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Ghaziabad News: डिजिटल अरेस्ट कर 15 और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर ठगे 12.40 लाख
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गाजियाबाद। विदेश से कुरियर से ड्रग्स मंगवाने की बात कहकर साइबर ठगों ने साहिबाबाद निवासी सुनील कुमार को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट कर 15 लाख रुपये वसूल लिए। वहीं, नंदग्राम के रहने वाले नेपाल सिंह से शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 12.40 लाख रुपये ठगी की। दोनों ने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
सुनील कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 13 जुलाई को उनके पास कॉल आई। कॉलर ने बताया कि उनके नाम पर एक कुरियर मिला है। उसमें पासपोर्ट के साथ ड्रग्स हैं। इसके बाद कॉलर ने दूसरे व्यक्ति को कॉल ट्रांसफर कर दी और वीडियो कॉल पर ले लिया जो पुलिस की वर्दी में था। उसने वीडियो कॉल के माध्यम कॉल पर बने रहने का दबाव बनाया और कहीं बाहर जाने व किसी से इस बारे में बताने से भी इन्कार किया था। ऐसा करके तीन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और कहा कि मामला सुझलने पर जांच के बाद छोड़ देंगे। इसी बीच उनसे जांच प्रक्रिया का हिस्सा बताकर खाते से रुपये ट्रांसफर करने को कहा। उन्होंने दो बार में 15 लाख रुपये भेज दिए। शातिरों ने इसके बाद कॉल काट दी। उन्हें जब ठगी का पता चला तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
वहीं, नंदग्राम निवासी नेपाल सिंह ने बताया कि उन्हें एक ग्रुप में जोड़ा गया, जहां उनसे एक एप इंस्टॉल कराई गई और शेयर बाजार के बारे में कमाई के बारे में टिप्स दिए गए। बाद में उनसे शेयर दिलवाने के नाम पर रुपये लिए। करीब 12.40 लाख रुपये लेकर उन्हें एप में करीब सात करोड़ रुपये दिखाए। जब उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो रकम नहीं मिली। ठगी का एहसास होने पर पुलिस से शिकायत की। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि दोनों मामलों में ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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सुनील कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 13 जुलाई को उनके पास कॉल आई। कॉलर ने बताया कि उनके नाम पर एक कुरियर मिला है। उसमें पासपोर्ट के साथ ड्रग्स हैं। इसके बाद कॉलर ने दूसरे व्यक्ति को कॉल ट्रांसफर कर दी और वीडियो कॉल पर ले लिया जो पुलिस की वर्दी में था। उसने वीडियो कॉल के माध्यम कॉल पर बने रहने का दबाव बनाया और कहीं बाहर जाने व किसी से इस बारे में बताने से भी इन्कार किया था। ऐसा करके तीन तक डिजिटल अरेस्ट रखा और कहा कि मामला सुझलने पर जांच के बाद छोड़ देंगे। इसी बीच उनसे जांच प्रक्रिया का हिस्सा बताकर खाते से रुपये ट्रांसफर करने को कहा। उन्होंने दो बार में 15 लाख रुपये भेज दिए। शातिरों ने इसके बाद कॉल काट दी। उन्हें जब ठगी का पता चला तो उन्होंने पुलिस से शिकायत की।
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वहीं, नंदग्राम निवासी नेपाल सिंह ने बताया कि उन्हें एक ग्रुप में जोड़ा गया, जहां उनसे एक एप इंस्टॉल कराई गई और शेयर बाजार के बारे में कमाई के बारे में टिप्स दिए गए। बाद में उनसे शेयर दिलवाने के नाम पर रुपये लिए। करीब 12.40 लाख रुपये लेकर उन्हें एप में करीब सात करोड़ रुपये दिखाए। जब उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो रकम नहीं मिली। ठगी का एहसास होने पर पुलिस से शिकायत की। एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि दोनों मामलों में ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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