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गेंद पकडने दौड़ी बच्ची उफनते नाले में बही
Updated Sun, 22 Jul 2018 05:20 PM IST
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गेंद पकड़ने दौड़ी बच्ची उफनते नाले में बही
साहिबाबाद। श्यामपार्क मेन में शनिवार को बहन के साथ खेल रही सात साल की बच्ची उफनते नाले में बह गई। बारिश के दौरान बह रहे पानी में गेंद पकड़ने के दौरान वह नाले में चली गई। सूचना पर पहुंची दमकल, एनडीआरएफ और पुलिस की टीम ने बच्ची की तलाश शुरू की है। देर रात तक बच्ची नहीं मिल पाई थी। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी और स्थानीय लोग मौके पर खड़े होकर तमाशा देखते रहे।
जानकारी के मुताबिक श्यामपार्क मेन के मकान नंबर-543 में किराए पर रहने वाले कृष्णा उर्फ काजू सेन मूलरूप से मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। वह एक पानी के प्लांट में पानी की बोतलों की सप्लाई करते हैं। उनकी दो बेटी आरती (8) व भारती (7) और एक बेटा अनमोल (5) हैं। मकान के बाहर ही एक बिना बाउंड्री का करीब सात फीट गहरा नाला है। दोपहर करीब दो बजे भारती, बड़ी बेटी आरती पड़ोस के बच्चों के साथ बारिश में खेल रही थी। बारिश के बाद हुए जलभराव में बच्ची पानी पर तैरती एक बॉल को पकड़ने सड़क पर दौड़ी। बच्ची नाले और सड़क में फर्क नहीं समझ सकी जिस कारण नाले में गिर कर पानी के तेज बहाव में बह गई। कुछ सेकेंड तक लोगों ने नाले में बहती बच्ची का शोर सुना, लेकिन किसी ने बचाने की जहमत नहीं उठाई। सूचना पर पहुंचे बच्ची के पिता ने नाले में कूदकर तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। उसके बाद परिजनों ने दमकल और पुलिस की मदद से रात तक बच्ची की नाले में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। शाम करीब 5 बजे एनडीआरएफ की एक टीम मौके पर पहुंची और बच्ची की तलाश में जुट गई। सीओ साहिबाबाद डा. राकेश मिश्रा ने बताया कि खेलने के दौरान बच्ची के नाले में गिरने की सूचना पर पुलिस, दमकल विभाग, गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम ने तलाशी अभियान चलाया। अभी तक बच्ची बरामद नहीं हो सकी है। नगर आयुक्त सीपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट संतोष बहादुर सिंह समेत आलाधिकारियों ने मौका मुआयना किया।
इससे पहले गाजियाबाद की चमन कॉलोनी में बीते 11 और 13 मार्च को नाले में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। तब नगर निगम प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि नालों की जल्द ही सफाई करवा कर सुरक्षा के इंतजार किए जाएंगे, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ।
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नाले पर पुलिया नहीं होने से हुई घटना
श्यामपार्क मेन का नाला करीब साढ़े सात फीट गहरा है। इस नाले में श्यामपार्क एक्सटेंशन, लाजपत नगर, राजेंद्र नगर, राजीव कॉलोनी, इंद्रा कॉलोनी और जीटी रोड की कई सोसायटी का पानी आता है जो श्यामपार्क मेन से होते हुए रेलवे स्टेशन के पास से साहिबाबाद गांव की ओर जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है काफी समय से नाले पर पुलिया बनाए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि बारिश होते ही नाला उफनकर सड़क से ऊपर बहने लगता है। इस दौरान नाले का कोई पता नहीं चलता है। लोगों का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा बच्ची को भुगतना पड़ा है। बच्ची के परिजन भी निगम अधिकारी व स्थानीय पार्षद को कोसते हुए नजर आए।
दमकल के हेडकांस्टेबल ने दिखाई बहादुरी
सूचना पर पर दमकल टीम बच्ची को बचाने मौके पर पहुंची। इस दौरान गंदे नाले में कोई उतरने को तैयार नहीं हुआ तो हेडकांस्टेबल कृष्णपाल सीढ़ी की मदद से नाले में उतरे। कृष्णपाल सिंह देर शाम तक एनडीआरएफ के साथ बच्ची की नाले में तलाश करते रहे। एफएसओ दमकल अबुल अब्बास हुसैन ने बताया कि करीब 5 किमी तक नाले में बच्ची की तलाश के लिए अभियान चलाया जा चुका है।
खुद जानकारी होने पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम
एनडीआरएफ के सूत्रों ने बताया कि उन्हें घटना के बारे में अपने स्तर से पता चला। उन्हें गाजियाबाद पुलिस ने घटना की जानकारी नहीं दी। यदि समय से एनडीआरएफ को सूचना मिल जाती तो बच्ची को तलाश लिया जाता। एनडीआरएफ को समाचार देखने के बाद सूचना मिली। शाम पांच बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक बच्ची की तलाश की। हालांकि अभी तक बच्ची नहीं मिली। एनडीआरएफ कमांडेंट पीके श्रीवास्तव ने बताया कि बच्ची की तलाश के लिए एक टीम नाले में बच्ची की तलाश में उतरी है।
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साहिबाबाद। श्यामपार्क मेन में शनिवार को बहन के साथ खेल रही सात साल की बच्ची उफनते नाले में बह गई। बारिश के दौरान बह रहे पानी में गेंद पकड़ने के दौरान वह नाले में चली गई। सूचना पर पहुंची दमकल, एनडीआरएफ और पुलिस की टीम ने बच्ची की तलाश शुरू की है। देर रात तक बच्ची नहीं मिल पाई थी। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी और स्थानीय लोग मौके पर खड़े होकर तमाशा देखते रहे।
जानकारी के मुताबिक श्यामपार्क मेन के मकान नंबर-543 में किराए पर रहने वाले कृष्णा उर्फ काजू सेन मूलरूप से मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। वह एक पानी के प्लांट में पानी की बोतलों की सप्लाई करते हैं। उनकी दो बेटी आरती (8) व भारती (7) और एक बेटा अनमोल (5) हैं। मकान के बाहर ही एक बिना बाउंड्री का करीब सात फीट गहरा नाला है। दोपहर करीब दो बजे भारती, बड़ी बेटी आरती पड़ोस के बच्चों के साथ बारिश में खेल रही थी। बारिश के बाद हुए जलभराव में बच्ची पानी पर तैरती एक बॉल को पकड़ने सड़क पर दौड़ी। बच्ची नाले और सड़क में फर्क नहीं समझ सकी जिस कारण नाले में गिर कर पानी के तेज बहाव में बह गई। कुछ सेकेंड तक लोगों ने नाले में बहती बच्ची का शोर सुना, लेकिन किसी ने बचाने की जहमत नहीं उठाई। सूचना पर पहुंचे बच्ची के पिता ने नाले में कूदकर तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। उसके बाद परिजनों ने दमकल और पुलिस की मदद से रात तक बच्ची की नाले में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। शाम करीब 5 बजे एनडीआरएफ की एक टीम मौके पर पहुंची और बच्ची की तलाश में जुट गई। सीओ साहिबाबाद डा. राकेश मिश्रा ने बताया कि खेलने के दौरान बच्ची के नाले में गिरने की सूचना पर पुलिस, दमकल विभाग, गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम ने तलाशी अभियान चलाया। अभी तक बच्ची बरामद नहीं हो सकी है। नगर आयुक्त सीपी सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट संतोष बहादुर सिंह समेत आलाधिकारियों ने मौका मुआयना किया।
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इससे पहले गाजियाबाद की चमन कॉलोनी में बीते 11 और 13 मार्च को नाले में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई थी। तब नगर निगम प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि नालों की जल्द ही सफाई करवा कर सुरक्षा के इंतजार किए जाएंगे, पर ऐसा कुछ नहीं हुआ।
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नाले पर पुलिया नहीं होने से हुई घटना
श्यामपार्क मेन का नाला करीब साढ़े सात फीट गहरा है। इस नाले में श्यामपार्क एक्सटेंशन, लाजपत नगर, राजेंद्र नगर, राजीव कॉलोनी, इंद्रा कॉलोनी और जीटी रोड की कई सोसायटी का पानी आता है जो श्यामपार्क मेन से होते हुए रेलवे स्टेशन के पास से साहिबाबाद गांव की ओर जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है काफी समय से नाले पर पुलिया बनाए जाने की मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि बारिश होते ही नाला उफनकर सड़क से ऊपर बहने लगता है। इस दौरान नाले का कोई पता नहीं चलता है। लोगों का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा बच्ची को भुगतना पड़ा है। बच्ची के परिजन भी निगम अधिकारी व स्थानीय पार्षद को कोसते हुए नजर आए।
दमकल के हेडकांस्टेबल ने दिखाई बहादुरी
सूचना पर पर दमकल टीम बच्ची को बचाने मौके पर पहुंची। इस दौरान गंदे नाले में कोई उतरने को तैयार नहीं हुआ तो हेडकांस्टेबल कृष्णपाल सीढ़ी की मदद से नाले में उतरे। कृष्णपाल सिंह देर शाम तक एनडीआरएफ के साथ बच्ची की नाले में तलाश करते रहे। एफएसओ दमकल अबुल अब्बास हुसैन ने बताया कि करीब 5 किमी तक नाले में बच्ची की तलाश के लिए अभियान चलाया जा चुका है।
खुद जानकारी होने पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम
एनडीआरएफ के सूत्रों ने बताया कि उन्हें घटना के बारे में अपने स्तर से पता चला। उन्हें गाजियाबाद पुलिस ने घटना की जानकारी नहीं दी। यदि समय से एनडीआरएफ को सूचना मिल जाती तो बच्ची को तलाश लिया जाता। एनडीआरएफ को समाचार देखने के बाद सूचना मिली। शाम पांच बजे एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे तक बच्ची की तलाश की। हालांकि अभी तक बच्ची नहीं मिली। एनडीआरएफ कमांडेंट पीके श्रीवास्तव ने बताया कि बच्ची की तलाश के लिए एक टीम नाले में बच्ची की तलाश में उतरी है।