजार रुपये नकद मदद के तौर पर दिए। इस दौरान कांग्रेस नेता हाजी शाहिद और सपा नेता उम्मेद पहलवान ने परिवार के एक सदस्यों को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपये की मदद की मांग की है।
जन प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे
आग लगने की सूचना पर रात करीब तीन लोनी एसडीएम सतेंद्र कुमार, तहसीलदार समेत अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं बृहस्पतिवार सुबह लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर, नगर पालिका अध्यक्ष रंजीता धामा मौके पर पहुंचीं। लोनी विधायक ने घायलों और मृतका के परिजनों के आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। रंजीता धामा ने परिवार को 31 हजार रुपये नकद मदद के तौर पर दिए। इस दौरान कांग्रेस नेता हाजी शाहिद और सपा नेता उम्मेद पहलवान ने परिवार के एक सदस्यों को सरकारी नौकरी और 10 लाख रुपये की मदद की मांग की है।