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Ghaziabad News: आंधी-बारिश में गिरे 125 खंभे, सात बिजली घराें की आपूर्ति ठप
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करण गेट पर लाइन का फॉल्ट ठीक करता कर्मी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। बृहस्पतिवार रात को आई आंधी में ऊर्जा निगम को भारी नुकसान हुआ है। देहात क्षेत्र में 100 और शहरी क्षेत्र में करीब 25 खंभे टूटकर गिर गए। इससे मोदीनगर मुरादनगर के सात बिजली घरों से पोषित होने वाले इलाकों की आपूर्ति बाधित हो गई। ऊर्जा निगम का इसमें 50 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है। निगम अफसरों का दावा है कि शुक्रवार दोपहर तक अधिकांश इलाकों में आपूर्ति सुचारु करा दी गई।
रात करीब 12 बजे तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इस वजह से मुरादनगर के असालतपुर, रावली, ईशाकनगर, फरीदनगर, रघुनाथपुर व मोदीनगर के गदाना देहात और टाउन बिजली घरों की आपूर्ति ठप हो गई। इन सात बिजली घरों से मोदीनगर-मुरादनगर की दो लाख से अधिक की आबादी की आपूर्ति बाधित हो गई। देहात क्षेत्र में कई जगह 33 केवी क्षमता के पोल गिरने से लाइन टूट गई। सीकरी खुर्द और फरीदनगर में खंभे और लाइन रास्ते में गिर गए। इससे आवाजाही भी रुक गई। सुबह नौ बजे ऊर्जा निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर गिरे खंभे व लाइन को हटाया। इसके बाद आवाजाही शुरू हो सकी।
असालतपुर बिजली घर की आपूर्ति को ऊर्जा निगम की टीम ने शुक्रवार को सवेरे नौ बजे बहाल करा दिया। अन्य बिजली घरों की आपूर्ति को बहाल कराने में निगम की टीम को 12 बजे के बाद तक मशक्कत करनी पड़ी। रात में लोगों का समय मुश्किल से गुजरा। लोग अपने काम पर सुबह समय से नहीं पहुंच सके।
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उनके दैनिक कार्य भी प्रभावित हुए। इस बारे में ऊर्जा निगम के जोन दो के ग्रामीण इलाके के अधीक्षण अभियंता महेश उपाध्याय ने बताया कि जैसे-जैसे सूचनाएं आईं, निगम की टीम को तत्काल सक्रिय किया गया। जहां पर कम नुकसान था, उन इलाकों की आपूर्ति को रात में ही सुचारु करा दिया गया था। जहां पर पोल टूटे गए थे, उनको दुरुस्त कराने में ज्यादा समय लग गया। सप्ताह में यह दूसरी बार है जब ऊर्जा निगम को भारी क्षति हुई है।
-शहरी क्षेत्र में नुकसान हुआ कम, आपूर्ति भी जल्दी हो गई बहाल : शहरी क्षेत्र में 25 खंभे टूटे और 10 खंभे तिरछे हो गए। तिरछे हुए पोल को सही करने में निगम की टीम को तीन, चार घंटे का समय लग गया। गाजियाबाद के महेंद्रा एन्क्लेव इलाके में साढ़े 11 बजे बिजली चली गई। करीब तीन बजे आपूर्ति को बहाल कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों का समय बाहर बीता। राजनगर, कविनगर, गोविंदपुरम, बहरामपुर, कैला भट्ठा, मेरठ रोड, राजनगर एक्सटेंशन आदि इलाकों में भी आपूर्ति बहाली में सुबह के चार बच गए। महेंद्रा एन्क्लेव के रविंद्र ने बताया कि रात में तीन, चार घंटे का समय मुश्किल से गुजरा।
आदर्शनगर के कुलदीप ने शिकायत कर आरोप लगाया है कि आपूर्ति बहाली के लिए जेई को फोन करते रहे, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाई। एसडीओ ने फोन उठाया और कहा कि इतनी जल्दी है तो खुद जाकर व्यवस्था को ठीक कर लो। उन्होंने इसको सोशल मीडिया पर लिखा तो लोगों की इसपर तरह तरह की प्रतिक्रिया आई।
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गाजियाबाद। बृहस्पतिवार रात को आई आंधी में ऊर्जा निगम को भारी नुकसान हुआ है। देहात क्षेत्र में 100 और शहरी क्षेत्र में करीब 25 खंभे टूटकर गिर गए। इससे मोदीनगर मुरादनगर के सात बिजली घरों से पोषित होने वाले इलाकों की आपूर्ति बाधित हो गई। ऊर्जा निगम का इसमें 50 लाख से ज्यादा का नुकसान हुआ है। निगम अफसरों का दावा है कि शुक्रवार दोपहर तक अधिकांश इलाकों में आपूर्ति सुचारु करा दी गई।
रात करीब 12 बजे तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इस वजह से मुरादनगर के असालतपुर, रावली, ईशाकनगर, फरीदनगर, रघुनाथपुर व मोदीनगर के गदाना देहात और टाउन बिजली घरों की आपूर्ति ठप हो गई। इन सात बिजली घरों से मोदीनगर-मुरादनगर की दो लाख से अधिक की आबादी की आपूर्ति बाधित हो गई। देहात क्षेत्र में कई जगह 33 केवी क्षमता के पोल गिरने से लाइन टूट गई। सीकरी खुर्द और फरीदनगर में खंभे और लाइन रास्ते में गिर गए। इससे आवाजाही भी रुक गई। सुबह नौ बजे ऊर्जा निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर गिरे खंभे व लाइन को हटाया। इसके बाद आवाजाही शुरू हो सकी।
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असालतपुर बिजली घर की आपूर्ति को ऊर्जा निगम की टीम ने शुक्रवार को सवेरे नौ बजे बहाल करा दिया। अन्य बिजली घरों की आपूर्ति को बहाल कराने में निगम की टीम को 12 बजे के बाद तक मशक्कत करनी पड़ी। रात में लोगों का समय मुश्किल से गुजरा। लोग अपने काम पर सुबह समय से नहीं पहुंच सके।
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उनके दैनिक कार्य भी प्रभावित हुए। इस बारे में ऊर्जा निगम के जोन दो के ग्रामीण इलाके के अधीक्षण अभियंता महेश उपाध्याय ने बताया कि जैसे-जैसे सूचनाएं आईं, निगम की टीम को तत्काल सक्रिय किया गया। जहां पर कम नुकसान था, उन इलाकों की आपूर्ति को रात में ही सुचारु करा दिया गया था। जहां पर पोल टूटे गए थे, उनको दुरुस्त कराने में ज्यादा समय लग गया। सप्ताह में यह दूसरी बार है जब ऊर्जा निगम को भारी क्षति हुई है।
-शहरी क्षेत्र में नुकसान हुआ कम, आपूर्ति भी जल्दी हो गई बहाल : शहरी क्षेत्र में 25 खंभे टूटे और 10 खंभे तिरछे हो गए। तिरछे हुए पोल को सही करने में निगम की टीम को तीन, चार घंटे का समय लग गया। गाजियाबाद के महेंद्रा एन्क्लेव इलाके में साढ़े 11 बजे बिजली चली गई। करीब तीन बजे आपूर्ति को बहाल कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों का समय बाहर बीता। राजनगर, कविनगर, गोविंदपुरम, बहरामपुर, कैला भट्ठा, मेरठ रोड, राजनगर एक्सटेंशन आदि इलाकों में भी आपूर्ति बहाली में सुबह के चार बच गए। महेंद्रा एन्क्लेव के रविंद्र ने बताया कि रात में तीन, चार घंटे का समय मुश्किल से गुजरा।
आदर्शनगर के कुलदीप ने शिकायत कर आरोप लगाया है कि आपूर्ति बहाली के लिए जेई को फोन करते रहे, लेकिन किसी ने कॉल नहीं उठाई। एसडीओ ने फोन उठाया और कहा कि इतनी जल्दी है तो खुद जाकर व्यवस्था को ठीक कर लो। उन्होंने इसको सोशल मीडिया पर लिखा तो लोगों की इसपर तरह तरह की प्रतिक्रिया आई।
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करण गेट पर लाइन का फॉल्ट ठीक करता कर्मी। संवाद

करण गेट पर लाइन का फॉल्ट ठीक करता कर्मी। संवाद

करण गेट पर लाइन का फॉल्ट ठीक करता कर्मी। संवाद

करण गेट पर लाइन का फॉल्ट ठीक करता कर्मी। संवाद

करण गेट पर लाइन का फॉल्ट ठीक करता कर्मी। संवाद