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जिले में बनेगा निर्धन छात्रों के लिए आवासीय विद्यालय
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:48 PM IST
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जिले में बनेगा निर्धन छात्रों के लिए आवासीय विद्यालय
बेहतर स्कूलों में पढ़ने का सपना संजोए गरीब छात्रों के लिए अच्छी खबर है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही उन्हें भी एक हाईटेक स्कूल में पढ़ने का मौका मिलेगा।
प्रदेश सरकार जल्द ही हापुड़ समेत सूबे के 16 जिलों में नवोदय विद्यालय की तर्ज पर राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय की स्थापना करने जा रही है। जिले में इसके लिए पांच एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है।
प्रदेश सरकार की मंशा है कि पढ़ाई से वंचित बच्चों को भी अच्छी गुणवत्ता परख शिक्षा मुहैया कराई जाए। इसी कारण प्रदेश सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है।
सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) से इसे मान्यता दी जाएगी। संचालन की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग के पास रहेगी।
दरअसल, यह विद्यालय पूरी तरह से आवासीय होंगे। स्कूल परिसर में हॉस्टल के साथ कंप्यूटर एवं पुस्तकालय की भी व्यवस्था रहेगी। चार रूम सेट की स्थापना होगी। सभी को मुफ्त में शिक्षा दी जाएगी। कॉपी, किताब के साथ ही यूनिफार्म और भोजन भी मुफ्त मिलेगा।
इन स्कूलों में मेरिट के आधार पर छात्रों का चयन किया जाएगा। कुल 480 छात्रों का चयन होगा। अभी एक से 12 तक कक्षाएं लगेंगी। इसके बाद 2021 में पांच तक कक्षाएं खत्म कर दी जाएंगी।
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इसके बाद केवल छह से 12 तक स्कूल का संचालन होगा। विद्यालय में 15 प्रतिशत छात्र शहरी एवं 85 प्रतिशत छात्र देहात क्षेत्र के होंगे। इनमें 60 प्रतिशत छात्र अनुसूचित जाति के, 25 प्रतिशत छात्र पिछड़ा वर्ग और 15 प्रतिशत छात्र सामान्य वर्ग के होंगे।
करीब पांच एकड़ भूमि में विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा।
इसके निर्माण के लिए कमेटी भी बनायी जाएगी। जिसमें समाज कल्याण अधिकारी, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डीआइओएस, एक महिला एवं एक पुरुष अभिभावक, विद्यालय के प्राचार्य कमेटी के सदस्य होंगे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी कृष्णा प्रसाद ने बताया कि स्कूल के लिए शासन से हरी झंडी मिल चुकी है। आवासीय स्कूल होने के कारण ऐसी भूमि को चिन्हित करने का प्रयास किया जा रहा है जो सड़क के करीब हो।
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बेहतर स्कूलों में पढ़ने का सपना संजोए गरीब छात्रों के लिए अच्छी खबर है। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही उन्हें भी एक हाईटेक स्कूल में पढ़ने का मौका मिलेगा।
प्रदेश सरकार जल्द ही हापुड़ समेत सूबे के 16 जिलों में नवोदय विद्यालय की तर्ज पर राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय की स्थापना करने जा रही है। जिले में इसके लिए पांच एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है।
प्रदेश सरकार की मंशा है कि पढ़ाई से वंचित बच्चों को भी अच्छी गुणवत्ता परख शिक्षा मुहैया कराई जाए। इसी कारण प्रदेश सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है।
सीबीएसई (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) से इसे मान्यता दी जाएगी। संचालन की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग के पास रहेगी।
दरअसल, यह विद्यालय पूरी तरह से आवासीय होंगे। स्कूल परिसर में हॉस्टल के साथ कंप्यूटर एवं पुस्तकालय की भी व्यवस्था रहेगी। चार रूम सेट की स्थापना होगी। सभी को मुफ्त में शिक्षा दी जाएगी। कॉपी, किताब के साथ ही यूनिफार्म और भोजन भी मुफ्त मिलेगा।
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इन स्कूलों में मेरिट के आधार पर छात्रों का चयन किया जाएगा। कुल 480 छात्रों का चयन होगा। अभी एक से 12 तक कक्षाएं लगेंगी। इसके बाद 2021 में पांच तक कक्षाएं खत्म कर दी जाएंगी।
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इसके बाद केवल छह से 12 तक स्कूल का संचालन होगा। विद्यालय में 15 प्रतिशत छात्र शहरी एवं 85 प्रतिशत छात्र देहात क्षेत्र के होंगे। इनमें 60 प्रतिशत छात्र अनुसूचित जाति के, 25 प्रतिशत छात्र पिछड़ा वर्ग और 15 प्रतिशत छात्र सामान्य वर्ग के होंगे।
करीब पांच एकड़ भूमि में विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा।
इसके निर्माण के लिए कमेटी भी बनायी जाएगी। जिसमें समाज कल्याण अधिकारी, प्राचार्य जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डीआइओएस, एक महिला एवं एक पुरुष अभिभावक, विद्यालय के प्राचार्य कमेटी के सदस्य होंगे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी कृष्णा प्रसाद ने बताया कि स्कूल के लिए शासन से हरी झंडी मिल चुकी है। आवासीय स्कूल होने के कारण ऐसी भूमि को चिन्हित करने का प्रयास किया जा रहा है जो सड़क के करीब हो।