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छह जनवरी तक छोटे-बड़े उद्योग बंद
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छह जनवरी तक छोटे-बड़े उद्योग बंद
गाजियाबाद। बढ़ते प्रदूषण स्तर व कुंभ के दौरान गंगा में दूषित पानी को जाने से रोकने को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई। डीएम ने जल निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व अन्य विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंगा से जुड़ी सहायक नदियों में दूषित जाने से रोका जाए। ऐसे सभी छोटी बड़ी फैक्ट्रियों को तत्काल बंद कराया जाए जो दूषित पानी छोड़ रही हैं। उधर, साहिबाबाद ड्रेन व लोनी ड्रेन से जुड़े नालों का पानी ट्रीट किए जाने के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने के लिए डीपीआर बनाने की कार्रवाई निगम व जीडीए द्वारा हर हाल में फरवरी 2019 तक पूरी कर ली जाए।
बैठक में प्रदूषण विभाग के अधिकारियों की तरफ से जानकारी दी गई। जिले में 24 बड़े व 233 छोटी इकाइयां हैं। इसमें से कुछ के अंदर दूषित पाने को साफ किए जाने के पर्याप्त संसाधन नहीं है। इस पर डीएम रितु माहेश्वरी ने कहा कि पशु वधशाला, चीनी, पल्स एंड पेपर, टैनरी, टेक्सटाइल व अन्य उद्योग जो भी दूषित पानी छोड़ रहे हैं, उन्हें 6 जनवरी तक हर हाल में बंद करा दिया जाए। इसके साथ ही ईंट भट्टों को जिग-जैग व्यवस्था होने के बाद ही संचालित किया जाए। जिले में खुले में कूड़ा चलाने की व्यवस्था पर निरंतर प्रभारी कार्रवाई की जाए। बैठक में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान धूल न उड़े इसके लिए एनएचएआई के अधिकारी पर्याप्त इंतजाम कराएं।
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गाजियाबाद। बढ़ते प्रदूषण स्तर व कुंभ के दौरान गंगा में दूषित पानी को जाने से रोकने को लेकर शुक्रवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई। डीएम ने जल निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व अन्य विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंगा से जुड़ी सहायक नदियों में दूषित जाने से रोका जाए। ऐसे सभी छोटी बड़ी फैक्ट्रियों को तत्काल बंद कराया जाए जो दूषित पानी छोड़ रही हैं। उधर, साहिबाबाद ड्रेन व लोनी ड्रेन से जुड़े नालों का पानी ट्रीट किए जाने के लिए सीवर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जाने के लिए डीपीआर बनाने की कार्रवाई निगम व जीडीए द्वारा हर हाल में फरवरी 2019 तक पूरी कर ली जाए।
बैठक में प्रदूषण विभाग के अधिकारियों की तरफ से जानकारी दी गई। जिले में 24 बड़े व 233 छोटी इकाइयां हैं। इसमें से कुछ के अंदर दूषित पाने को साफ किए जाने के पर्याप्त संसाधन नहीं है। इस पर डीएम रितु माहेश्वरी ने कहा कि पशु वधशाला, चीनी, पल्स एंड पेपर, टैनरी, टेक्सटाइल व अन्य उद्योग जो भी दूषित पानी छोड़ रहे हैं, उन्हें 6 जनवरी तक हर हाल में बंद करा दिया जाए। इसके साथ ही ईंट भट्टों को जिग-जैग व्यवस्था होने के बाद ही संचालित किया जाए। जिले में खुले में कूड़ा चलाने की व्यवस्था पर निरंतर प्रभारी कार्रवाई की जाए। बैठक में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान धूल न उड़े इसके लिए एनएचएआई के अधिकारी पर्याप्त इंतजाम कराएं।
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